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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारी बारिश ने भयंकर कहर बरपाया है, जिससे अपोलो अस्पताल के भीतर तक पानी घुस गया है। अस्पताल के अंदर घुटनों तक जलभराव हो जाने की वजह से यहाँ इलाज करा रहे मरीज और ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी बेहद परेशान हैं।
Manoj
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारी बारिश ने भयंकर कहर बरपाया है, जिससे अपोलो अस्पताल के भीतर तक पानी घुस गया है। अस्पताल के अंदर घुटनों तक जलभराव हो जाने की वजह से यहाँ इलाज करा रहे मरीज और ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी बेहद परेशान हैं।
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- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारी बारिश ने भयंकर कहर बरपाया है, जिससे अपोलो अस्पताल के भीतर तक पानी घुस गया है। अस्पताल के अंदर घुटनों तक जलभराव हो जाने की वजह से यहाँ इलाज करा रहे मरीज और ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी बेहद परेशान हैं।1
- बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नवागांव (गिरजाबंद) में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां शराब के नशे में धुत एक बेटे ने मामूली बात पर अपने ही पिता की डंडे से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही समय में गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को ग्राम नवागांव (गिरजाबंद) के निवासी विमल सूर्यवंशी ने रतनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके मामा शिवचरण सूर्यवंशी उर्फ पिंटू ने खुद उसके घर आकर यह कबूल किया कि उसने अपने पिता रिखीराम सूर्यवंशी की हत्या कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह शराब पीकर घर लौटा था, जहां खाट पर लेटे हुए उसके पिता रिखीराम ने उसे डांट दिया था। इसी डांट से नाराज होकर आरोपी ने पास ही रखे लकड़ी के डंडे से पिता के सिर पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही रतनपुर थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी और उनके निर्देश पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी शिवचरण सूर्यवंशी उर्फ पिंटू (38 वर्ष) को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, उप निरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उप निरीक्षक नीलाकर सेठ और आरक्षक धीरज कश्यप की विशेष भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में साइकिल चलाते-चलाते अचानक सड़क पर गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। साइकिल चलाने के दौरान व्यक्ति अचानक सड़क पर गिर पड़ा और उसकी जान चली गई।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार में रात भर हुई तेज बारिश के कारण शहर के प्रमुख इलाके में पानी भर गया है। रात भर लगातार हुई इस तेज बारिश की वजह से मुख्य क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है।1
- हनुमान धारा में करोड़ों रुपये के सरकारी गार्डन के सामने भू-माफिया का 7 एकड़ का अवैध साम्राज्य धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बिना किसी रेरा (RERA) अप्रूवल और बिना कॉलोनाइजर एक्ट की परवाह किए धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग काटी जा रही है। हद तो तब पार हो गई जब सीमांकन के बहाने करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन को ही रास्ता बनाकर अपनी अवैध प्लॉटिंग में मिला लिया गया। इस गंभीर मामले में लगातार शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे बैठा है। प्रशासन की इस चुप्पी के बाद अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या स्थानीय अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच कोई तगड़ी मिलीभगत चल रही है?1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर में कर्रानाला बांध की मेड़ में कटाव होने के कारण बांध का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। इस स्थिति को देखते हुए अनेक परिवारों के 40 सदस्यों को सुरक्षित रूप से एक स्कूल में शिफ्ट किया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर, एसपी और सीईओ खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से गुजर रही भारतमाला सड़क परियोजना अब प्रशासनिक पारदर्शिता, पर्यावरणीय अनुपालन और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर विवादों में घिर गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण स्वीकृत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की सीमा से बाहर जाकर किया गया है। निर्माण के दौरान भारी मशीनों के उपयोग और ब्लास्टिंग के कारण स्वीकृत क्षेत्र के बाहर स्थित मंदिर परिसर, सार्वजनिक शौचालय, कुएं, जल स्रोत और अन्य शासकीय संपत्तियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके बाद निर्माण एजेंसी द्वारा मंदिर परिसर और कुछ सरकारी संपत्तियों के पुनर्निर्माण का लिखित आश्वासन देने की बात भी सामने आई है, जिससे नुकसान की पुष्टि और इसके आकलन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, सिसरिंगा घाट क्षेत्र में सागौन सहित बड़ी संख्या में मूल्यवान पेड़ों को जड़ से उखाड़कर रहस्यमयी ढंग से गायब करने का आरोप है, जिसके निशान आज भी वहां मौजूद हैं। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों के बयान पूरी तरह विरोधाभासी हैं। एक ओर जहां एक अधिकारी ने पेड़ों की कटाई को विभागीय प्रक्रिया के तहत बताया, वहीं उत्पादन इकाई के रेंजर ने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई वर्षों पहले ही पूरी हो चुकी थी और हाल ही में किसी नई कटाई की अनुमति नहीं दी गई थी। इससे इन पेड़ों को हटाने और उनके निस्तारण के रिकॉर्ड की प्रामाणिकता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। इस पूरे घटनाक्रम में राजस्व, लोक निर्माण, वन, पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसे संबंधित विभागों द्वारा किसी संयुक्त सर्वेक्षण या क्षति के आकलन की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। आरओडब्ल्यू से बाहर निर्माण, क्षतिग्रस्त धार्मिक व सरकारी संपत्तियां, गायब हुए पेड़ और अधिकारियों के परस्पर विरोधी दावे एक व्यापक, स्वतंत्र और दस्तावेज-आधारित जांच की मांग को बेहद मजबूत करते हैं। जब तक संबंधित विभाग इन सभी प्रश्नों के पारदर्शी और दस्तावेजी उत्तर सार्वजनिक नहीं करते, तब तक सुशासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठते रहेंगे।2
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना और खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन, अपोलो अस्पताल प्रबंधन और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और गरीब मरीजों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने बैठक के बाद बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज देने तथा दोनों योजनाओं के तहत उपचार की सुविधा शुरू करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कैंसर, किडनी और फेफड़ों जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा अस्पताल में हाल ही में सामने आए कथित लापरवाही के मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने की बात भी कही गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उन्होंने जिला प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताया है। लेकिन यदि जल्द ही आयुष्मान योजना लागू कर मरीजों को राहत नहीं मिली और अन्य मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो अपोलो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।4