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जिलाधिकारी श्रावस्ती ने की अपील तेज बारिश से खराब हो रही मौसम में बाहर न निकले श्रावस्ती जनपद की जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है की मौसम खराब हो रहा है किसी भी हालत में बहन निकले मौसम ठीक होने तक का इंतजार करें

1 hr ago
user_SHARMA NEWS AGENCY
SHARMA NEWS AGENCY
रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जिलाधिकारी श्रावस्ती ने की अपील तेज बारिश से खराब हो रही मौसम में बाहर न निकले श्रावस्ती जनपद की जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है की मौसम खराब हो रहा है किसी भी हालत में बहन निकले मौसम ठीक होने तक का इंतजार करें

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • 👉*इलाके में लगातार बारिश से क्या हैं हालात, जानें इस हेडलाइन बुलेटिन में....* _1._ प्रदेश में लगातार चौथे दिन हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, आम लोगों को भारी परेशानी। _2._ जिला मुख्यालय से 120 किमी दूर कतर्नियाघाट जंगल में लगातार बारिश से जलभराव, जंगली जीवों पर मंडराया संकट - आबादी की ओर रुख कर सकते हैं जानवर, वन विभाग ने किया अलर्ट। _3._ शनिवार को बारिश का कहर, चहलवा ग्राम सभा के नई बस्ती मंगलपुरवा में एक दर्जन से अधिक कच्चे मिट्टी के मकान ढहे, ग्रामीणों का भारी नुकसान। _4._ नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा, बैराज के सभी गेट खोले गए - 2.29 लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा जा रहा है। _5._ घाघरा का जलस्तर बढ़ने से सुजौली, जंगल गुलरिया और चहलवा के दो दर्जन गांवों पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट मोड पर। _6._ शनिवार को कई स्थानों पर पेड़ गिरने के मामले सामने आए - बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा, वहीं बिछिया-सुजौली मार्ग पर जमुनिया मोड़ के पास और कारीकोट चौराहे पर पेड़ गिरने से यातायात करीब दो घंटे प्रभावित रहा, जबकि बिछिया रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर गिरे पेड़ को ट्रैकमैन की टीम ने तत्काल काटकर हटा दिया, हालांकि फिलहाल ट्रेन संचालन बंद है। _7._ रविवार को लगातार आज चौथे दिन भी बारिश का दौर जारी है, अगर यही हाल रहा और बारिश थमती नहीं है तो लोगों के लिए मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। ✍️ रिपोर्टर_राजू, खान पत्रकार जिला संवाददाता बहराइच
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    👉*इलाके में लगातार बारिश से क्या हैं हालात, जानें इस हेडलाइन बुलेटिन में....*

_1._ प्रदेश में लगातार चौथे दिन हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, आम लोगों को भारी परेशानी।

_2._ जिला मुख्यालय से 120 किमी दूर कतर्नियाघाट जंगल में लगातार बारिश से जलभराव, जंगली जीवों पर मंडराया संकट - आबादी की ओर रुख कर सकते हैं जानवर, वन विभाग ने किया अलर्ट।

_3._ शनिवार को बारिश का कहर, चहलवा ग्राम सभा के नई बस्ती मंगलपुरवा में एक दर्जन से अधिक कच्चे मिट्टी के मकान ढहे, ग्रामीणों का भारी नुकसान।

_4._ नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा, बैराज के सभी गेट खोले गए - 2.29 लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा जा रहा है।

_5._ घाघरा का जलस्तर बढ़ने से सुजौली, जंगल गुलरिया और चहलवा के दो दर्जन गांवों पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट मोड पर।

_6._ शनिवार को कई स्थानों पर पेड़ गिरने के मामले सामने आए - बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग पर पेड़ गिरने से दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा, वहीं बिछिया-सुजौली मार्ग पर जमुनिया मोड़ के पास और कारीकोट चौराहे पर पेड़ गिरने से यातायात करीब दो घंटे प्रभावित रहा, जबकि बिछिया रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर गिरे पेड़ को ट्रैकमैन की टीम ने तत्काल काटकर हटा दिया, हालांकि फिलहाल ट्रेन संचालन बंद है।

_7._ रविवार को लगातार आज चौथे दिन भी बारिश का दौर जारी है, अगर यही हाल रहा और बारिश थमती नहीं है तो लोगों के लिए मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।

