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उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

7 hrs ago
user_Chief editor Rajasthan
Chief editor Rajasthan
Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
7 hrs ago

उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

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  • मूकनायक स्पेशल की एक विशेष प्रस्तुति में वीर मेघमाया के जीवन, त्याग, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की प्रेरक गाथा को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई है। राजस्थान मूकनायक के संपादक रामलाल यादव की इस प्रस्तुति में लोकपरंपराओं, जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर वीर मेघमाया के जीवन, उनके संघर्ष, सहस्त्रलिंग सरोवर से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा तथा सामाजिक समानता के लिए उनके दिए गए बलिदान को दर्शाया गया है। जहाँ किसी प्रसंग का आधार लोकमान्यता है, वहाँ उसे उसी रूप में सामने रखा गया है। मूकनायक का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों के योगदान को उजागर करना है जिन्हें इतिहास की मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। इस गाथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए दर्शकों से वीडियो को लाइक, शेयर और मूकनायक चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, यदि किसी के पास समाज, देश या मानवता के लिए कुर्बानी देने वाले किसी महापुरुष की सच्ची घटना है, तो वे मूकनायक के संपर्क नंबर 8890304717 पर संपर्क कर सकते हैं ताकि उसे देश के सामने लाया जा सके।
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    मूकनायक स्पेशल की एक विशेष प्रस्तुति में वीर मेघमाया के जीवन, त्याग, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की प्रेरक गाथा को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई है। राजस्थान मूकनायक के संपादक रामलाल यादव की इस प्रस्तुति में लोकपरंपराओं, जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर वीर मेघमाया के जीवन, उनके संघर्ष, सहस्त्रलिंग सरोवर से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा तथा सामाजिक समानता के लिए उनके दिए गए बलिदान को दर्शाया गया है। जहाँ किसी प्रसंग का आधार लोकमान्यता है, वहाँ उसे उसी रूप में सामने रखा गया है।

मूकनायक का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों के योगदान को उजागर करना है जिन्हें इतिहास की मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। इस गाथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए दर्शकों से वीडियो को लाइक, शेयर और मूकनायक चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, यदि किसी के पास समाज, देश या मानवता के लिए कुर्बानी देने वाले किसी महापुरुष की सच्ची घटना है, तो वे मूकनायक के संपर्क नंबर 8890304717 पर संपर्क कर सकते हैं ताकि उसे देश के सामने लाया जा सके।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।
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    बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।
    user_Jagdish Kharadi
    Jagdish Kharadi
    Artist बागीदौरा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के आह्वान और राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सारिका सिंह के नेतृत्व में राजस्थान से बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने और उसमें ओबीसी महिलाओं को शामिल करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव रिक्की सिंह हंतरा भी इस आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं। केंद्र सरकार द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के इंदिरा भवन से भाजपा मुख्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। इसके बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने "हम हमारा हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाए और अलका लांबा व सारिका सिंह के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, महासचिव रिक्की सिंह हंतरा ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की आवाज से भयभीत है और उन्हें उनके हक, सम्मान व प्रतिनिधित्व से वंचित कर रही है। हंतरा ने देश के युवाओं और किसानों के लंबे संघर्ष का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि जब तक महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल जाती, तब तक महिला कांग्रेस का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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    अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के आह्वान और राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सारिका सिंह के नेतृत्व में राजस्थान से बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने और उसमें ओबीसी महिलाओं को शामिल करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव रिक्की सिंह हंतरा भी इस आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं। केंद्र सरकार द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के इंदिरा भवन से भाजपा मुख्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। इसके बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने "हम हमारा हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाए और अलका लांबा व सारिका सिंह के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, महासचिव रिक्की सिंह हंतरा ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की आवाज से भयभीत है और उन्हें उनके हक, सम्मान व प्रतिनिधित्व से वंचित कर रही है। हंतरा ने देश के युवाओं और किसानों के लंबे संघर्ष का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि जब तक महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल जाती, तब तक महिला कांग्रेस का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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    आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है।

ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के अरनोद से श्री होरी हनुमान मंदिर तक 25वीं भव्य पैदल यात्रा निकाली गई है। इस भव्य यात्रा का आयोजन मुख्य रूप से अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर किया गया है।
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    प्रतापगढ़ जिले के अरनोद से श्री होरी हनुमान मंदिर तक 25वीं भव्य पैदल यात्रा निकाली गई है। इस भव्य यात्रा का आयोजन मुख्य रूप से अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर किया गया है।
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया। बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।
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    प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया।

बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया।

बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    53 min ago
  • उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
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    उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है।

इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की बाजना तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोड़ा खेड़ा में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ वर्तमान में करण के लिए बहुत परेशानी की स्थिति बनी हुई है।
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    मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की बाजना तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोड़ा खेड़ा में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ वर्तमान में करण के लिए बहुत परेशानी की स्थिति बनी हुई है।
    user_कैलाश अमली यार घोड़ा खेड़ा
    कैलाश अमली यार घोड़ा खेड़ा
    बजना, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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