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चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में घुटने, साईटिका, सर्वाइकल और सिर दर्द का सफ़ल इलाज किया जा रहा है। मरीज इस इलाज और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के मोबाइल नंबर 8302083835 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
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चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में घुटने, साईटिका, सर्वाइकल और सिर दर्द का सफ़ल इलाज किया जा रहा है। मरीज इस इलाज और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के मोबाइल नंबर 8302083835 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
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- चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में घुटने, साईटिका, सर्वाइकल और सिर दर्द का सफ़ल इलाज किया जा रहा है। मरीज इस इलाज और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के मोबाइल नंबर 8302083835 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।1
- डूंगला ब्लॉक आयुर्वेद अधिकारी और चिकारड़ा राजकीय आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत दो दिनों के लिए खोड़ीप स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजकीय आयुर्वेद औषधालय में कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार ने उपरना ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत व सम्मान किया। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. शर्मा ने ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कैंप में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें आवश्यक परामर्श व उपचार प्रदान किया। इस स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खोड़ीप के प्रधानाचार्य जगदीशलाल मीणा के नेतृत्व में गुप्त नवरात्र के अष्टमी पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंच कन्याओं के पूजन-अर्चन से हुई। इस दौरान कन्याओं को कुमकुम, अक्षत, रक्षा सूत्र, उपरना और दक्षिणा भेंट कर देवी स्वरूप सम्मानित किया गया और उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद राज्य सरकार के "हरियालो राजस्थान–एक पौधा मां के नाम" अभियान के तहत औषधालय परिसर में पारस पीपल का पौधरोपण किया गया, जिसमें डॉ. शर्मा, प्रधानाचार्य मीणा, मधु कुमारी बैरागी, कन्याओं और ग्रामीणों ने पौधे के संरक्षण का संकल्प लिया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने पारस पीपल को एक अत्यंत उपयोगी औषधीय वृक्ष बताते हुए कहा कि इसकी पत्तियां, छाल और फूल त्वचा रोग, घाव भरने तथा पेट संबंधी विकारों में काफी लाभकारी होते हैं। उन्होंने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने नए चिकित्सा अधिकारी का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र के लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।3
- प्रतापगढ़ के धरियावद में प्रयास संस्था देवगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा परियोजना के अंतर्गत पेसा गांव सभा एवं वन अधिकार फेडरेशन की अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। परिणय रिसोर्ट गाडरियावास में आयोजित इस बैठक में धरियावद ब्लॉक की 11 पंचायतों के 34 गांवों से आए पेसा गांव सभा और वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 98 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश यादव और मांगीलाल मीणा द्वारा गाए गए गीत से हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक जवाहर सिंह डागुर ने वन अधिकार समिति और पेसा गांव सभाओं के सामने आ रही दिक्कतों को समझने व साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। इस दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पांच महीने की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और काम में आ रही रुकावटों को साझा किया। संभागियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने के बावजूद गांव सभा को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिससे आदिवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बैठकों में राजनीतिक अड़चनें आने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने और गांवों में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के कारण सामुदायिक वन अधिकार मिलने में आ रही बाधाओं को भी उजागर किया। बैठक में 'प्रयास' के सामुदायिक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गांवों में पारिवारिक आय सुधारने के लिए पेसा गांव सभाओं की नियमित बैठकें और उनका सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने धरियावद के नहरी क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कृषि सुधार के माध्यम से न्यूनतम मासिक आय 20 हजार रुपये सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, सृष्टि सेवा समिति के जितेंद्र यादव ने संगठन की शक्ति पर बल देते हुए कहा कि अकेले जाने पर अधिकारी बात नहीं सुनते, लेकिन संगठन के बैनर तले जाने पर उन्हें बात माननी पड़ती है। क्षेत्रीय समन्वयक दिनेश कुमार यादव ने भी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को ग्राम संगठन के माध्यम से हल करने की अपील की। अंत में स्वास्थ्य समन्वयक गोवर्धन यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और 'नहीं मानू रे नहीं मानू अंग्रेजीया' गीत के साथ बैठक का समापन हुआ।1
