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जशपुर जिले के करदाना घाट में ट्रक और नियंत्रित होकर जंगल में घुस गया जशपुर जिले के करदाना घाटमें अनियंत्रित होकर ट्रक जंगल में घुस गया हालांकि एक बहुत बड़ा हादसा टूटा लग गया क्योंकि किसी की मौत हुई नहीं यह सिर्फ तेज रफ्तार चलने पर हुआ है सावधानी बरतना जरूरी है धन्यवाद आप भी वारते

2 hrs ago
user_JASHPUR ZONE
JASHPUR ZONE
जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

जशपुर जिले के करदाना घाट में ट्रक और नियंत्रित होकर जंगल में घुस गया जशपुर जिले के करदाना घाटमें अनियंत्रित होकर ट्रक जंगल में घुस गया हालांकि एक बहुत बड़ा हादसा टूटा लग गया क्योंकि किसी की मौत हुई नहीं यह सिर्फ तेज रफ्तार चलने पर हुआ है सावधानी बरतना जरूरी है धन्यवाद आप भी वारते

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  • शक्ति का संचार (भाव आना): धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जब भक्ति और मंत्रोच्चार अपने चरम पर होते हैं, तो भक्त के शरीर में देवी की दिव्य ऊर्जा या 'शक्ति' का प्रवेश होता है। इस अवस्था को 'भाव आना' कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अनियंत्रित रूप से झूमने या डोलने लगता है। आध्यात्मिक तल्लीनता: भजन और कीर्तन की लय पर पंडा पूरी तरह से देवी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह शारीरिक हलचल उनके गहरे ध्यान और समर्पण की अभिव्यक्ति होती है, जहाँ वे बाहरी दुनिया को भूलकर ईश्वर से जुड़ जाते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: नवरात्रि में वातावरण मंत्रों और धूप-दीप से अत्यंत ऊर्जावान होता है। पंडा, जो नौ दिनों तक कड़ा उपवास और साधना करते हैं, इस ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके शरीर में कंपन या झूपना शुरू हो जाता है।
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    शक्ति का संचार (भाव आना): धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जब भक्ति और मंत्रोच्चार अपने चरम पर होते हैं, तो भक्त के शरीर में देवी की दिव्य ऊर्जा या 'शक्ति' का प्रवेश होता है। इस अवस्था को 'भाव आना' कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अनियंत्रित रूप से झूमने या डोलने लगता है।
आध्यात्मिक तल्लीनता: भजन और कीर्तन की लय पर पंडा पूरी तरह से देवी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह शारीरिक हलचल उनके गहरे ध्यान और समर्पण की अभिव्यक्ति होती है, जहाँ वे बाहरी दुनिया को भूलकर ईश्वर से जुड़ जाते हैं।
सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: नवरात्रि में वातावरण मंत्रों और धूप-दीप से अत्यंत ऊर्जावान होता है। पंडा, जो नौ दिनों तक कड़ा उपवास और साधना करते हैं, इस ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके शरीर में कंपन या झूपना शुरू हो जाता है।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    6 hrs ago
  • heart ink tattoo Studio & Laser Centre men Road Gumla
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    heart ink tattoo Studio & Laser Centre men Road Gumla
    user_Pawan arya
    Pawan arya
    Art Therapist गुमला, गुमला, झारखंड•
    13 hrs ago
  • रामविचर नेताम कृषि मंत्री छत्तीसगढ़
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    रामविचर नेताम कृषि मंत्री छत्तीसगढ़
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • प्रशासन ने रामनवमी अखाड़ा समिति अध्यक्ष एवं डीजे संचालक के साथ बैठक सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन किया साझा
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    प्रशासन ने रामनवमी अखाड़ा समिति अध्यक्ष एवं डीजे संचालक के साथ बैठक सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन किया साझा
