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40 लाख के अमृत सरोवर पर गंभीर सवाल: गरीब की जमीन से लेकर जांच रिपोर्ट तक उठे प्रश्न उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए एक अमृत सरोवर को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी धन से निर्मित यह अमृत सरोवर गांव के एक गरीब दलित व्यक्ति की उस जमीन पर बनाया गया, जो उसे करीब 40 वर्ष पूर्व पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वास्तव में पट्टाधारक के नाम थी, तो आखिर सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का सत्यापन किस आधार पर हुआ? लेखपाल की रिपोर्ट में इस जमीन को अमृत सरोवर के निर्माण के लिए उपयुक्त कैसे माना गया? क्या निर्माण से पहले भूमि के स्वामित्व और पट्टे से संबंधित अभिलेखों की विधिवत जांच की गई थी? इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सवालों का स्पष्ट उत्तर संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है। बताया जाता है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर संबंधित गरीब व्यक्ति पिछले करीब सात वर्षों से अधिकारियों के कार्यालयों और न्याय की चौखट के चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके, अब तक उसे अपने अधिकार और जमीन को लेकर स्पष्ट न्याय मिल पाया है या नहीं, यह भी जांच का विषय है। मामले में बलहा विधायक सरोज सोनकर और उनके प्रतिनिधि आलोक जिंदल से भी कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप न पाए जाने के बाद अमृत सरोवर के उद्घाटन से इनकार किया गया था। यदि ऐसा हुआ था, तो सवाल यह है कि उस समय गठित जांच समिति की रिपोर्ट कहां है? जांच किस स्तर तक पहुंची? उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए? यदि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई थीं, तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की दोबारा समीक्षा क्यों नहीं कराई गई? करीब 40 लाख रुपये के सरकारी धन से बने इस अमृत सरोवर की भूमि, निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी मानक, भुगतान, लेखपाल की रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब सवाल सिर्फ एक अमृत सरोवर का नहीं, बल्कि एक गरीब व्यक्ति के कथित भूमि अधिकार, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन सवालों का स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।

1 hr ago
user_Raju,U,
Raju,U,
Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

40 लाख के अमृत सरोवर पर गंभीर सवाल: गरीब की जमीन से लेकर जांच रिपोर्ट तक उठे प्रश्न उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए एक अमृत सरोवर को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी धन से निर्मित यह अमृत सरोवर गांव के एक गरीब दलित व्यक्ति की उस जमीन पर बनाया गया, जो उसे करीब 40 वर्ष पूर्व पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वास्तव में पट्टाधारक के नाम थी, तो आखिर सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का सत्यापन किस आधार पर हुआ? लेखपाल की रिपोर्ट में इस जमीन को अमृत सरोवर के निर्माण के लिए उपयुक्त कैसे माना गया? क्या निर्माण से पहले भूमि के स्वामित्व और पट्टे से संबंधित अभिलेखों की विधिवत जांच की गई थी? इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सवालों का स्पष्ट उत्तर संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है। बताया जाता है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर संबंधित गरीब व्यक्ति पिछले करीब सात वर्षों से अधिकारियों के कार्यालयों और न्याय की चौखट के चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके, अब तक उसे अपने अधिकार और जमीन को लेकर स्पष्ट न्याय मिल पाया है या नहीं, यह भी जांच का विषय है। मामले में बलहा विधायक सरोज सोनकर और उनके प्रतिनिधि आलोक जिंदल से भी कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप न पाए जाने के बाद अमृत सरोवर के उद्घाटन से इनकार किया गया था। यदि ऐसा हुआ था, तो सवाल यह है कि उस समय गठित जांच समिति की रिपोर्ट कहां है? जांच किस स्तर तक पहुंची? उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए? यदि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई थीं, तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की दोबारा समीक्षा क्यों नहीं कराई गई? करीब 40 लाख रुपये के सरकारी