✍️ रिपोर्टर_राजू, खान पत्रकार जिला संवाददाता बहराइच
    user_Raju,U,
    Raju,U,
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गोरखपुर को ‘स्पेन’ बनाने का दावा, बारिश में सांसद रवि किशन का घर ही पानी में डूबा! यूपी के गोरखपुर से सांसद रवि किशन के उस दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने गोरखपुर को स्पेन जैसा विकसित बनाने की बात कही थी। बारिश के बाद उनके घर में पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं—जब सांसद के अपने घर के आसपास जलभराव की स्थिति है, तो शहर को जलभराव से कब राहत मिलेगी? हालांकि, वायरल तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
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    गोरखपुर को ‘स्पेन’ बनाने का दावा,
बारिश में सांसद रवि किशन का घर ही पानी में डूबा!
यूपी के गोरखपुर से सांसद रवि किशन के उस दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने गोरखपुर को स्पेन जैसा विकसित बनाने की बात कही थी।
बारिश के बाद उनके घर में पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
लोग सवाल पूछ रहे हैं—जब सांसद के अपने घर के आसपास जलभराव की स्थिति है, तो शहर को जलभराव से कब राहत मिलेगी?
हालांकि, वायरल तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • बहराइच: नगर पालिका की लापरवाही से अस्पताल चौराहे के सामने फैला जलभराव, दो महीने से नहीं हुई नालियों की सफाई बहराइच। नगर पालिका परिषद बहराइच की घोर लापरवाही के कारण अस्पताल चौराहे के सामने स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। कानूंगोपुरा उत्तरी स्थित डॉ. एम. पांडे वाली गली में नालियों की बीते दो महीनों से सफाई न होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। नालियों की सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो चुकी है। थोड़ी सी बारिश होते ही सारा पानी गलियों में भर जाता है और लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है तथा क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों ने शीघ्र से शीघ्र नालियों की सफाई कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी संवाददाता: दैनिक विश्ववार्ता, बहराइच संपर्क: 7985711068
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    बहराइच: नगर पालिका की लापरवाही से अस्पताल चौराहे के सामने फैला जलभराव, दो महीने से नहीं हुई नालियों की सफाई
बहराइच।
नगर पालिका परिषद बहराइच की घोर लापरवाही के कारण अस्पताल चौराहे के सामने स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। कानूंगोपुरा उत्तरी स्थित डॉ. एम. पांडे वाली गली में नालियों की बीते दो महीनों से सफाई न होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
नालियों की सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो चुकी है। थोड़ी सी बारिश होते ही सारा पानी गलियों में भर जाता है और लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है तथा क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
नगर पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों ने शीघ्र से शीघ्र नालियों की सफाई कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी
संवाददाता: दैनिक विश्ववार्ता, बहराइच
संपर्क: 7985711068
    user_Pankaj Dev Tripathi
    Pankaj Dev Tripathi
    Voice of people बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बहराइच के रेलवे स्टेशन पर लगा लंबा पेड़ जब गिरा तो दुकाने हो गई नष्ट लाईव वीडियो देखे ,,,,, #animeedits #highlightseveryonefollowers2024 #viralreels #viralvideos #highlight बहराइच के रेलवे स्टेशन पर लगा लंबा पेड़ जब गिरा तो दुकाने हो गई नष्ट लाईव वीडियो देखे ,,,,, #animeedits #highlightseveryonefollowers2024 #viralreels #viralvideos #highlight
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    बहराइच के रेलवे स्टेशन पर लगा लंबा पेड़ जब गिरा तो दुकाने हो गई नष्ट लाईव वीडियो देखे ,,,,,

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बहराइच के रेलवे स्टेशन पर लगा लंबा पेड़ जब गिरा तो दुकाने हो गई नष्ट लाईव वीडियो देखे ,,,,,
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    user_Faraz ansari journalist
    Faraz ansari journalist
    Lawyer Bahraich, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • बहराइच-नानपारा हाईवे पर गिरा विशाल पेड़, पुलिस ने हटवाकर यातायात किया सुचारू। बहराइच। थाना रामगांव अंतर्गत हाईवे चौकी क्षेत्र में बहराइच-नानपारा हाईवे पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी रामगांव दिवाकर तिवारी, चौकी प्रभारी हाईवे हेमंत कुमार सिंह, वन विभाग रेंजर साकिब अंसारी सहित कई अधिकारी पहुंचे। थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी और चौकी प्रभारी हेमंत कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को किनारे हटवाया। अब हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। शेष कुशलता है। रिपोर्टर नौशाद खानवारसी।
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    बहराइच-नानपारा हाईवे पर गिरा विशाल पेड़, पुलिस ने हटवाकर यातायात किया सुचारू। 

