छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित पंचवटी मैरिज गार्डन में अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व, नगरीय प्रशासन और पुलिस की टीम को कब्जाधारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके कारण प्रशासन को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। कार्रवाई के दौरान हंगामा इस कदर बढ़ गया कि कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह जेसीबी के सामने लेट गए, जबकि उनकी पत्नी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोबारा विरोध शुरू होने पर एसडीएम के मौखिक निर्देश पर बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया। इस तीखे विरोध के चलते प्रशासनिक टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी आज 15 जुलाई को दोपहर करीब 1:00 बजे छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने दी है। इस मामले में कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह ने प्रशासन की इस कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, शिकायतकर्ता लोचन शर्मा का दावा है कि उनकी निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसकी शिकायत उन्होंने प्रशासन से की थी और इसी शिकायत के आधार पर टीम वहां कार्रवाई करने पहुंची थी।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित पंचवटी मैरिज गार्डन में अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व, नगरीय प्रशासन और पुलिस की टीम को कब्जाधारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके कारण प्रशासन को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। कार्रवाई के दौरान हंगामा इस कदर बढ़ गया कि कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह जेसीबी के सामने लेट गए, जबकि उनकी पत्नी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोबारा विरोध शुरू होने पर एसडीएम के मौखिक निर्देश पर बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया। इस तीखे विरोध के चलते प्रशासनिक टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी आज 15 जुलाई को दोपहर करीब 1:00 बजे छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने दी है। इस मामले में कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह ने प्रशासन की इस कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, शिकायतकर्ता लोचन शर्मा का दावा है कि उनकी निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसकी शिकायत उन्होंने प्रशासन से की थी और इसी शिकायत के आधार पर टीम वहां कार्रवाई करने पहुंची थी।
- छतरपुर जिले की राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पहरा के ग्राम बंधिया में सीसी रोड पर जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर डाली गई मिट्टी के कारण बारिश और नालियों का पानी सीसी रोड पर जमा हो गया है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी खड़ी हो गई है। इसी रास्ते से रोजाना छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण आते-जाते हैं। सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से फिसलने और दुर्घटना होने का गंभीर खतरा बना रहता है, जिसके चलते अब लोगों को गंदे पानी के बीच से ही गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जलभराव की जानकारी कई बार ग्राम सरपंच को दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सीसी रोड पर जमा पानी की जल्द से जल्द निकासी कराई जाए, रास्ते से मिट्टी को हटाया जाए और आवागमन को सुचारु बनाया जाए ताकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को इस नरकीय स्थिति से राहत मिल सके। इस जनसमस्या पर 'संघर्ष न्यूज़' ने भी प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही है।1
- यदुवंश और हैहय वंश की प्राचीन परंपरा, इतिहास और शोध को जोड़ने वाला एक अद्भुत शोध संग्रह सामने आया है, जो यदु से लेकर सहस्रबाहु तक के सफर को दर्शाता है। इस इतिहास के अनुसार, राजा ययाति के पांच पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र यदु से ही "यादव" वंश की शुरुआत हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और द्वारका का निर्माण जैसी महत्वपूर्ण कड़ियां इसी यदु वंश से जुड़ी हैं। यदु वंश की आगे चलकर चार मुख्य शाखाएं बनीं, जिनमें चेदि, भोज, अंधक और सात्वत शामिल हैं। यदु के भाई तुर्वसु के वंश से अलग होकर हैहय वंश की स्थापना हुई, जिसके सबसे प्रतापी राजा सहस्रबाहु अर्जुन कार्तवीर्य हुए। 'सहस्रबाहु' नाम के पीछे का कारण उनकी एक साथ 1000 जगहों पर युद्ध और शासन करने की अद्भुत क्षमता थी, जिसे प्रतीकात्मक रूप से 1000 भुजाएं कहा जाता है। उन्होंने महिष्मती को अपनी राजधानी बनाया था और उनसे नर्मदा नदी का प्रवाह रोकने व रावण को पराजित करने जैसी कथाएं जुड़ी हैं। इसके अलावा, भगवान परशुराम और सहस्रबाहु के बीच हुआ युद्ध भी इस पौराणिक इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय है। इस शोध संग्रह का महत्व केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुराणों, महाभारत और हरिवंश पुराण के वंशावली संदर्भों का गहरा शोध शामिल है। इसमें बुंदेलखंड, मालवा, गुजरात और राजस्थान में मौजूद यदुवंशियों व हैहयों के किलों, मंदिरों, शिलालेखों और सामाजिक परंपराओं के साथ-साथ द्वारका की समुद्री खुदाई व नर्मदा किनारे के पुरातात्विक अवशेषों का भी अध्ययन किया गया है। यह पूरा इतिहास भारत की उस गौरवशाली परंपरा को उजागर करता है जहां एक ओर द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की नीति है तो दूसरी ओर सहस्रबाहु का पराक्रम।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को जागरूक किया है। पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जीवन में नशे से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।1
- टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए आईजी और डीआईजी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर क्षेत्र के अंतर्गत बमीठा से धनुपरा होते हुए लाखेरी तक जाने वाला मार्ग सालों से कीचड़ और धूल से भरा कच्चा रास्ता बना हुआ है। इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी उठाने के लिए न तो शासन तैयार है और न ही प्रशासन इस पर कोई ध्यान दे रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाल रास्ते के कारण आए दिन लोग गाड़ियों से गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। खराब सड़क की वजह से मरीज सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और इस सूने कच्चे मार्ग पर राहगीरों के साथ लूटपाट की घटनाएं भी आम हो गई हैं। स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पूरी तरह 'नर्क का रास्ता' बन चुके इस मार्ग को लेकर स्थानीय लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए ताकि क्षेत्र का विकास हो सके।4
- बुंदेलखंड में प्राइवेट स्कूल लूट के अड्डे बन चुके हैं, जहां बच्चों से किताबों और ड्रेस के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। स्कूलों की इस खुली लूट के कारण गरीब लोग अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं।1
- छतरपुर जिले के लवकुशनगर स्थित पंचवटी मैरिज गार्डन में अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व, नगरीय प्रशासन और पुलिस की टीम को कब्जाधारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके कारण प्रशासन को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। कार्रवाई के दौरान हंगामा इस कदर बढ़ गया कि कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह जेसीबी के सामने लेट गए, जबकि उनकी पत्नी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोबारा विरोध शुरू होने पर एसडीएम के मौखिक निर्देश पर बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया। इस तीखे विरोध के चलते प्रशासनिक टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी आज 15 जुलाई को दोपहर करीब 1:00 बजे छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने दी है। इस मामले में कब्जाधारी राघवेंद्र सिंह ने प्रशासन की इस कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, शिकायतकर्ता लोचन शर्मा का दावा है कि उनकी निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसकी शिकायत उन्होंने प्रशासन से की थी और इसी शिकायत के आधार पर टीम वहां कार्रवाई करने पहुंची थी।1
- छतरपुर में बागेश्वर धाम सरकार और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने छोटे भाई शालिग्राम गर्ग पर लगे फायरिंग और मारपीट के आरोपों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उनका शालिग्राम के कथित कृत्यों से कोई संबंध नहीं है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शालिग्राम ने कोई गलत काम किया है तो कानून उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि उनका नाम इस मामले से नहीं जोड़ा जाए।1
- उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के क्लासरूम का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि इस वीडियो को शिक्षक की पत्नी ने वायरल किया है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।3