Shuru
Apke Nagar Ki App…
टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए आईजी और डीआईजी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है।
Sonu Vishwakarma Palera Journalist
टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए आईजी और डीआईजी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बागेश्वर धाम प्रमुख के भाई शालिग्राम गर्ग की गिरफ्तारी पर पांडोखर बाबा का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर नरेंद्र मोदी, डॉ. मोहन यादव, डॉ. वीरेंद्र कुमार और आकाशवाणी भोपाल को भी संबोधित किया गया है।1
- भारत स्काउट एवं गाइड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रथ यात्रा सेवा शिविर में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के 7 रोवर और एक लीडर का चयन हुआ है। यह सभी प्रतिभागी ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। टीकमगढ़ जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि यहां के युवा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सेवा शिविर में सहभागिता करके मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। 16 जुलाई से प्रारंभ होने वाली इस पावन रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की सहायता, मार्गदर्शन, प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता एवं जनसेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों की विशेष भूमिका रहती है। चयनित युवा सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे तथा जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। इस विशेष अवसर पर जिले के स्काउट-गाइड पदाधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के गणमान्य नागरिकों ने चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि यह दल अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से टीकमगढ़ जिले की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। युवाओं के लिए यह सेवा शिविर न केवल सेवा का अवसर है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।4
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को जागरूक किया है। पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जीवन में नशे से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।1
- टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए आईजी और डीआईजी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है।1
- बुंदेलखंड में प्राइवेट स्कूल लूट के अड्डे बन चुके हैं, जहां बच्चों से किताबों और ड्रेस के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। स्कूलों की इस खुली लूट के कारण गरीब लोग अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य निशांत साहू ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री करने के बदले ₹16,000 की कथित मांग करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच का दावा है कि उनके पास इस बातचीत का एक वीडियो भी मौजूद है। इस मामले में उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, जतारा रजिस्ट्रार शबाना परवीन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो और उनके द्वारा ₹16,000 मांगे जाने का दावा पूरी तरह से निराधार है। जतारा रजिस्ट्री कार्यालय पर रिश्वत के इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।3
- टीकमगढ़ के जतारा रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच और भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य निशांत साहू ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर किसानों को परेशान करने और रजिस्ट्री के लिए कथित तौर पर ₹16,000 की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है। सरपंच का दावा है कि उनके पास इस बातचीत का एक वीडियो भी मौजूद है। इस मामले को लेकर उन्होंने टीकमगढ़ के कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से शिकायत की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, जतारा की रजिस्ट्रार शबाना परवीन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो और उनके द्वारा ₹16,000 की मांग किए जाने का दावा पूरी तरह से निराधार है।4
- यदुवंश और हैहय वंश की प्राचीन परंपरा, इतिहास और शोध को जोड़ने वाला एक अद्भुत शोध संग्रह सामने आया है, जो यदु से लेकर सहस्रबाहु तक के सफर को दर्शाता है। इस इतिहास के अनुसार, राजा ययाति के पांच पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र यदु से ही "यादव" वंश की शुरुआत हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और द्वारका का निर्माण जैसी महत्वपूर्ण कड़ियां इसी यदु वंश से जुड़ी हैं। यदु वंश की आगे चलकर चार मुख्य शाखाएं बनीं, जिनमें चेदि, भोज, अंधक और सात्वत शामिल हैं। यदु के भाई तुर्वसु के वंश से अलग होकर हैहय वंश की स्थापना हुई, जिसके सबसे प्रतापी राजा सहस्रबाहु अर्जुन कार्तवीर्य हुए। 'सहस्रबाहु' नाम के पीछे का कारण उनकी एक साथ 1000 जगहों पर युद्ध और शासन करने की अद्भुत क्षमता थी, जिसे प्रतीकात्मक रूप से 1000 भुजाएं कहा जाता है। उन्होंने महिष्मती को अपनी राजधानी बनाया था और उनसे नर्मदा नदी का प्रवाह रोकने व रावण को पराजित करने जैसी कथाएं जुड़ी हैं। इसके अलावा, भगवान परशुराम और सहस्रबाहु के बीच हुआ युद्ध भी इस पौराणिक इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय है। इस शोध संग्रह का महत्व केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुराणों, महाभारत और हरिवंश पुराण के वंशावली संदर्भों का गहरा शोध शामिल है। इसमें बुंदेलखंड, मालवा, गुजरात और राजस्थान में मौजूद यदुवंशियों व हैहयों के किलों, मंदिरों, शिलालेखों और सामाजिक परंपराओं के साथ-साथ द्वारका की समुद्री खुदाई व नर्मदा किनारे के पुरातात्विक अवशेषों का भी अध्ययन किया गया है। यह पूरा इतिहास भारत की उस गौरवशाली परंपरा को उजागर करता है जहां एक ओर द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की नीति है तो दूसरी ओर सहस्रबाहु का पराक्रम।1