धन से बने इस अमृत सरोवर की भूमि, निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी मानक, भुगतान, लेखपाल की रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब सवाल सिर्फ एक अमृत सरोवर का नहीं, बल्कि एक गरीब व्यक्ति के कथित भूमि अधिकार, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन सवालों का स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बहराइच: नगर पालिका की लापरवाही से अस्पताल चौराहे के सामने फैला जलभराव, दो महीने से नहीं हुई नालियों की सफाई बहराइच। नगर पालिका परिषद बहराइच की घोर लापरवाही के कारण अस्पताल चौराहे के सामने स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। कानूंगोपुरा उत्तरी स्थित डॉ. एम. पांडे वाली गली में नालियों की बीते दो महीनों से सफाई न होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। नालियों की सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो चुकी है। थोड़ी सी बारिश होते ही सारा पानी गलियों में भर जाता है और लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है तथा क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों ने शीघ्र से शीघ्र नालियों की सफाई कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी संवाददाता: दैनिक विश्ववार्ता, बहराइच संपर्क: 7985711068
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    बहराइच: नगर पालिका की लापरवाही से अस्पताल चौराहे के सामने फैला जलभराव, दो महीने से नहीं हुई नालियों की सफाई
बहराइच।
नगर पालिका परिषद बहराइच की घोर लापरवाही के कारण अस्पताल चौराहे के सामने स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। कानूंगोपुरा उत्तरी स्थित डॉ. एम. पांडे वाली गली में नालियों की बीते दो महीनों से सफाई न होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
नालियों की सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो चुकी है। थोड़ी सी बारिश होते ही सारा पानी गलियों में भर जाता है और लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है तथा क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
नगर पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों ने शीघ्र से शीघ्र नालियों की सफाई कराकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी
संवाददाता: दैनिक विश्ववार्ता, बहराइच
संपर्क: 7985711068
    user_Pankaj Dev Tripathi
    Pankaj Dev Tripathi
    Voice of people बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गंगा एक्सप्रेस-वे पर बीजेपी विधायक की कार का भीषण हादसा टायर फटने के बाद पोल से टकराई फार्च्यूनर, विधायक समेत दो घायल बुलंदशहर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। स्याना कोतवाली क्षेत्र के पोटा कबूलपुर गांव के पास बीजेपी विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी की फार्च्यूनर कार का अचानक टायर फट गया। टायर फटते ही कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल से जा टकराई। हादसे में बीजेपी विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी समेत दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। दोनों घायलों को इलाज के लिए हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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    गंगा एक्सप्रेस-वे पर बीजेपी विधायक की कार का भीषण हादसा
टायर फटने के बाद पोल से टकराई फार्च्यूनर, विधायक समेत दो घायल
बुलंदशहर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। स्याना कोतवाली क्षेत्र के पोटा कबूलपुर गांव के पास बीजेपी विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी की फार्च्यूनर कार का अचानक टायर फट गया।
टायर फटते ही कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल से जा टकराई। हादसे में बीजेपी विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी समेत दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। दोनों घायलों को इलाज के लिए हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • बहराइच-नानपारा हाईवे पर गिरा विशाल पेड़, पुलिस ने हटवाकर यातायात किया सुचारू। बहराइच। थाना रामगांव अंतर्गत हाईवे चौकी क्षेत्र में बहराइच-नानपारा हाईवे पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी रामगांव दिवाकर तिवारी, चौकी प्रभारी हाईवे हेमंत कुमार सिंह, वन विभाग रेंजर साकिब अंसारी सहित कई अधिकारी पहुंचे। थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी और चौकी प्रभारी हेमंत कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को किनारे हटवाया। अब हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। शेष कुशलता है। रिपोर्टर नौशाद खानवारसी।