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • रायगढ़। जिले का ग्राम गेजामुड़ा आज एक 'पुलिस छावनी' में तब्दील हो गया है। जिस जमीन पर किसान कल तक हल चला रहे थे, आज वहां भारी मशीनों का शोर और बूटों की धमक है। प्रशासन और अडानी प्रबंधन ने मिलकर किसानों के कड़े विरोध को दरकिनार करते हुए रेलवे लाइन का काम 'जबरन' शुरू करा दिया है। युवा किसान ऋषि पटेल की गिरफ्तारी महज एक 'बड़े ऑपरेशन' की पहली सीढ़ी थी, जिसकी परिणति आज गांव में भारी पुलिसिया कार्रवाई के रूप में देखने को मिली। कोतरा रोड थाने में वार्ता विफल : 'न्याय' बनाम 'अड़ियल' रवैया - रविवार दोपहर को गेजामुड़ा के हालातों पर चर्चा के लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी और पुलिस के आला अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कोतरा रोड थाने में बैठक की। बंद कमरे में हुई इस वार्ता में किसानों ने दो टूक शब्दों में अपनी मांगें रखीं: ​उनकी अधिग्रहित जमीन का 100% मुआवजा तत्काल दिया जाए। ​कल 'सरकारी काम में बाधा' डालने के कथित झूठे आरोप में जेल भेजे गए युवा किसान ऋषि पटेल को ससम्मान रिहा किया जाए। विवाद की जड़ : अडानी प्रबंधन केवल 50% मुआवजा देने की अपनी पुरानी शर्त पर अड़ा रहा। कंपनी के इसी अड़ियल रुख के कारण वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैठक से बाहर निकलते ही साफ कह दिया - "हम मर जाएंगे, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन कौड़ियों के दाम पर नहीं देंगे।" बाउंसरों की 'प्राइवेट आर्मी' और सरकारी तंत्र का गठबंधन - जैसे ही वार्ता विफल होने की खबर गांव पहुंची, प्रशासन और कंपनी ने अपना असली रंग दिखा दिया। गांव में गाड़ियों में भरकर अडानी के 'निजी बाउंसरों' की फौज उतारी गई। यह दृश्य हैरान करने वाला था - एक तरफ राज्य का संवैधानिक पुलिस बल था, तो दूसरी तरफ एक निजी कंपनी के बाउंसर, जो ग्रामीणों को डराने-धमकाने के लिए तैनात किए गए थे। ​रायगढ़ प्रशासनिक सहयोग के साथ, भारी मशीनों को खेतों में उतारा गया और रेल लाइन का काम सख्ती से शुरू कर दिया गया। अपने ही गांव में किसान बेबस नजर आए, जबकि कंपनी को 'खुली छूट' दे दी गई। महिलाओं और बुजुर्गों पर बरसी 'सख्ती', दर्जन भर हिरासत में - अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी जमीन को छिनते और खेतों को खुदे देख जब ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग विरोध करने के लिए मशीनों के आगे आए, तो पुलिस ने भारी सख्ती दिखाई। जबरन कार्रवाई : अपना हक मांग रहे दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) को पुलिस ने घसीटकर गाड़ियों में भरा और हिरासत में ले लिया। दहशत का माहौल : पिछले दो दिनों के घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि जो भी कंपनी के काम में 'दीवार' बनेगा, उसका हश्र ऋषि पटेल जैसा ही होगा। गांव के गली-मोहल्लों में अब केवल पुलिस का पहरा और सन्नाटा है। विकास की कीमत पर अन्नदाता की बलि? - ​गेजामुड़ा की यह तस्वीर लोकतंत्र के लिए कई गंभीर सवाल छोड़ती है। क्या विकास का रास्ता केवल किसानों की बेबसी से होकर गुजरता है? क्या प्रशासन का दायित्व केवल कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स को सुरक्षा देना है, न कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना? फिलहाल, गेजामुड़ा में मशीनों का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीणों के मन में पनप रहा यह आक्रोश आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन की आहट दे रहा है।
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    रायगढ़। जिले का ग्राम गेजामुड़ा आज एक 'पुलिस छावनी' में तब्दील हो गया है। जिस जमीन पर किसान कल तक हल चला रहे थे, आज वहां भारी मशीनों का शोर और बूटों की धमक है। प्रशासन और अडानी प्रबंधन ने मिलकर किसानों के कड़े विरोध को दरकिनार करते हुए रेलवे लाइन का काम 'जबरन' शुरू करा दिया है। युवा किसान ऋषि पटेल की गिरफ्तारी महज एक 'बड़े ऑपरेशन' की पहली सीढ़ी थी, जिसकी परिणति आज गांव में भारी पुलिसिया कार्रवाई के रूप में देखने को मिली।
कोतरा रोड थाने में वार्ता विफल : 'न्याय' बनाम 'अड़ियल' रवैया - रविवार दोपहर को गेजामुड़ा के हालातों पर चर्चा के लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी और पुलिस के आला अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कोतरा रोड थाने में बैठक की। बंद कमरे में हुई इस वार्ता में किसानों ने दो टूक शब्दों में अपनी मांगें रखीं:
