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महापौर के कार्यकाल में ये कैसा बबाल, अमीरगंज गौशाला, सड़कों और शहर की अन्य समस्याओं की बदहाली पर बवाल, कांग्रेस-यूथ कांग्रेस ने नगर निगम का किया घेराव
विकास श्रीवास्तव
महापौर के कार्यकाल में ये कैसा बबाल, अमीरगंज गौशाला, सड़कों और शहर की अन्य समस्याओं की बदहाली पर बवाल, कांग्रेस-यूथ कांग्रेस ने नगर निगम का किया घेराव
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- कटनी:नगर निगम कांग्रेस का हल्लाबोल प्रदर्शन कार्यकर्ताओ ने मटके और नकली नोट उड़ाए निगम गेट तोड़कर घुसे अंदर कटनी नगर निगम कार्यालय में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर मटका और नकली नोट लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी की और इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता निगम परिसर के अंदर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों से मौके पर आकर समस्याएं सुनने की मांग की गई। वीओ दरअसल, कटनी पहुंचे युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष घनघोरिया की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के मुख्य गेट के बाहर मटका और नकली नोट रखकर विरोध जताया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता निगम के मुख्य गेट तक पहुंचे और गेट तोड़कर बड़ी संख्या में निगम परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी नगर निगम कार्यालय के गेट के सामने भी नारेबाजी करते नजर आए। कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को मौके पर बुलाकर अपनी समस्याएं सुनने की मांग की और परिषद परिसर में बैठकर प्रदर्शन किया। मीडिया से बातचीत में युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने SIR प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के विरोध की बात कही। उनके अनुसार, मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस इस मुद्दे पर विरोध दर्ज करा रही है। वहीं, नगर निगम से जुड़े स्थानीय मुद्दों को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए। इनमें शहर में पानी, सड़क और सीवर लाइन के काम से लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा प्रमुख रहा। काफी देर चले प्रदर्शन के बाद नगर निगम उपायुक्त ने प्रदर्शनकारियों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।1
- महापौर के कार्यकाल में ये कैसा बबाल, अमीरगंज गौशाला, सड़कों और शहर की अन्य समस्याओं की बदहाली पर बवाल, कांग्रेस-यूथ कांग्रेस ने नगर निगम का किया घेराव1
- *होम्योपैथी की आड़ में एलोपैथी इलाज का आरोप, बड़गैया पॉलीक्लिनिक सील* *सरईकापा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, होम्योपैथी रजिस्ट्रेशन पर एलोपैथिक उपचार किए जाने की शिकायत के बाद पहुंची टीम* शहडोल पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार की रिपोर्ट जिले के सोहागपुर ब्लॉक अंतर्गत सरईकापा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। होम्योपैथी के रजिस्ट्रेशन की आड़ में एलोपैथिक उपचार किए जाने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़गैया पॉलीक्लिनिक पर दबिश देकर उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक संचालक द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता किए जाने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सरईकापा स्थित बड़गैया पॉलीक्लिनिक को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्लीनिक का पंजीयन होम्योपैथी के रूप में होने के बावजूद यहां मरीजों का एलोपैथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। *पहले भी सील हो चुका है क्लीनिक* बताया जा रहा है कि बड़गैया पॉलीक्लिनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। पूर्व में क्लीनिक को सील किए जाने के बावजूद दोबारा उपचार शुरू किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे। करीब एक सप्ताह पूर्व भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा यहां पहुंचकर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद लगातार मिल रही शिकायतों के चलते विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। *अभयराज क्लीनिक को भी किया गया था सील* सरईकापा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पूर्व अभयराज क्लीनिक को भी विभाग द्वारा सील किया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा स्वास्थ्य विभाग तक शिकायतें पहुंचाए जाने के साथ-साथ वीडियो के माध्यम से भी यह दावा किए जाने की बात सामने आई कि सील किए गए अभयराज क्लीनिक में दोबारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। हालांकि, सील किए गए परिसर में दोबारा उपचार किए जाने संबंधी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों ने क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिकों की जांच और निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। *कार्रवाई के दौरान अभद्रता का आरोप* बड़गैया