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    बहराइच-नानपारा हाईवे पर गिरा विशाल पेड़, पुलिस ने हटवाकर यातायात किया सुचारू। 

बहराइच। थाना रामगांव अंतर्गत हाईवे चौकी क्षेत्र में बहराइच-नानपारा हाईवे पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी रामगांव दिवाकर तिवारी, चौकी प्रभारी हाईवे हेमंत कुमार सिंह, वन विभाग रेंजर साकिब अंसारी सहित कई अधिकारी पहुंचे।
थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी और चौकी प्रभारी हेमंत कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को किनारे हटवाया।
अब हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। शेष कुशलता है।
रिपोर्टर नौशाद खानवारसी।
    user_रिपोर्टर नौशाद खान बहराइच
    रिपोर्टर नौशाद खान बहराइच
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बारिश और तेज हवाओं से विद्युत आपूर्ति प्रभावित, बहाली में लग सकते हैं दो से तीन दिन विशेश्वरगंज। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज से जुड़े कई क्षेत्रों में विद्युत पोल और तार गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार पयागपुर क्षेत्र में करीब 1.32 लाख की लाइन प्रभावित हुई है, जिसे पहले दुरुस्त किया जाना जरूरी है। इसके बाद 33 केवी लाइन की आपूर्ति बहाल होने पर 11 केवी फीडरों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पावर हाउस में टीपीएमओ से जुड़े तार भी टूट गए हैं। कई स्थानों पर विद्युत पोल गिरने के साथ तार पेड़ों पर पड़े हुए हैं। ऐसे में पेड़ों को हटाने के साथ क्षतिग्रस्त तारों और लाइनों की मरम्मत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में दो से तीन दिन तक का समय लग सकता है। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए एसडीओ लखेंद्र सिंह और जेई आकाश श्रीवास्तव कर्मचारियों के साथ लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीमें जगह-जगह विद्युत लाइनों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां तारों पर पेड़ गिरे हैं, वहां उन्हें हटवाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। विद्युत व्यवस्था बहाल करने के अभियान में वीरबल प्रसाद, मिश्री लाल, इंद्र कुमार यादव, जसजीत सिंह, अजय कुमार मिश्रा, मुसुलहासन, पुत्तनु चौहान, परशुराम नेता और देवेंद्र सहित अन्य कर्मचारी जुटे हुए हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कहीं विद्युत तार या पोल गिरा हुआ दिखाई दे तो उसे अपने हाथों से बिल्कुल न हटाएं और न ही उसके पास जाएं। किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल 1912 पर अथवा संबंधित अधिकारी या विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दें। विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा होने तक उपभोक्ताओं से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
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    बारिश और तेज हवाओं से विद्युत आपूर्ति प्रभावित, बहाली में लग सकते हैं दो से तीन दिन

विशेश्वरगंज। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज से जुड़े कई क्षेत्रों में विद्युत पोल और तार गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार पयागपुर क्षेत्र में करीब 1.32 लाख की लाइन प्रभावित हुई है, जिसे पहले दुरुस्त किया जाना जरूरी है। इसके बाद 33 केवी लाइन की आपूर्ति बहाल होने पर 11 केवी फीडरों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जा सकेगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पावर हाउस में टीपीएमओ से जुड़े तार भी टूट गए हैं। कई स्थानों पर विद्युत पोल गिरने के साथ तार पेड़ों पर पड़े हुए हैं। ऐसे में पेड़ों को हटाने के साथ क्षतिग्रस्त तारों और लाइनों की मरम्मत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में दो से तीन दिन तक का समय लग सकता है।
विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए एसडीओ लखेंद्र सिंह और जेई आकाश श्रीवास्तव कर्मचारियों के साथ लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीमें जगह-जगह विद्युत लाइनों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां तारों पर पेड़ गिरे हैं, वहां उन्हें हटवाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