​उनकी अधिग्रहित जमीन का 100% मुआवजा तत्काल दिया जाए।
​कल 'सरकारी काम में बाधा' डालने के कथित झूठे आरोप में जेल भेजे गए युवा किसान ऋषि पटेल को ससम्मान रिहा किया जाए।
विवाद की जड़ : अडानी प्रबंधन केवल 50% मुआवजा देने की अपनी पुरानी शर्त पर अड़ा रहा। कंपनी के इसी अड़ियल रुख के कारण वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैठक से बाहर निकलते ही साफ कह दिया - "हम मर जाएंगे, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन कौड़ियों के दाम पर नहीं देंगे।"
बाउंसरों की 'प्राइवेट आर्मी' और सरकारी तंत्र का गठबंधन - जैसे ही वार्ता विफल होने की खबर गांव पहुंची, प्रशासन और कंपनी ने अपना असली रंग दिखा दिया। गांव में गाड़ियों में भरकर अडानी के 'निजी बाउंसरों' की फौज उतारी गई। यह दृश्य हैरान करने वाला था - एक तरफ राज्य का संवैधानिक पुलिस बल था, तो दूसरी तरफ एक निजी कंपनी के बाउंसर, जो ग्रामीणों को डराने-धमकाने के लिए तैनात किए गए थे।
​रायगढ़ प्रशासनिक सहयोग के साथ, भारी मशीनों को खेतों में उतारा गया और रेल लाइन का काम सख्ती से शुरू कर दिया गया। अपने ही गांव में किसान बेबस नजर आए, जबकि कंपनी को 'खुली छूट' दे दी गई।
महिलाओं और बुजुर्गों पर बरसी 'सख्ती', दर्जन भर हिरासत में - अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी जमीन को छिनते और खेतों को खुदे देख जब ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग विरोध करने के लिए मशीनों के आगे आए, तो पुलिस ने भारी सख्ती दिखाई।
जबरन कार्रवाई : अपना हक मांग रहे दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) को पुलिस ने घसीटकर गाड़ियों में भरा और हिरासत में ले लिया।
दहशत का माहौल : पिछले दो दिनों के घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि जो भी कंपनी के काम में 'दीवार' बनेगा, उसका हश्र ऋषि पटेल जैसा ही होगा। गांव के गली-मोहल्लों में अब केवल पुलिस का पहरा और सन्नाटा है।
विकास की कीमत पर अन्नदाता की बलि? - ​गेजामुड़ा की यह तस्वीर लोकतंत्र के लिए कई गंभीर सवाल छोड़ती है। क्या विकास का रास्ता केवल किसानों की बेबसी से होकर गुजरता है? क्या प्रशासन का दायित्व केवल कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स को सुरक्षा देना है, न कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना? फिलहाल, गेजामुड़ा में मशीनों का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीणों के मन में पनप रहा यह आक्रोश आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन की आहट दे रहा है।
    user_RM24 News
    RM24 News
    Newspaper publisher लैलूंगा, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • रांची के सरहुल शोभायात्रा में पिपर टोली, में जो झांकी तैयार किया गया था,उसमें किस प्रकार से झारखण्ड के लोग खुद की जमीन के मालिक होते हुवे,भी दारू,शराब के बोतल में कैसे क्या से क्या बना दिया ओर बोतल बेचने वालों ने कैसे महल खड़ा कर दिए ,ओर ये झांकी से झारखंडी भाइयों को शिख देने का प्रयास किया गया है।
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    रांची के सरहुल शोभायात्रा में  पिपर टोली, में जो झांकी तैयार किया गया था,उसमें किस प्रकार से झारखण्ड के लोग खुद की जमीन के मालिक होते हुवे,भी दारू,शराब के बोतल में कैसे क्या से क्या बना दिया ओर बोतल बेचने वालों ने कैसे महल खड़ा कर दिए ,ओर ये झांकी से झारखंडी भाइयों को शिख देने का प्रयास किया गया है।