पॉलीक्लिनिक में कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम और क्लीनिक संचालक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संचालक द्वारा टीम के साथ अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है। मामले में विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है। *विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप* स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद सरईकापा और आसपास के क्षेत्र में निजी क्लीनिक संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब देखना होगा कि विभाग द्वारा क्षेत्र में संचालित अन्य क्लीनिकों के पंजीयन, चिकित्सकीय योग्यता और उपचार पद्धति की जांच किस स्तर तक की जाती है। *होम्योपैथी की आड़ में एलोपैथी इलाज का आरोप, बड़गैया पॉलीक्लिनिक सील* *सरईकापा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, होम्योपैथी रजिस्ट्रेशन पर एलोपैथिक उपचार किए जाने की शिकायत के बाद पहुंची टीम* शहडोल पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार की रिपोर्ट जिले के सोहागपुर ब्लॉक अंतर्गत सरईकापा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। होम्योपैथी के रजिस्ट्रेशन की आड़ में एलोपैथिक उपचार किए जाने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़गैया पॉलीक्लिनिक पर दबिश देकर उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक संचालक द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्रता किए जाने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सरईकापा स्थित बड़गैया पॉलीक्लिनिक को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्लीनिक का पंजीयन होम्योपैथी के रूप में होने के बावजूद यहां मरीजों का एलोपैथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। *पहले भी सील हो चुका है क्लीनिक* बताया जा रहा है कि बड़गैया पॉलीक्लिनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। पूर्व में क्लीनिक को सील किए जाने के बावजूद दोबारा उपचार शुरू किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे। करीब एक सप्ताह पूर्व भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा यहां पहुंचकर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद लगातार मिल रही शिकायतों के चलते विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। *अभयराज क्लीनिक को भी किया गया था सील* सरईकापा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पूर्व अभयराज क्लीनिक को भी विभाग द्वारा सील किया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा स्वास्थ्य विभाग तक शिकायतें पहुंचाए जाने के साथ-साथ वीडियो के माध्यम से भी यह दावा किए जाने की बात सामने आई कि सील किए गए अभयराज क्लीनिक में दोबारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। हालांकि, सील किए गए परिसर में दोबारा उपचार किए जाने संबंधी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों ने क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिकों की जांच और निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। *कार्रवाई के दौरान अभद्रता का आरोप* बड़गैया पॉलीक्लिनिक में कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम और क्लीनिक संचालक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संचालक द्वारा टीम के साथ अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है। मामले में विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है। *विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप* स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद सरईकापा और आसपास के क्षेत्र में निजी क्लीनिक संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब देखना होगा कि विभाग द्वारा क्षेत्र में संचालित अन्य क्लीनिकों के पंजीयन, चिकित्सकीय योग्यता और उपचार पद्धति की जांच किस स्तर तक की जाती है।4
- बहोरीबंद में छात्रों का प्रदर्शन, बस किराया कम करने और NCC शुरू कराने की मांग बहोरीबंद (कटनी)। रानी दुर्गावती महाविद्यालय बहोरीबंद के छात्र-छात्राओं ने बस किरायों में कथित मनमानी वृद्धि और कॉलेज में NCC कोर्स शुरू कराने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि स्थानीय बस चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने किराया नियंत्रण की मांग उठाते हुए कहा कि छात्र हित में उचित कार्रवाई जरूरी है। वहीं, महाविद्यालय में NCC सुविधा शुरू करने की भी मांग की गई। छात्रों का कहना है कि NCC से उन्हें अनुशासन, प्रशिक्षण के साथ रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर मिल सकेंगे। इस दौरान कटनी जिले के छात्र नेता एवं प्रदेश अध्यक्ष मोनू रजक अपने साथियों के साथ मौके पर मौजूद रहे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जल्द मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।1
