प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया। बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।
प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया। बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।
- प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया। बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।1
- चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में घुटने, साईटिका, सर्वाइकल और सिर दर्द का सफ़ल इलाज किया जा रहा है। मरीज इस इलाज और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के मोबाइल नंबर 8302083835 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।1
- डूंगला ब्लॉक आयुर्वेद अधिकारी और चिकारड़ा राजकीय आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत दो दिनों के लिए खोड़ीप स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजकीय आयुर्वेद औषधालय में कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार ने उपरना ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत व सम्मान किया। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. शर्मा ने ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कैंप में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें आवश्यक परामर्श व उपचार प्रदान किया। इस स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खोड़ीप के प्रधानाचार्य जगदीशलाल मीणा के नेतृत्व में गुप्त नवरात्र के अष्टमी पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंच कन्याओं के पूजन-अर्चन से हुई। इस दौरान कन्याओं को कुमकुम, अक्षत, रक्षा सूत्र, उपरना और दक्षिणा भेंट कर देवी स्वरूप सम्मानित किया गया और उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद राज्य सरकार के "हरियालो राजस्थान–एक पौधा मां के नाम" अभियान के तहत औषधालय परिसर में पारस पीपल का पौधरोपण किया गया, जिसमें डॉ. शर्मा, प्रधानाचार्य मीणा, मधु कुमारी बैरागी, कन्याओं और ग्रामीणों ने पौधे के संरक्षण का संकल्प लिया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने पारस पीपल को एक अत्यंत उपयोगी औषधीय वृक्ष बताते हुए कहा कि इसकी पत्तियां, छाल और फूल त्वचा रोग, घाव भरने तथा पेट संबंधी विकारों में काफी लाभकारी होते हैं। उन्होंने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने नए चिकित्सा अधिकारी का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र के लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।3
- आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।2
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद से श्री होरी हनुमान मंदिर तक 25वीं भव्य पैदल यात्रा निकाली गई है। इस भव्य यात्रा का आयोजन मुख्य रूप से अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर किया गया है।1
- उदयपुर के सलूंबर से जीतू भाई कटारा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के नीमच स्थित कृषि मंडी में तुलाई को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पूरे मामले पर मंडी अधिकारियों का रुख सामने आया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी में किसानों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- प्रतापगढ़ के धरियावद में सहकारिता विभाग की एक बड़ी पहल के तहत सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक किसान के पीड़ित परिवार को ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा चेक सौंपा गया है। मानपुर ग्राम पंचायत में आयोजित जनकल्याण ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान धरियावद-उदयपुर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की धरियावद शाखा के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वर्गीय बंसीलाल मीणा की पत्नी पुंजकी मीणा को यह चेक प्रदान कर संबल दिया गया। झडोली ग्राम सेवा सहकारी समिति के केसीसी (KCC) ऋणी बंसीलाल मीणा (पिता खानिया मीणा) की एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में असमय मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद सहकार दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत यह सहायता राशि स्वीकृत की गई। इस चेक वितरण के दौरान बैंक के धरियावद शाखा प्रबंधक राजेश कुमार गुर्जर, प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, लोन पर्यवेक्षक बनवीर सिंह राणावत (झाडोली व आड़), ग्राम सेवा समिति मैनेजर धनराज मीणा और पंकज मीणा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक राजेश कुमार गुर्जर ने किसानों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने बताया कि जो किसान सहकारी समितियों से लिए गए केसीसी ऋण का समय पर भुगतान यानी टर्नओवर करते हैं, केवल उन्हें ही सहकार दुर्घटना बीमा और सहकार जीवन सुरक्षा बीमा का लाभ मिलता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान में इस क्षेत्र के 2,600 किसान समय पर लोन न चुकाने के कारण डिफाल्टर हो चुके हैं, जिससे वे इन महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और बीमा लाभों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने सभी किसानों से समय पर लोन चुकाकर इन योजनाओं के सुरक्षा चक्र को अपनाने का आग्रह किया है।4