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    लापुंग, रांची, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सिमडेगा:- भारत की जनगणना-2027 को पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार, सिमडेगा में जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला, अनुमंडल, शहर, चार्ज एवं अपर चार्ज जनगणना पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय तथा तकनीकी सहायकों के लिए एक दिवसीय सत्र निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना पर केंद्रित है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी कंचन सिंह, जिला जनगणना पदाधिकारी- सह-अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी -सह- प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अरुणा कुमारी, उप निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय झारखंड रांची गजेंद्र गुप्ता तथा सांख्यिकीय अन्वेषक-सह-सिमडेगा के नोडल प्रतीक सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। *इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जाती हैं। अतः सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और सजगता से करें।उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को जनगणना प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या जानकारी के अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो और सभी के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनगणना-2027 की मार्गदर्शिका का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय के उप निदेशक गजेंद्र गुप्ता ने प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों को उनके कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि किस प्रकार प्रगणक द्वारा सटीक एवं प्रमाणिक आंकड़ों का इंट्री पोर्टल में निर्धारित डिजिटल प्रणाली में अपलोड किया जाएगा। उसका निगरानी पर्यवेक्षक द्वारा की जायेगी,।साथ ही कार्यों की समय-सीमा और उसके पूर्णता की जानकारी उन्हें दिखाई देगी।* प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को डाटा इंट्री की विधि, एस ओ आई तथा एंड्राइड मोबाइल उपकरणों के उपयोग, ऑनलाइन डाटा एंट्री, तकनीकी समस्याओं के समाधान ,नेटवर्क की आवश्यकता तथा मैदानी कार्यों के संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण में भवनों तथा मकानों के सूचीकारण और प्रक्रियाओं को व्यावहारिक इंट्री की क्रमबद्धता समझाया गया तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना के तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं में दक्ष बनाना है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न किया जा सके। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी एवं तकनीकी सहायक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी- सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी पलटू महतो, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार, ईडीएम चंद्रशेखर कुमार सहित सभी चार्ज जनगणना पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    सिमडेगा:- भारत की जनगणना-2027 को पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार, सिमडेगा में जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला, अनुमंडल, शहर, चार्ज एवं अपर चार्ज जनगणना पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय तथा तकनीकी सहायकों के लिए एक दिवसीय सत्र निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना पर केंद्रित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी  कंचन सिंह, जिला जनगणना पदाधिकारी- सह-अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी -सह- प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अरुणा कुमारी, उप निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय झारखंड रांची गजेंद्र गुप्ता तथा सांख्यिकीय अन्वेषक-सह-सिमडेगा के नोडल  प्रतीक सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
*इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जाती हैं। अतः सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और सजगता से करें।उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को जनगणना प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या जानकारी के अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो और सभी के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनगणना-2027 की मार्गदर्शिका का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय के उप निदेशक  गजेंद्र गुप्ता ने प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों को उनके कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि किस प्रकार प्रगणक द्वारा सटीक एवं प्रमाणिक आंकड़ों का इंट्री पोर्टल में निर्धारित डिजिटल प्रणाली में अपलोड किया जाएगा। उसका निगरानी पर्यवेक्षक द्वारा की जायेगी,।साथ ही कार्यों की समय-सीमा और उसके पूर्णता की जानकारी उन्हें दिखाई देगी।*