बहराइच। थाना रामगांव अंतर्गत हाईवे चौकी क्षेत्र में बहराइच-नानपारा हाईवे पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी रामगांव दिवाकर तिवारी, चौकी प्रभारी हाईवे हेमंत कुमार सिंह, वन विभाग रेंजर साकिब अंसारी सहित कई अधिकारी पहुंचे।
थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी और चौकी प्रभारी हेमंत कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को किनारे हटवाया।
अब हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। शेष कुशलता है।
रिपोर्टर नौशाद खानवारसी।
    user_रिपोर्टर नौशाद खान बहराइच
    रिपोर्टर नौशाद खान बहराइच
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बारिश और तेज हवाओं से विद्युत आपूर्ति प्रभावित, बहाली में लग सकते हैं दो से तीन दिन विशेश्वरगंज। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज से जुड़े कई क्षेत्रों में विद्युत पोल और तार गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार पयागपुर क्षेत्र में करीब 1.32 लाख की लाइन प्रभावित हुई है, जिसे पहले दुरुस्त किया जाना जरूरी है। इसके बाद 33 केवी लाइन की आपूर्ति बहाल होने पर 11 केवी फीडरों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पावर हाउस में टीपीएमओ से जुड़े तार भी टूट गए हैं। कई स्थानों पर विद्युत पोल गिरने के साथ तार पेड़ों पर पड़े हुए हैं। ऐसे में पेड़ों को हटाने के साथ क्षतिग्रस्त तारों और लाइनों की मरम्मत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में दो से तीन दिन तक का समय लग सकता है। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए एसडीओ लखेंद्र सिंह और जेई आकाश श्रीवास्तव कर्मचारियों के साथ लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीमें जगह-जगह विद्युत लाइनों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां तारों पर पेड़ गिरे हैं, वहां उन्हें हटवाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। विद्युत व्यवस्था बहाल करने के अभियान में वीरबल प्रसाद, मिश्री लाल, इंद्र कुमार यादव, जसजीत सिंह, अजय कुमार मिश्रा, मुसुलहासन, पुत्तनु चौहान, परशुराम नेता और देवेंद्र सहित अन्य कर्मचारी जुटे हुए हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कहीं विद्युत तार या पोल गिरा हुआ दिखाई दे तो उसे अपने हाथों से बिल्कुल न हटाएं और न ही उसके पास जाएं। किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल 1912 पर अथवा संबंधित अधिकारी या विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दें। विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा होने तक उपभोक्ताओं से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
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    बारिश और तेज हवाओं से विद्युत आपूर्ति प्रभावित, बहाली में लग सकते हैं दो से तीन दिन

