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बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।
Jagdish Kharadi
बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।
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- बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया शहर में 'रॉयल साउंड बड़ोदिया' डीजे है। यह डीजे साउंड सिस्टम विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा के बड़ोदिया शहर का ही है।1
- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के आह्वान और राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सारिका सिंह के नेतृत्व में राजस्थान से बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने और उसमें ओबीसी महिलाओं को शामिल करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव रिक्की सिंह हंतरा भी इस आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं। केंद्र सरकार द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के इंदिरा भवन से भाजपा मुख्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। इसके बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने "हम हमारा हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाए और अलका लांबा व सारिका सिंह के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, महासचिव रिक्की सिंह हंतरा ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की आवाज से भयभीत है और उन्हें उनके हक, सम्मान व प्रतिनिधित्व से वंचित कर रही है। हंतरा ने देश के युवाओं और किसानों के लंबे संघर्ष का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि जब तक महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल जाती, तब तक महिला कांग्रेस का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।4
- मूकनायक स्पेशल की एक विशेष प्रस्तुति में वीर मेघमाया के जीवन, त्याग, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की प्रेरक गाथा को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई है। राजस्थान मूकनायक के संपादक रामलाल यादव की इस प्रस्तुति में लोकपरंपराओं, जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर वीर मेघमाया के जीवन, उनके संघर्ष, सहस्त्रलिंग सरोवर से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा तथा सामाजिक समानता के लिए उनके दिए गए बलिदान को दर्शाया गया है। जहाँ किसी प्रसंग का आधार लोकमान्यता है, वहाँ उसे उसी रूप में सामने रखा गया है। मूकनायक का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों के योगदान को उजागर करना है जिन्हें इतिहास की मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। इस गाथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए दर्शकों से वीडियो को लाइक, शेयर और मूकनायक चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, यदि किसी के पास समाज, देश या मानवता के लिए कुर्बानी देने वाले किसी महापुरुष की सच्ची घटना है, तो वे मूकनायक के संपर्क नंबर 8890304717 पर संपर्क कर सकते हैं ताकि उसे देश के सामने लाया जा सके।4
- डूंगरपुर BAP के बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत दिल्ली में बारिश के बीच बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए हैं। सांसद रोत NEET पेपर लीक प्रकरण और छात्रों की आत्महत्याओं को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ मौजूद साथी भी हाथों में "NEET है या CHEAT है?" लिखे पोस्टर लेकर बैठे नजर आए। धरने के दौरान बारिश होने के कारण उनके साथियों ने भीगने से बचने के लिए प्लास्टिक और छाते का सहारा लिया। धरने के दौरान सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद कल से ही संसद परिसर में छात्रों के दर्द को लेकर धरने पर बैठे हैं और उनके समर्थन में आज वे लोग भी यहां बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में एनडीए (NDA) के अलावा जो भी पार्टी युवाओं के हित की बात करेगी, BAP उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने देश के संविधान को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि इसी के बल पर वे छात्रों की लड़ाई लड़ेंगे।1
- डूंगरपुर के सुंदरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) निशा परमार ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और शिक्षण कार्यों का गहन जायजा लिया। कक्षा 1 से 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे अपने भविष्य की उम्मीद लेकर विद्यालय आते हैं और उनके माता-पिता का विश्वास शिक्षकों पर है, इसलिए हर शिक्षक का दायित्व है कि वह पूरी निष्ठा से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाली छात्रा श्वेता कुंवर और विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी मोनिका पटेल को अभिनंदन पत्र व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सीबीईओ परमार ने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत जैन ने विद्यालय में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के जन्मदिवस का लाइव प्रदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों से नियमित अभ्यास, विद्यालय की स्वयं की विवरणिका का प्रकाशन और परिसर में राज्य वृक्ष खेजड़ी व राज्य पुष्प रोहिड़ा लगाकर पर्यावरण जागरूकता जैसे अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का संचालन उपप्रधानाचार्य विजय जोशी ने किया। इस मौके पर महेंद्र बरंडा, थावरचंद रोत, स्वाती जैन, मीनाक्षी कटारा, शीला मीणा, हरलाल सिंह जाट, लता पारगी, गौतमलाल पटेल, रमेशचंद्र डामोर, मीता जोधा, किरण पाटीदार, शर्मिष्ठा सहित समस्त स्टाफ और करीब 423 विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र स्थित ब्राइट डे स्कूल धंबोला में विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीमलवाड़ा जेएम कोर्ट के जज अनिल चावला मुख्य वक्ता रहे, जिन्होंने बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो’ का संदेश दिया गया। जज अनिल चावला ने कहा कि युवावस्था में बच्चों को नशे जैसी बुरी प्रवृत्तियों से बचाने के लिए समय रहते सही मार्गदर्शन जरूरी है, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक विकास, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने तथा जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी संगति व व्यवहार पर ध्यान दें, क्योंकि बच्चों को नशे से दूर रखना केवल स्कूल की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस दौरान स्कूल के निदेशक कीर्ति पंड्या सहित स्टाफ ने जज अनिल चावला का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय, तालुका सचिव रमन लाल डामोर, पंकज पाटीदार, कोर्ट मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार प्रजापत, रमेश रोत, हरीश और संस्थाप्रधान नरेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचिला लप्पा ने किया।1
- उदयपुर में शिक्षा व्यवस्था, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों ने कलेक्ट्री परिसर के बाहर एकत्रित होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज बुलंद की गई। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने, देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।1
- मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की बाजना तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोड़ा खेड़ा में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ वर्तमान में करण के लिए बहुत परेशानी की स्थिति बनी हुई है।1