- बस किराया दस रुपए से अधिक न लेने और एनसीसी कोर्स शुरू कराने की मांग,छात्रों ने बस स्टैंड में किया प्रदर्शन बहोरीबंद। भगत सिंह जयंती के अवसर पर सोमवार, 28 सितंबर को शासकीय रानी दुर्गावती महाविद्यालय बहोरीबंद के छात्र-छात्राओं ने छात्र हित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने महाविद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए बस किराया 10 रुपए से अधिक नहीं लिए जाने की मांग की। छात्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतिदिन बसों के माध्यम से महाविद्यालय पहुंचते हैं। अधिक किराया लिए जाने से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में छात्र हित को ध्यान में रखते हुए बस किराया 10 रुपए तक सीमित किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही छात्रों ने महाविद्यालय में एनसीसी (NCC) कोर्स शुरू किए जाने की मांग भी रखी। छात्रों का कहना है कि एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशसेवा की भावना और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिलता है। महाविद्यालय में एनसीसी की सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा। ज्ञापन के दौरान छात्र नेता एवं एनईवाययू के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू रजक, अंशु यादव, अमित पटेल, जितेंद्र पटेल, सचिन, प्रीति, रागनी, संजना, अंजल, वर्षा, माया, सोनम, सपना, सविता, लक्ष्मी, वेदना लोधी, सचिन लोधी, दीपक सेन, रामू पटेल, शिवांशु विमल सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्रों ने प्रशासन से दोनों मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला मैहर मैहर के तृप्ति ढाबा के पास अवैध शराब बिक्री, जिले के सोनवारी शराब दुकान की आड़ में ठेकेदार से जुड़े लोगों द्वारा कई जगह कथित रूप से अवैध पैकारियां संचालित की जा रही हैं। जरियारी मोड़, कंचनपुर मोड़ और रीवा रोड तृप्ति ढाबा के पास हाईवे किनारे मिनी दुकानें खोलकर खुलेआम शराब बेची जा रही है।1
- शिकायत के बाद भी नहीं रुका कथित अतिक्रमण अब छत की ढलाई की तैयारी सार्वजनिक नाले तक पहुंचा निर्माण ढलाई कंप्लीट कार्यवाही पर उठे सवाल l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की खास रिपोर्ट l उमरिया। शहर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्टेशन रोड स्थित बड़ी पुलिया के समीप आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-24 के सामने चल रहे एक निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व में की गई लिखित शिकायत के बावजूद अब निर्माण कार्य दोबारा तेजी से शुरू होने और छत की ढलाई की तैयारी कि जा रही। जानकारों कि माने तो संबंधित निर्माण क़ो लेकर पूर्व मे स्थानीय नागरिकों ने 10 मार्च 2026 को अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार नजूल विभाग क़ो लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विनोद साहू द्वारा किए जा रहे निर्माण में शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक नाले पर कथित अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाले पर दीवार खड़ी कर दी गई हैँ, दो मंजिला मकान से नए निर्माण तक पहुंचने का रास्ता बना लिया गया है, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में समाचार प्रकाशित होने के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रुका था, लेकिन अब फिर से तेजी के साथ निर्माण शुरू हो गया है और छत की ढलाई की तैयारी चल रही है। इससे क्षेत्रवासियों में यह सवाल उठ रहा है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी यदि निर्माण जारी है तो आखिर संबंधित विभागों ने अब तक क्या कार्रवाई की? शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि निर्माण आंगनवाड़ी केंद्र के ठीक सामने किया जा रहा है, जिससे बच्चों के उपयोग की सार्वजनिक जगह भी प्रभावित हो रही है। वहीं कॉलोनी में यह चर्चा भी है कि संबंधित स्थान के सामने पूर्व में बनी नाली एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2 मंजिला मकान होने के बाद भी शासन कि किस योजना, नियम के तहद कितनी भूमि , संबंधित निर्माणकर्ता क़ो दी गई? यदि निर्माण वैध है तो इसकी स्वीकृति किस विभाग ने प्रदान की? साथ ही सार्वजनिक नाले पर निर्माण करने कि मंजूरी कैसे और किन नियमों के तहद दी गई? यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो कार्रवाई में देरी का कारण क्या है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई कि जानी चाहिए1
- शिवपुरी :ब्राह्मणों पर निशाना साधने वालों पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया पलटवार,सतयुग से कलयुग तक का दिया उदाहरण,बोले शोषण की बात कहकर हमको कोसने वालों का दानव जाग गया है,हमारी खामोशी को कायरता मत समझ लेना।हम परशुराम के वंशज हैं। शिवपुरी :ब्राह्मणों पर निशाना साधने वालों पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया पलटवार,सतयुग से कलयुग तक का दिया उदाहरण,बोले शोषण की बात कहकर हमको कोसने वालों का दानव जाग गया है,हमारी खामोशी को कायरता मत समझ लेना।हम परशुराम के वंशज हैं।1