विशेश्वरगंज। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज से जुड़े कई क्षेत्रों में विद्युत पोल और तार गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार पयागपुर क्षेत्र में करीब 1.32 लाख की लाइन प्रभावित हुई है, जिसे पहले दुरुस्त किया जाना जरूरी है। इसके बाद 33 केवी लाइन की आपूर्ति बहाल होने पर 11 केवी फीडरों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जा सकेगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पावर हाउस में टीपीएमओ से जुड़े तार भी टूट गए हैं। कई स्थानों पर विद्युत पोल गिरने के साथ तार पेड़ों पर पड़े हुए हैं। ऐसे में पेड़ों को हटाने के साथ क्षतिग्रस्त तारों और लाइनों की मरम्मत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में दो से तीन दिन तक का समय लग सकता है।
विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए एसडीओ लखेंद्र सिंह और जेई आकाश श्रीवास्तव कर्मचारियों के साथ लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीमें जगह-जगह विद्युत लाइनों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां तारों पर पेड़ गिरे हैं, वहां उन्हें हटवाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
विद्युत व्यवस्था बहाल करने के अभियान में वीरबल प्रसाद, मिश्री लाल, इंद्र कुमार यादव, जसजीत सिंह, अजय कुमार मिश्रा, मुसुलहासन, पुत्तनु चौहान, परशुराम नेता और देवेंद्र सहित अन्य कर्मचारी जुटे हुए हैं।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कहीं विद्युत तार या पोल गिरा हुआ दिखाई दे तो उसे अपने हाथों से बिल्कुल न हटाएं और न ही उसके पास जाएं। किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल 1912 पर अथवा संबंधित अधिकारी या विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दें। विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा होने तक उपभोक्ताओं से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
    user_Anoop Mishra
    Anoop Mishra
    Lawyer बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गणेश पूजा विसर्जन की तैयारी पूजा आरती कर रहे श्रद्धालु हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धांलु बहराइच जनपद के ब्लॉक नवाबगंज बाबागंज नवाबगंज इलाके में गणेश पूजा विसर्जन की तैयारी पूजा आरती कर रहे श्रद्धालु हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धांलु
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    गणेश पूजा विसर्जन की तैयारी पूजा आरती कर रहे श्रद्धालु हजारों की संख्या में  जुटे श्रद्धांलु 
बहराइच जनपद के ब्लॉक नवाबगंज बाबागंज नवाबगंज इलाके में गणेश पूजा विसर्जन की तैयारी पूजा आरती कर रहे श्रद्धालु हजारों की संख्या में  जुटे श्रद्धांलु
    user_SHARMA NEWS AGENCY
    SHARMA NEWS AGENCY
    रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 40 लाख के अमृत सरोवर पर गंभीर सवाल: गरीब की जमीन से लेकर जांच रिपोर्ट तक उठे प्रश्न उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए एक अमृत सरोवर को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी धन से निर्मित यह अमृत सरोवर गांव के एक गरीब दलित व्यक्ति की उस जमीन पर बनाया गया, जो उसे करीब 40 वर्ष पूर्व पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वास्तव में पट्टाधारक के नाम थी, तो आखिर सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का सत्यापन किस आधार पर हुआ? लेखपाल की रिपोर्ट में इस जमीन को अमृत सरोवर के निर्माण के लिए उपयुक्त कैसे माना गया? क्या निर्माण से पहले भूमि के स्वामित्व और पट्टे से संबंधित अभिलेखों की विधिवत जांच की गई थी? इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सवालों का स्पष्ट उत्तर संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है। बताया जाता है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर संबंधित गरीब व्यक्ति पिछले करीब सात वर्षों से अधिकारियों के कार्यालयों और न्याय की चौखट के चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके, अब तक उसे अपने अधिकार और जमीन को लेकर स्पष्ट न्याय मिल पाया है या नहीं, यह भी जांच का विषय है। मामले में बलहा विधायक सरोज सोनकर और उनके प्रतिनिधि आलोक जिंदल से भी कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप न पाए जाने के बाद अमृत सरोवर के उद्घाटन से इनकार किया गया था। यदि ऐसा हुआ था, तो सवाल यह है कि उस समय गठित जांच समिति की रिपोर्ट कहां है? जांच किस स्तर तक पहुंची? उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए? यदि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई थीं, तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की दोबारा समीक्षा क्यों नहीं कराई गई? करीब 40 लाख रुपये के सरकारी धन से बने इस अमृत सरोवर की भूमि, निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी मानक, भुगतान, लेखपाल की रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब सवाल सिर्फ एक अमृत सरोवर का नहीं, बल्कि एक गरीब व्यक्ति के कथित भूमि अधिकार, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन सवालों का स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।
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    40 लाख के अमृत सरोवर पर गंभीर सवाल: गरीब की जमीन से लेकर जांच रिपोर्ट तक उठे प्रश्न

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए एक अमृत सरोवर को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी धन से निर्मित यह अमृत सरोवर गांव के एक गरीब दलित व्यक्ति की उस जमीन पर बनाया गया, जो उसे करीब 40 वर्ष पूर्व पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वास्तव में पट्टाधारक के नाम थी, तो आखिर सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का सत्यापन किस आधार पर हुआ? लेखपाल की रिपोर्ट में इस जमीन को अमृत सरोवर के निर्माण के लिए उपयुक्त कैसे माना गया? क्या निर्माण से पहले भूमि के स्वामित्व और पट्टे से संबंधित अभिलेखों की विधिवत जांच की गई थी?

इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सवालों का स्पष्ट उत्तर संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है।

बताया जाता है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर संबंधित गरीब व्यक्ति पिछले करीब सात वर्षों से अधिकारियों के कार्यालयों और न्याय की चौखट के चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके, अब तक उसे अपने अधिकार और जमीन को लेकर स्पष्ट न्याय मिल पाया है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।

मामले में बलहा विधायक सरोज सोनकर और उनके प्रतिनिधि आलोक जिंदल से भी कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप न पाए जाने के बाद अमृत सरोवर के उद्घाटन से इनकार किया गया था।

यदि ऐसा हुआ था, तो सवाल यह है कि उस समय गठित जांच समिति की रिपोर्ट कहां है? जांच किस स्तर तक पहुंची? उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए? यदि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई थीं, तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की दोबारा समीक्षा क्यों नहीं कराई गई?

करीब 40 लाख रुपये के सरकारी धन से बने इस अमृत सरोवर की भूमि, निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी मानक, भुगतान, लेखपाल की रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।

अब सवाल सिर्फ एक अमृत सरोवर का नहीं, बल्कि एक गरीब व्यक्ति के कथित भूमि अधिकार, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन सवालों का स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।
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    Raju,U,
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *नानपारा में आंधी का कहर, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और *खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप (Shuru App) डाउनलोड करें* 👇🏻
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    *नानपारा में आंधी का कहर, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे*

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    user_Pankaj Dev Tripathi
    Pankaj Dev Tripathi
    Voice of people बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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