डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक पुस्तक "एनिहिलेशन ऑफ कास्ट (जातिभेद का विनाश)" पर आधारित राष्ट्रीय लिखित परीक्षा का देश के 8 राज्यों में एक साथ सफल आयोजन किया गया है। सामाजिक न्याय, शिक्षा, संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित इस वैचारिक अभियान में देशभर से 7,000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इस परीक्षा में भागीदारी दर्ज कराने के लिए अकेले गुजरात के 19 जिलों से 1,800 से अधिक युवा आगे आए। इस परीक्षा और इसके बाद आयोजित स्वागत-सम्मान समारोह का मुख्य कार्यक्रम सूरत के पांडेसरा स्थित उद्योग भारती विद्यालय में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर भंते संघरत्न जी, सेवानिवृत्त आईएएस आर.जे. पटेल, राहुलभाई मारू, नवीनभाई चौहान और प्रशांत कुमार सिंह सहित अनेक शिक्षाविद, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बहुजन चिंतक उपस्थित रहे। यह पूरी रिपोर्ट वंचितों, शोषितों और बहुजन समाज की राष्ट्रीय बुलंद आवाज़ 'मूकनायक न्यूज़' द्वारा प्रस्तुत की गई है। जय भीम, नमो।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक पुस्तक "एनिहिलेशन ऑफ कास्ट (जातिभेद का विनाश)" पर आधारित राष्ट्रीय लिखित परीक्षा का देश के 8 राज्यों में एक साथ सफल आयोजन किया गया है। सामाजिक न्याय, शिक्षा, संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित इस वैचारिक अभियान में देशभर से 7,000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इस परीक्षा में भागीदारी दर्ज कराने के लिए अकेले गुजरात के 19 जिलों से 1,800 से अधिक युवा आगे आए। इस परीक्षा और इसके बाद आयोजित स्वागत-सम्मान समारोह का मुख्य कार्यक्रम सूरत के पांडेसरा स्थित उद्योग भारती विद्यालय में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर भंते संघरत्न जी, सेवानिवृत्त आईएएस आर.जे. पटेल, राहुलभाई मारू, नवीनभाई चौहान और प्रशांत कुमार सिंह सहित अनेक शिक्षाविद, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बहुजन चिंतक उपस्थित रहे। यह पूरी रिपोर्ट वंचितों, शोषितों और बहुजन समाज की राष्ट्रीय बुलंद आवाज़ 'मूकनायक न्यूज़' द्वारा प्रस्तुत की गई है। जय भीम, नमो।
- मूकनायक स्पेशल की एक विशेष प्रस्तुति में वीर मेघमाया के जीवन, त्याग, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की प्रेरक गाथा को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई है। राजस्थान मूकनायक के संपादक रामलाल यादव की इस प्रस्तुति में लोकपरंपराओं, जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर वीर मेघमाया के जीवन, उनके संघर्ष, सहस्त्रलिंग सरोवर से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा तथा सामाजिक समानता के लिए उनके दिए गए बलिदान को दर्शाया गया है। जहाँ किसी प्रसंग का आधार लोकमान्यता है, वहाँ उसे उसी रूप में सामने रखा गया है। मूकनायक का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों के योगदान को उजागर करना है जिन्हें इतिहास की मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। इस गाथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए दर्शकों से वीडियो को लाइक, शेयर और मूकनायक चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, यदि किसी के पास समाज, देश या मानवता के लिए कुर्बानी देने वाले किसी महापुरुष की सच्ची घटना है, तो वे मूकनायक के संपर्क नंबर 8890304717 पर संपर्क कर सकते हैं ताकि उसे देश के सामने लाया जा सके।4
- बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।1
- आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।2
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद से श्री होरी हनुमान मंदिर तक 25वीं भव्य पैदल यात्रा निकाली गई है। इस भव्य यात्रा का आयोजन मुख्य रूप से अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर किया गया है।1
- डूंगरपुर के सुंदरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) निशा परमार ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और शिक्षण कार्यों का गहन जायजा लिया। कक्षा 1 से 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे अपने भविष्य की उम्मीद लेकर विद्यालय आते हैं और उनके माता-पिता का विश्वास शिक्षकों पर है, इसलिए हर शिक्षक का दायित्व है कि वह पूरी निष्ठा से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाली छात्रा श्वेता कुंवर और विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी मोनिका पटेल को अभिनंदन पत्र व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सीबीईओ परमार ने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत जैन ने विद्यालय में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के जन्मदिवस का लाइव प्रदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों से नियमित अभ्यास, विद्यालय की स्वयं की विवरणिका का प्रकाशन और परिसर में राज्य वृक्ष खेजड़ी व राज्य पुष्प रोहिड़ा लगाकर पर्यावरण जागरूकता जैसे अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का संचालन उपप्रधानाचार्य विजय जोशी ने किया। इस मौके पर महेंद्र बरंडा, थावरचंद रोत, स्वाती जैन, मीनाक्षी कटारा, शीला मीणा, हरलाल सिंह जाट, लता पारगी, गौतमलाल पटेल, रमेशचंद्र डामोर, मीता जोधा, किरण पाटीदार, शर्मिष्ठा सहित समस्त स्टाफ और करीब 423 विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र स्थित ब्राइट डे स्कूल धंबोला में विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीमलवाड़ा जेएम कोर्ट के जज अनिल चावला मुख्य वक्ता रहे, जिन्होंने बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो’ का संदेश दिया गया। जज अनिल चावला ने कहा कि युवावस्था में बच्चों को नशे जैसी बुरी प्रवृत्तियों से बचाने के लिए समय रहते सही मार्गदर्शन जरूरी है, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक विकास, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने तथा जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी संगति व व्यवहार पर ध्यान दें, क्योंकि बच्चों को नशे से दूर रखना केवल स्कूल की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस दौरान स्कूल के निदेशक कीर्ति पंड्या सहित स्टाफ ने जज अनिल चावला का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय, तालुका सचिव रमन लाल डामोर, पंकज पाटीदार, कोर्ट मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार प्रजापत, रमेश रोत, हरीश और संस्थाप्रधान नरेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचिला लप्पा ने किया।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा और चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला, करावाड़ा, चिखली, गैजी, पाड़ली, झोथरी, सादड़िया, पीठ सहित पूरे इलाके में बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। सावन के महीने में भी खेत सूने और वीरान पड़े हैं और खेतों की मिट्टी सूखी व फटी हुई दिखाई दे रही है। शुरुआती दौर में एक-दो अच्छी बारिश होने पर किसानों ने मक्का और सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तो कर दी थी, लेकिन उसके बाद से बारिश पूरी तरह थम गई है। लगातार सूखे मौसम के कारण 19-20 जुलाई तक भी खेतों में बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं और मिट्टी में ही खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि जल्द बारिश न होने पर उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाएगी। पहले से ही महंगे बीज और खाद की मार झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति बड़ा आर्थिक संकट खड़ी कर रही है। वहीं दूसरी ओर, बारिश न होने से उमस और तेज गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि सावन के बचे हुए दिनों में बारिश हो और खेतों में फिर से हरियाली लौटे।1
- उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।1