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को डाटा इंट्री की विधि, एस ओ आई तथा एंड्राइड मोबाइल  उपकरणों के उपयोग, ऑनलाइन डाटा एंट्री, तकनीकी समस्याओं के समाधान ,नेटवर्क की आवश्यकता तथा मैदानी कार्यों के संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण में भवनों तथा  मकानों के सूचीकारण   और प्रक्रियाओं को व्यावहारिक  इंट्री की क्रमबद्धता  समझाया गया तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना के तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं में दक्ष बनाना है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न किया जा सके। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी एवं तकनीकी सहायक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी- सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी  पलटू महतो, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी  प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी  गौरव कुमार, ईडीएम चंद्रशेखर कुमार सहित सभी चार्ज जनगणना पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • जानकारी के अनुसार नाबालिक बालिका 24 फरवरी कि सुबह तक़रीबन 8 बजे अपने घर से दसवीं कि परीक्षा देने के लिए निकली थी,लेकिन आधे रास्ते में क्या होने वाला ये उसे भी नहीं पता था,पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि इष्टा राणा नाम के एक व्यक्ति से उसकी दोस्ती फोन के माध्यम से हुई थी। इष्टा राणा ने शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ओडिशा भगा कर ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना पर पाया कि छात्रा ओडिशा के एक गांव में इष्टा राणा के साथ है। पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर पीड़िता को ओड़िसा से बरामद किया और सुपुर्द को सौंप दिया और आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। ‎ ‎आरोपी इष्टा राणा के विरुद्ध थाना पत्थलगांव में BNS की धारा 137(2),64(2)(M),65(1) व 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। ‎ 🚨‎जशपुर पुलिस द्वारा शक्त सन्देश महिलाओं एवं नाबालिको के साथ छेड़ छाड़ करने वाले व्यक्ति को बक्सा नहीं जायेगा सूचना मिलते ही तत्काल कड़ी कार्यवाही कि जाएगी।
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    जानकारी के अनुसार नाबालिक बालिका 24 फरवरी कि सुबह तक़रीबन 8 बजे अपने घर से दसवीं कि परीक्षा देने के लिए निकली थी,लेकिन आधे रास्ते में क्या होने वाला ये उसे भी नहीं पता था,पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि इष्टा राणा नाम के एक व्यक्ति से उसकी दोस्ती फोन के माध्यम से हुई थी। इष्टा राणा ने शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ओडिशा भगा कर ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना पर पाया कि छात्रा ओडिशा के एक गांव में इष्टा राणा के साथ है। पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर पीड़िता को ओड़िसा से बरामद किया और सुपुर्द को सौंप दिया और आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
‎
‎आरोपी इष्टा राणा के विरुद्ध थाना पत्थलगांव में BNS की धारा 137(2),64(2)(M),65(1) व 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
‎
🚨‎जशपुर पुलिस द्वारा शक्त सन्देश महिलाओं एवं नाबालिको के साथ छेड़ छाड़ करने वाले व्यक्ति को बक्सा नहीं जायेगा सूचना मिलते ही तत्काल कड़ी कार्यवाही कि जाएगी।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    8 hrs ago
  • Post by AAM JANATA
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    Post by AAM JANATA
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    5 hrs ago
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