राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो कर दी गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए इस SIT के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत जी के अनुसार, इस SIT का मुख्य काम 'प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ देना' था, जिससे चोरी किया गया माल आसानी से ठिकाने लगाया जा सके। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया, क्योंकि देश के लोगों ने पूरी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब उन्हें एक 'गोपनीय' SIT की रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 40 दिनों में ही कुल 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियां हुई होंगी, और इस बड़े पैमाने पर हुई लूट का सही ब्यौरा कौन उपलब्ध कराएगा।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो कर दी गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए इस SIT के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत जी के अनुसार, इस SIT का मुख्य काम 'प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ देना' था, जिससे चोरी किया गया माल आसानी से ठिकाने लगाया जा सके। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया, क्योंकि देश के लोगों ने पूरी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब उन्हें एक 'गोपनीय' SIT की रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 40 दिनों में ही कुल 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियां हुई होंगी, और इस बड़े पैमाने पर हुई लूट का सही ब्यौरा कौन उपलब्ध कराएगा।
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो कर दी गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए इस SIT के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत जी के अनुसार, इस SIT का मुख्य काम 'प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ देना' था, जिससे चोरी किया गया माल आसानी से ठिकाने लगाया जा सके। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया, क्योंकि देश के लोगों ने पूरी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब उन्हें एक 'गोपनीय' SIT की रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 40 दिनों में ही कुल 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियां हुई होंगी, और इस बड़े पैमाने पर हुई लूट का सही ब्यौरा कौन उपलब्ध कराएगा।1
- बंजारा समाज की डोली के अचानक गायब हो जाने से पूरे समुदाय में चिंता व्याप्त है। समुदाय के लोग अपनी डोली का पता लगाने के लिए एकजुट होकर उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।1
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- नौगछिया मार्केट में स्थित एक सैकड़ों साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर लिया गया है। इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं।1
- यूरोप में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से सड़कों के पिघलने और डामर के बहने की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन दृश्यों ने पूरे यूरोप में तापमान के बढ़ते कहर को उजागर किया है। भारत में कई लोग इन खबरों को देखकर हैरान हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और बिहार जैसे भारतीय राज्यों में हर साल गर्मियों के दौरान तापमान 45°C से 48°C को पार कर जाता है। इसके बावजूद, भारत की सड़कें आमतौर पर इस तरह पिघलती हुई नहीं देखी जातीं, जिससे यूरोपीय सड़कों की वर्तमान स्थिति पर लोगों में आश्चर्य बना हुआ है।1
- हाजीपुर में एक मरीज की मौत के बाद भारी बवाल मच गया है। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज का इलाज उसकी जाति पूछने के बाद किया था, जिसके चलते यह घटना और गंभीर हो गई। इस स्थिति ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पासवान समुदाय की इस हालात का जिम्मेदार कौन है।1