- नीमच कृषि मंडी में तुलाई को लेकर चल रहा विवाद काफी गरमा गया है। इस विवाद के बीच अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के नीमच जिले की मनासा थाना पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एसप्रेसो कार से तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा और तस्करी में इस्तेमाल कार जब्त की है। यह कार्रवाई 20 जुलाई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। मनासा पुलिस ने डिकेन वाले भेरू बावजी अखेपुर बावडा फंटा पर नाकाबंदी की और सफेद रंग की एसप्रेसो कार (आरजे 27 सीएल 8706) को रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 41 किलो 200 ग्राम अवैध डोडाचुरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से आरोपी पप्पुलाल (पिता छगनलाल गेहलोत, जाति नाई, निवासी बोरखेड़ी पाणेरी, थाना नीमच सिटी) को गिरफ्तार कर लिया। मनासा थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है और उससे उसके अन्य साथी आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। यह बड़ी कार्रवाई मध्य प्रदेश शासन व पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। यह सफलता नीमच के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल और अनुविभागीय अधिकारी मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी मनासा श्री निलेश अवस्थी के नेतृत्व में मिली है। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक निलेश अवस्थी, सउनि दिलीप कुमार, प्रआर 348 नरेन्द्र मालवीय, आर 112 विजयपाल सिंह, आर अंकित राठौर, आर दशरथ जाटव, आर अंकित जोशी और आर कुशलपाल जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4
- नीमच मंडी में हमालों की हड़ताल के बीच मंडी अधिकारी का एक बयान सामने आया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी। भविष्य न्यूज़ 24 नीमच के अनुसार, हमालों की इस हड़ताल के दौरान किसानों की सहूलियत को देखते हुए ही पुरानी व्यवस्था को लागू रखने की बात कही गई है।1
- उदयपुर के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत करणपुर में फॉलो-अप शिविर (ग्रामीण सेवा शिविर) का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान वल्लभनगर के उपखंड अधिकारी रमेशचंद्र वडेरा ने ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया और साथ ही स्वयं मौका निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि करणपुर में माताजी मंदिर से अम्बा महुडा सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और कांटे डालकर रास्ते को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसके बाद कार्रवाई करते हुए रास्ते के पास से अतिक्रमण को हटाया गया और ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण किया गया।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला उपखंड में स्थित चिकारड़ा पुलिस चौकी को पुनः मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में शामिल करने की मांग पिछले आठ वर्षों से लगातार की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2018 में जब इस चौकी को मंडफिया थाना क्षेत्र के अधीन करने की कोशिशें शुरू हुई थीं, तभी से इसका कड़ा विरोध किया गया था। इसके बावजूद चौकी को मंडफिया थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से आम जनता को प्रशासनिक, कानूनी और न्यायिक कार्यों में अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सरपंच पद के उम्मीदवार व सामाजिक कार्यकर्ता हिम्मतलाल चौधरी और ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, आईजी, डीआईजी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। शनिवार को भी राजस्थान सरकार के गृहमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को पुनः ज्ञापन भेजकर इस मांग को दोहराया गया है। चिकारड़ा के प्रशासनिक और पुलिस क्षेत्राधिकार में विसंगति के कारण आमजन को समय और धन की हानि हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, चिकारड़ा प्रशासनिक रूप से डूंगला उपखंड, बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र और जिला परिषद क्षेत्र में आता है। लेकिन पुलिस थाना मंडफिया होने के कारण कई मामलों में भदेसर उपखंड और मंडफिया न्यायालय का क्षेत्राधिकार लागू हो जाता है। इस कारण लोगों को अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। डूंगला थाना क्षेत्र में करीब 50 वर्षों तक रहने के बाद चिकारड़ा को पहले मंगलवाड़ और फिर वर्ष 2018 में मंडफिया थाने के अधीन कर दिया गया था, जिससे यह परेशानी खड़ी हुई है। इसके अलावा, मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग पर होने वाले सड़क हादसों के दौरान भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के कारण प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियां बढ़ जाती हैं। इस राजमार्ग का एक हिस्सा निकुम्भ थाने में, दूसरा मंगलवाड़ में और लगभग 5 किलोमीटर का हिस्सा मंडफिया थाना क्षेत्र में आने से क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकारड़ा के आसपास के अधिकांश गांव पहले से ही मंगलवाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में इस पुलिस चौकी को भी पुनः मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में शामिल करने से पुलिस व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, चौकी को अतिरिक्त स्टाफ मिल सकेगा और क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी।1