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रांची के प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय ने इंदौर में आयोजित ब्रोंको पल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में झारखंड में फेफड़ों की बीमारियों से जुड़ा अपना शोध प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में इस बात पर जोर दिया कि फेफड़ों की गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान अब FOT (Forced Oscillation Technique) मशीन की मदद से संभव हो सकती है। डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से झारखंड के खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है। यह शोध कार्य सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है, ताकि श्वसन संबंधी रोगों के समय पर निदान को बढ़ावा मिल सके।
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रांची के प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय ने इंदौर में आयोजित ब्रोंको पल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में झारखंड में फेफड़ों की बीमारियों से जुड़ा अपना शोध प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में इस बात पर जोर दिया कि फेफड़ों की गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान अब FOT (Forced Oscillation Technique) मशीन की मदद से संभव हो सकती है। डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से झारखंड के खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है। यह शोध कार्य सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है, ताकि श्वसन संबंधी रोगों के समय पर निदान को बढ़ावा मिल सके।
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- रांची के प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय ने इंदौर में आयोजित ब्रोंको पल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में झारखंड में फेफड़ों की बीमारियों से जुड़ा अपना शोध प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में इस बात पर जोर दिया कि फेफड़ों की गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान अब FOT (Forced Oscillation Technique) मशीन की मदद से संभव हो सकती है। डॉ. अत्रि गंगोपाध्याय के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से झारखंड के खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है। यह शोध कार्य सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है, ताकि श्वसन संबंधी रोगों के समय पर निदान को बढ़ावा मिल सके।1
- झारखंड के विकास को गति देने के लिए राज्य में निवेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिंदल ग्रुप, टाटा ग्रुप, वरुण बेवरेजेज, गूगल और ईजमायट्रिप जैसी कई दिग्गज कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत ग्रीन स्टील, रिन्यूएबल एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पहल केवल एक समझौता नहीं है, बल्कि झारखंड के प्रति देश-दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। अब सरकार और संबंधित पक्षों के सामने मुख्य चुनौती इन समझौतों को धरातल पर उतारने की है, ताकि राज्य में नए उद्योगों की स्थापना हो सके और निवेश के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।1
- लातेहार में CIPSA की ओर से वित्तीय आजादी की मांग को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जगत प्रकाश ने एक बड़ा बयान देते हुए अपनी बात रखी है। संगठन की ओर से की जा रही इस वित्तीय स्वायत्तता की मांग के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता के बीच इस मामले को लेकर #latehar_news के तहत व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।1
- रांची में समाजसेवी और वार्ड संख्या 23 के पार्षद प्रतिनिधि खालिद उमर के समर्थन में शहर के कई जिम्मेदार नागरिक और सामाजिक प्रतिनिधि एकजुट हुए हैं, जिन्होंने अपनी आवाज बुलंद की है। समर्थकों का आरोप है कि शिलान्यास के एक शिलापट पर खालिद उमर का नाम देखकर कुछ विरोधी बौखला गए और उन्होंने बेवजह एक विवाद खड़ा कर दिया। समर्थकों का कहना है कि यदि किसी साजिश के तहत खालिद उमर का नाम शिलापट से हटाया गया है, तो रांची नगर निगम को निष्पक्षता दिखाते हुए उन सभी शिलापटों पर समान कार्रवाई करनी चाहिए, जहां जनप्रतिनिधियों या अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा। सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि पत्थरों से नाम मिटाने वाले यह याद रखें कि जनता के दिलों में बनी पहचान कभी नहीं मिटाई जा सकती; शिलापट से नाम हट सकता है, लेकिन लोगों के विश्वास से नहीं। समर्थकों ने दावा किया कि खालिद उमर अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और सेवा की पहचान बन चुके हैं, और विरोध से उनकी पहचान कमजोर नहीं होगी, बल्कि और मजबूत होगी। रांची के जिम्मेदार नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, समान नियमों के पालन और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कानून और प्रशासन का रवैया सभी के लिए एक समान होना चाहिए।1
- ओरमांझी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर अंचल अधिकारी उज्जवल सोरेन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान, अंचल अधिकारी ने अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं और लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की। उन्होंने जनता से अफवाहों से दूर रहने, समय पर फॉर्म भरने और सही दस्तावेज जमा करने का आग्रह किया।1
- रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत चकरवाली गांव में बीती रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव निवासी धनेशर साव के घर को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया, जिससे घर को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्र से दूर खदेड़ने की मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने और प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखने की अपील की है।1
- रांची के हरमू स्थित बर्लिन अस्पताल को लेकर मरीज के परिजनों ने इलाज, बिलिंग और अस्पताल की व्यवस्था के संदर्भ में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है, जिसे प्राप्त होने पर प्राथमिकता के साथ साझा किया जाएगा।1
- रांची के रातू इलाके में बदहाल सड़क का एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसमें एक महिला रिक्शे से गिरकर दुर्घटना का शिकार हो गई। इस घटना ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों की स्थिति की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के माध्यम से लोग स्थानीय बुनियादी ढांचे की बदहाली पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।1