विद्युत व्यवस्था बहाल करने के अभियान में वीरबल प्रसाद, मिश्री लाल, इंद्र कुमार यादव, जसजीत सिंह, अजय कुमार मिश्रा, मुसुलहासन, पुत्तनु चौहान, परशुराम नेता और देवेंद्र सहित अन्य कर्मचारी जुटे हुए हैं।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कहीं विद्युत तार या पोल गिरा हुआ दिखाई दे तो उसे अपने हाथों से बिल्कुल न हटाएं और न ही उसके पास जाएं। किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल 1912 पर अथवा संबंधित अधिकारी या विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दें। विभाग ने मरम्मत कार्य पूरा होने तक उपभोक्ताओं से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
    user_Anoop Mishra
    Anoop Mishra
    Lawyer बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आस्था के साथ गणपति को विदाई, भक्ति गीतों से गूंजा नानपारा नानपारा, बहराइच। गणेश उत्सव के समापन पर शुक्रवार को नानपारा में भगवान गणेश की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। नई बस्ती, पुरानी बाजार स्थित माधव दास मंदिर से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बारिश के बीच निकली यात्रा में जगह-जगह भक्तों ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्री गणेश पूजा समिति नानपारा की ओर से आयोजित गणेश उत्सव के तहत प्रतिमा स्थापना के बाद विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। गुरुवार को महाआरती के उपरांत शुक्रवार को गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु प्रतिमा के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। नगर के विभिन्न मार्गों से होकर विसर्जन यात्रा गायघाट स्थित सरयू नदी की ओर रवाना हुई। आयोजन के दौरान समिति के संरक्षक अजय श्रीवास्तव, महामंत्री ओमप्रकाश विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक निषाद एवं सूरज निषाद सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। वहीं विसर्जन यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
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    आस्था के साथ गणपति को विदाई, भक्ति गीतों से गूंजा नानपारा
नानपारा, बहराइच। गणेश उत्सव के समापन पर शुक्रवार को नानपारा में भगवान गणेश की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। नई बस्ती, पुरानी बाजार स्थित माधव दास मंदिर से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बारिश के बीच निकली यात्रा में जगह-जगह भक्तों ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्री गणेश पूजा समिति नानपारा की ओर से आयोजित गणेश उत्सव के तहत प्रतिमा स्थापना के बाद विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। गुरुवार को महाआरती के उपरांत शुक्रवार को गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु प्रतिमा के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। नगर के विभिन्न मार्गों से होकर विसर्जन यात्रा गायघाट स्थित सरयू नदी की ओर रवाना हुई। आयोजन के दौरान समिति के संरक्षक अजय श्रीवास्तव, महामंत्री ओमप्रकाश विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक निषाद एवं सूरज निषाद सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। वहीं विसर्जन यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
    user_Sarfaraj Siddiqui Journalist
    Sarfaraj Siddiqui Journalist
    Computer service बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *नानपारा में आंधी का कहर, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और *खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप (Shuru App) डाउनलोड करें* 👇🏻
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    *नानपारा में आंधी का कहर, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे*

अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और *खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप (Shuru App) डाउनलोड करें* 👇🏻
    user_Pankaj Dev Tripathi
    Pankaj Dev Tripathi
