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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक युवक द्वारा खुलेआम पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को गाली-गलौज करने और पुलिस को खुली चुनौती देने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर सामने आई इस घटना में युवक खुले तौर पर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है और सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को ललकार रहा है।
सरस्वती सिंह कुशवाहा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक युवक द्वारा खुलेआम पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को गाली-गलौज करने और पुलिस को खुली चुनौती देने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर सामने आई इस घटना में युवक खुले तौर पर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है और सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को ललकार रहा है।
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- चित्रकूट जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र स्थित खजुरिहा गांव में बीते शनिवार की रात सर्पदंश से एक महिला की हालत बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने महिला को इलाज के लिए सोनेपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। पीड़ित महिला अंजना के परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात लगभग 11 बजे अंजना घर पर चारपाई में सो रही थी। किसी काम से जब वह चारपाई से नीचे उतरी, तभी चारपाई के नीचे बैठे सर्प ने उसे डस लिया। सर्प के डसने से अंजना की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे निजी साधन से तुरंत सोनेपुर जिला अस्पताल ले गए।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक युवक द्वारा खुलेआम पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को गाली-गलौज करने और पुलिस को खुली चुनौती देने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर सामने आई इस घटना में युवक खुले तौर पर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है और सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन को ललकार रहा है।1
- आखिरकार खाकी का शिकंजा कस गया है और प्रेमी जोड़े के साथ हैवानियत करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस मामले में शामिल तीनों आरोपी अब खाकी की गिरफ्त में आ चुके हैं।2
- सतना शहर में पुलिस के तमाम दावों के बावजूद खुलेआम नशीली कफ सिरप बेची जा रही है, जिसकी वजह से स्थानीय नौजवान तेजी से नशे का शिकार हो रहे हैं। इस अवैध बिक्री से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे मथुरा नई बस्ती का बताया जा रहा है। एक तरफ पुलिस प्रशासन नशे पर रोक लगाने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरेआम कफ सिरप की हो रही बिक्री से इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- Post by Pintu Dubey4
- चित्रकूट के सरदार पटेल इंटर कॉलेज, ऐंचरा में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस (29 जुलाई) के उपलक्ष्य में "वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा" विषय पर चित्रकला, निबंध लेखन एवं वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रानीपुर टाइगर रिजर्व की पयस्विनी रेंज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन जूनियर वर्ग (कक्षा 9-10) और सीनियर वर्ग (कक्षा 11-12) के लिए किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं में प्रथम पुरस्कार के रूप में स्कूल बैग, द्वितीय पुरस्कार में ज्योमेट्री बॉक्स और तृतीय पुरस्कार में वाटर बॉटल प्रदान की गई। चयनित सभी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विजेता 29 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के मुख्य समारोह में सम्मानित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कृष्ण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। क्षेत्रीय वनाधिकारी के मार्गदर्शन में पयस्विनी रेंज के वन विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसके अंत में विद्यार्थियों से राष्ट्रीय पशु बाघ और वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।1
- चित्रकूट की देवांगना घाटी में एक युवती के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरी सामाजिक और राजनीतिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने मडफा जंगल में मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस जघन्य अपराध के बाद जिले के अधिकांश जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों की चुप्पी को लेकर तीखा जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार डॉ. नवल किशोर त्रिपाठी के अनुसार, हर मुद्दे पर सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुखर रहने वाले चेहरों की इस घटना पर खामोशी यह दर्शाती है कि बेटियों की सुरक्षा पर प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक सुविधा और वोट बैंक के हिसाब से तय हो रही हैं। किसी भी अपराधी की पहचान सिर्फ एक अपराधी के रूप में होनी चाहिए, न कि उसकी जाति, धर्म या राजनीतिक संबंध के आधार पर। इसलिए बिना किसी भेदभाव और दबाव के न्याय होना आवश्यक है। केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी से समाज और जनप्रतिनिधियों का दायित्व समाप्त नहीं होता। जनप्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी केवल सड़क, नाली या उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन समय में अन्याय के खिलाफ सबसे पहले खड़े होना है। समय की मांग है कि सभी दल, जनप्रतिनिधि और नागरिक एक स्वर में बेटियों की सुरक्षा के पक्ष में खड़े हों और दोषियों पर कानून का कठोरतम प्रहार सुनिश्चित कराएं।1