जनगणना-2027 को लेकर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, सिमडेगा:- भारत की जनगणना-2027 को पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार, सिमडेगा में जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला, अनुमंडल, शहर, चार्ज एवं अपर चार्ज जनगणना पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय तथा तकनीकी सहायकों के लिए एक दिवसीय सत्र निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना पर केंद्रित है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी कंचन सिंह, जिला जनगणना पदाधिकारी- सह-अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी -सह- प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अरुणा कुमारी, उप निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय झारखंड रांची गजेंद्र गुप्ता तथा सांख्यिकीय अन्वेषक-सह-सिमडेगा के नोडल प्रतीक सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। *इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जाती हैं। अतः सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और सजगता से करें।उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को जनगणना प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या जानकारी के अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो और सभी के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनगणना-2027 की मार्गदर्शिका का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय के उप निदेशक गजेंद्र गुप्ता ने प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों को उनके कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि किस प्रकार प्रगणक द्वारा सटीक एवं प्रमाणिक आंकड़ों का इंट्री पोर्टल में निर्धारित डिजिटल प्रणाली में अपलोड किया जाएगा। उसका निगरानी पर्यवेक्षक द्वारा की जायेगी,।साथ ही कार्यों की समय-सीमा और उसके पूर्णता की जानकारी उन्हें दिखाई देगी।* प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को डाटा इंट्री की विधि, एस ओ आई तथा एंड्राइड मोबाइल उपकरणों के उपयोग, ऑनलाइन डाटा एंट्री, तकनीकी समस्याओं के समाधान ,नेटवर्क की आवश्यकता तथा मैदानी कार्यों के संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण में भवनों तथा मकानों के सूचीकारण और प्रक्रियाओं को व्यावहारिक इंट्री की क्रमबद्धता समझाया गया तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना के तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं में दक्ष बनाना है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न किया जा सके। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी एवं तकनीकी सहायक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी- सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी पलटू महतो, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार, ईडीएम चंद्रशेखर कुमार सहित सभी चार्ज जनगणना पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जनगणना-2027 को लेकर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, सिमडेगा:- भारत की जनगणना-2027 को पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार, सिमडेगा में जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला, अनुमंडल, शहर, चार्ज एवं अपर चार्ज जनगणना पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय तथा तकनीकी सहायकों के लिए एक दिवसीय सत्र निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना पर केंद्रित है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी कंचन सिंह, जिला जनगणना पदाधिकारी- सह-अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी -सह- प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अरुणा कुमारी, उप निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय झारखंड रांची गजेंद्र गुप्ता तथा सांख्यिकीय अन्वेषक-सह-सिमडेगा के नोडल प्रतीक सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। *इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जाती हैं। अतः सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और सजगता से करें।उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को जनगणना प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या जानकारी के अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो और सभी के सहयोग से यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनगणना-2027 की मार्गदर्शिका का गहन अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय के उप निदेशक गजेंद्र गुप्ता ने प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों को उनके कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि किस प्रकार प्रगणक द्वारा सटीक एवं प्रमाणिक आंकड़ों का इंट्री पोर्टल में निर्धारित डिजिटल प्रणाली में अपलोड किया जाएगा। उसका निगरानी पर्यवेक्षक द्वारा की जायेगी,।साथ ही कार्यों की समय-सीमा और उसके पूर्णता की जानकारी उन्हें दिखाई देगी।* प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को डाटा इंट्री की विधि, एस ओ आई तथा एंड्राइड मोबाइल उपकरणों के उपयोग, ऑनलाइन डाटा एंट्री, तकनीकी समस्याओं के समाधान ,नेटवर्क की आवश्यकता तथा मैदानी कार्यों के संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण में भवनों तथा मकानों के सूचीकारण और प्रक्रियाओं को व्यावहारिक इंट्री की क्रमबद्धता समझाया गया तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना के तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं में दक्ष बनाना है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न किया जा सके। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी एवं तकनीकी सहायक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी- सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी पलटू महतो, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार, ईडीएम चंद्रशेखर कुमार सहित सभी चार्ज जनगणना पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- सिमडेगा:- जिले में बाल एवं किशोर श्रम पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को बांसजोर प्रखंड में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार,श्रम अधीक्षक कार्यालय एवं बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने विभिन्न दुकानों,होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों में जाकर बाल श्रम की स्थिति का गहन निरीक्षण किया और संचालकों को बाल श्रम निषेध से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।अधिकारियों ने चेतावनी दी कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना दंडनीय अपराध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रम करते हुए बच्चे नहीं मिले,जिसे अधिकारियों ने राहत भरी स्थिति बताते हुए संतोष व्यक्त किया। हालांकि,टीम ने सभी संचालकों को भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी कि बाल श्रम से पूरी तरह दूर रहें,अन्यथा कार्रवाई तय है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षा से जुड़ा है,न कि मजदूरी से। उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के समग्र विकास में बाधक है,इसलिए इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें,ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण और शिक्षा का अधिकार मिल सके। श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में श्रम विभाग व पारा लीगल वोलेंटियर सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- जशपुर जिले के करदाना घाटमें अनियंत्रित होकर ट्रक जंगल में घुस गया हालांकि एक बहुत बड़ा हादसा टूटा लग गया क्योंकि किसी की मौत हुई नहीं यह सिर्फ तेज रफ्तार चलने पर हुआ है सावधानी बरतना जरूरी है धन्यवाद आप भी वारते1
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- Post by Nikhil Chauhan1
- चैनपुर: प्रखंड संसाधन केन्द्र चैनपुर के तत्वावधान में सोमवार को अनुमंडल पुस्तकालय, चैनपुर में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रखंड स्तरीय हेडमास्टर, अध्यक्ष, आंगनबाड़ी सेविका एवं अभिभावकों ने भाग लिया।1
- चैनपुर-: शहीद दिवस के मौके पर परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज के युवाओं ने देश के अमर बलिदानियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। माय भारत गुमला और परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य पदयात्रा और श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने न केवल देशभक्ति का जज्बा दिखाया बल्कि स्वच्छता का कड़ा संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम का आगाज कॉलेज परिसर से हुआ। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाते हुए पदयात्रा निकाली। इसके बाद युवाओं ने हाथों में झाड़ू थामकर कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में वृहद पैमाने पर साफ-सफाई की। श्रमदान के जरिए इन ऊर्जावान युवाओं ने समाज को स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया। पदयात्रा और श्रमदान के बाद मुख्य कार्यक्रम कॉलेज के सभागार में आयोजित हुआ। बतौर मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने शिरकत की। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें सिर्फ याद नहीं रखना है बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलना है। आज के युवाओं को उन वीर सपूतों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभानी चाहिए। इस मौके पर फादर इनोसेंट और माय भारत के प्रतिनिधि विश्वेश्वर मुंडा ने भी युवाओं में जोश भरा। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सच्ची देशभक्ति समाज सेवा, कड़े अनुशासन और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण में निहित है। आयोजन के दौरान अंचल की खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में भी अहम कदम उठाया गया। माय भारत अभियान के तहत क्षेत्र के चार खेल क्लबों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। किट पाकर खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे जिससे उनमें भारी उत्साह और खेल भावना का संचार देखने को मिला।1
- रांची के सरहुल शोभायात्रा में पिपर टोली, में जो झांकी तैयार किया गया था,उसमें किस प्रकार से झारखण्ड के लोग खुद की जमीन के मालिक होते हुवे,भी दारू,शराब के बोतल में कैसे क्या से क्या बना दिया ओर बोतल बेचने वालों ने कैसे महल खड़ा कर दिए ,ओर ये झांकी से झारखंडी भाइयों को शिख देने का प्रयास किया गया है।1
- सिमडेगा:- पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आगामी रामनवमी पर्व के मद्देनजर शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सिमडेगा पुलिस के सिमडेगा द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।फ्लैग मार्च का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना तथा असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। इस दौरान पुलिस बल ने शहर के विभिन्न संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से पर्व मनाने की अपील की।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।फ्लैग मार्च में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रशासन द्वारा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।1