    Voice of people बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सहादत इंटर कॉलेज के मंदिर में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे व्यक्ति की पहचान में जुटी पुलिस उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा स्थित सहादत इंटर कॉलेज में बने मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही थी और वह बाहर से आया हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अब मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
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    सहादत इंटर कॉलेज के मंदिर में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव
मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे व्यक्ति की पहचान में जुटी पुलिस
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा स्थित सहादत इंटर कॉलेज में बने मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही थी और वह बाहर से आया हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस अब मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • क्रय केंद्र स्थानांतरण के विरोध में सैकड़ों किसानों का प्रदर्शन किसानों ने कहा—एरा चीनी मिल से जुड़े क्रय केंद्र नानपारा मिल को देना स्वीकार नहीं, जरूरत पड़ी तो कोल क्रेशर पर बेचेंगे गन्ना बहराइच। सहकारी गन्ना विकास समिति नानपारा में दिनांक 24 सितंबर 2026 को आयोजित सुरक्षा बैठक में क्रय केंद्र गुड़ प्रथम सहित एरा चीनी मिल से जुड़े आठ क्रय केंद्रों को नानपारा चीनी मिल को आवंटित किए जाने के प्रस्ताव/निर्णय का किसानों ने कड़ा विरोध किया है। किसानों का कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना गन्ना नानपारा चीनी मिल को नहीं देंगे। किसानों ने गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं जिला गन्ना अधिकारी, बहराइच को संबोधित ज्ञापन/मांग के माध्यम से कहा है कि क्रय केंद्र गुड़ प्रथम के किसानों का गन्ना पूर्व में एरा चीनी मिल को जाता रहा है। एरा चीनी मिल द्वारा समय से गन्ना भुगतान, गन्ना विकास कार्य, गन्ने का समय पर उठान तथा आगामी फसल की बुवाई के लिए आवश्यक नवीनतम बीज आदि की व्यवस्थाएं की जाती रही हैं। किसानों के अनुसार उनका क्षेत्र जलभराव प्रभावित है, जिसके कारण यहां गन्ने की खेती किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। क्रय केंद्र के स्थानांतरण के विरोध में क्रय केंद्र गुड़ प्रथम के निकट दुर्गा माता मंदिर पर भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों किसान एकत्र हुए और प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि गुड़ प्रथम सहित एरा चीनी मिल से जुड़े क्रय केंद्रों को नानपारा चीनी मिल को दिए जाने का निर्णय उन्हें स्वीकार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान गन्ना प्रतिनिधि, डायरेक्टर, डेलीगेट एवं प्रधानगण सहित शिव कुमार पांडेय (अध्यक्ष), जगत जीत पांडेय (पूर्व संचालक सदस्य ) संदीप तिवारी, मनीष पांडेय, करण तिवारी, राजकिशोर पांडेय, लौकुश बाजपेयी, उद्धव तिवारी, अमरीश तिवारी, राम पतल तिवारी, नवीन तिवारी, जनमेजय तिवारी एवं महेंद्र शुक्ला समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि नानपारा चीनी मिल की पेराई क्षमता सीमित होने तथा तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को गन्ना आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों के मुताबिक कई बार गन्ना लदी गाड़ियां क्रय केंद्रों पर चार-पांच दिन तक खड़ी रहती हैं, जिससे गन्ना सूखने और वजन में कमी होने का नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मिल में बार-बार ब्रेकडाउन होने के कारण पेराई व्यवस्था प्रभावित होती है। किसानों का कहना है कि यदि उनके क्रय केंद्र को नानपारा से जोड़ा गया तो हम किसान माननीय मुख्यमंत्री महोदय के पास भी जाएंगे और किसी भी कीमत पर अपने सेंटर को नहीं जाने देंगे इसके लिए रास्ता जाम करना पड़े चक्का जाम करना पड़े सारे कर्म करेंगे किसानों ने कहा कि नानपारा चीनी मिल की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था समय पर गन्ना उठान और भुगतान को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने कहा कि वे ऐसी स्थिति में अपना गन्ना नानपारा चीनी मिल को देने के बजाय कोल क्रेशर पर बेचने को मजबूर होंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो अगले वर्ष से वे सहकारी व्यवस्था के अंतर्गत गन्ने की खेती से दूरी बनाने पर भी विचार करेंगे। किसानों के अनुसार इससे क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था एवं ग्रामीण रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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    क्रय केंद्र स्थानांतरण के विरोध में सैकड़ों किसानों का प्रदर्शन

किसानों ने कहा—एरा चीनी मिल से जुड़े क्रय केंद्र नानपारा मिल को देना स्वीकार नहीं, जरूरत पड़ी तो कोल क्रेशर पर बेचेंगे गन्ना

बहराइच। सहकारी गन्ना विकास समिति नानपारा में दिनांक 24 सितंबर 2026 को आयोजित सुरक्षा बैठक में क्रय केंद्र गुड़ प्रथम सहित एरा चीनी मिल से जुड़े आठ क्रय केंद्रों को नानपारा चीनी मिल को आवंटित किए जाने के प्रस्ताव/निर्णय का किसानों ने कड़ा विरोध किया है। किसानों का कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना गन्ना नानपारा चीनी मिल को नहीं देंगे।

किसानों ने गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं जिला गन्ना अधिकारी, बहराइच को संबोधित ज्ञापन/मांग के माध्यम से कहा है कि क्रय केंद्र गुड़ प्रथम के किसानों का गन्ना पूर्व में एरा चीनी मिल को जाता रहा है। एरा चीनी मिल द्वारा समय से गन्ना भुगतान, गन्ना विकास कार्य, गन्ने का समय पर उठान तथा आगामी फसल की बुवाई के लिए आवश्यक नवीनतम बीज आदि की व्यवस्थाएं की जाती रही हैं। किसानों के अनुसार उनका क्षेत्र जलभराव प्रभावित है, जिसके कारण यहां गन्ने की खेती किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है।

क्रय केंद्र के स्थानांतरण के विरोध में क्रय केंद्र गुड़ प्रथम  के निकट दुर्गा माता मंदिर पर भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों किसान एकत्र हुए और प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि गुड़ प्रथम सहित एरा चीनी मिल से जुड़े क्रय केंद्रों को नानपारा चीनी मिल को दिए जाने का निर्णय उन्हें स्वीकार नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान गन्ना प्रतिनिधि, डायरेक्टर, डेलीगेट एवं प्रधानगण सहित शिव कुमार पांडेय (अध्यक्ष), जगत जीत पांडेय (पूर्व संचालक सदस्य ) संदीप तिवारी, मनीष पांडेय, करण तिवारी, राजकिशोर पांडेय, लौकुश बाजपेयी, उद्धव तिवारी, अमरीश तिवारी, राम पतल तिवारी, नवीन तिवारी, जनमेजय तिवारी एवं महेंद्र शुक्ला समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसानों ने आरोप लगाया कि नानपारा चीनी मिल की पेराई क्षमता सीमित होने तथा तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को गन्ना आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों के मुताबिक कई बार गन्ना लदी गाड़ियां क्रय केंद्रों पर चार-पांच दिन तक खड़ी रहती हैं, जिससे गन्ना सूखने और वजन में कमी होने का नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मिल में बार-बार ब्रेकडाउन होने के कारण पेराई व्यवस्था प्रभावित होती है।

किसानों का कहना है कि यदि उनके क्रय केंद्र को नानपारा से जोड़ा गया तो हम किसान माननीय  मुख्यमंत्री महोदय के पास भी जाएंगे और किसी भी कीमत पर अपने सेंटर को नहीं जाने देंगे इसके लिए रास्ता जाम करना पड़े चक्का जाम करना पड़े सारे कर्म करेंगे किसानों ने कहा  कि नानपारा चीनी मिल की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था समय पर गन्ना उठान और भुगतान को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने कहा कि वे ऐसी स्थिति में अपना गन्ना नानपारा चीनी मिल को देने के बजाय कोल क्रेशर पर बेचने को मजबूर होंगे।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो अगले वर्ष से वे सहकारी व्यवस्था के अंतर्गत गन्ने की खेती से दूरी बनाने पर भी विचार करेंगे। किसानों के अनुसार इससे क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था एवं ग्रामीण रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
    user_Raju,U,
    Raju,U,
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • नानपारा से बहराइच जाने वाली हाईवे रोड चौपाल सागर के पास आंधी तूफान भारी बारिश के कारण हाईवे रोड पर पेड गिरे पड़े हुए हैं 2 से 3 किलोमीटर की दूरी में लगी भारी जाम
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    नानपारा से बहराइच जाने वाली हाईवे रोड चौपाल सागर के पास आंधी तूफान भारी बारिश के कारण हाईवे रोड पर पेड गिरे पड़े हुए हैं 2 से 3 किलोमीटर की दूरी में लगी भारी जाम
    user_हंस कुमार पत्रकार
    हंस कुमार पत्रकार
    News Anchor बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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