नौगामा पंचायत के गुलाबपुरा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां घर के आंगन में अचानक करंट फैलने से 52 वर्षीय कचरा पुत्र डूंगर की मौके पर ही मौत हो गई। पति को बचाने दौड़ी उनकी पत्नी सूकी सहित परिवार की रोशनी और ललि गंभीर रूप से झुलस गईं, जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा नहाने के बाद आंगन में तौलिये से शरीर पोंछ रहे थे, तभी अचानक करंट फैल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने पहुंची पत्नी सूकी भी करंट की चपेट में आ गईं। इसके बाद सहायता के लिए दौड़ी रोशनी और ललि भी झुलस गईं। चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित कर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई और सभी घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय बागीदौरा पहुंचाया। चिकित्सकों ने कचरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीनों घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा रेफर किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। पोस्टमार्टम के उपरांत मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
नौगामा पंचायत के गुलाबपुरा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां घर के आंगन में अचानक करंट फैलने से 52 वर्षीय कचरा पुत्र डूंगर की मौके पर ही मौत हो गई। पति को बचाने दौड़ी उनकी पत्नी सूकी सहित परिवार की रोशनी और ललि गंभीर रूप से झुलस गईं, जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा नहाने के बाद आंगन में तौलिये से शरीर पोंछ रहे थे, तभी अचानक करंट फैल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने पहुंची पत्नी सूकी भी करंट की चपेट में आ गईं। इसके बाद सहायता के लिए दौड़ी रोशनी और ललि भी झुलस गईं।
चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित कर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई और सभी घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय बागीदौरा पहुंचाया। चिकित्सकों ने कचरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीनों घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा रेफर किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। पोस्टमार्टम के उपरांत मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
- राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) द्वारा डूंगरपुर जिले के धम्बोला पावरहाउस जीएसएस के समीप लगाया गया एक मार्ग दिशा सूचक बोर्ड इन दिनों वाहन चालकों के लिए सुविधा के बजाय गंभीर भ्रम का कारण बन गया है। इस बोर्ड पर अहमदाबाद, उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सागवाड़ा, गलियाकोट और घाटागांव जैसी जगहों की दूरियां अंकित हैं। हालांकि, इसे ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है जहां से सागवाड़ा-बाँसवाड़ा का मार्ग पहले ही अलग हो चुका होता है। धम्बोला के तीन रास्ता (तिराहे) से करीब 200 मीटर डूंगरपुर की ओर लगे इस बोर्ड के कारण सीमलवाड़ा, बड़ौदा और मोडासा से आने वाले कई वाहन चालक अक्सर सीधे आगे बढ़ जाते हैं। उन्हें बाद में पता चलता है कि सागवाड़ा और बाँसवाड़ा का रास्ता तो तिराहे से ही निकल चुका था, जिसके बाद उन्हें वापस लौटकर सही मार्ग पकड़ना पड़ता है। इससे उनका समय और ईंधन दोनों अनावश्यक रूप से बर्बाद होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग संकेतक के लिए तिराहा या चौराहा ही सबसे उपयुक्त स्थान होता है, ताकि चालक समय रहते सही दिशा का चुनाव कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया है कि यदि बोर्ड तिराहे से पहले या उसके दोनों ओर लगाया जाए, तो बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी और वे भटकने से बचेंगे। क्षेत्रवासियों ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड से तुरंत मांग की है कि वर्तमान दिशा सूचक बोर्ड को तिराहे के समीप स्थानांतरित किया जाए और तीनों दिशाओं के लिए अलग-अलग संकेतक लगाए जाएं। उनका तर्क है कि करोड़ों रुपये की सड़कों के निर्माण के साथ यदि संकेत व्यवस्था भी वैज्ञानिक तरीके से हो, तो ही यात्रियों को वास्तविक सुविधा मिल पाएगी और अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।3
- जड़वासा कला में आज बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश के चलते, जहाँ 50% किसानों की सोयाबीन की फसल है, वहाँ पानी इतना अधिक गिरा कि वह दो दिनों तक जमा रहा और अभी तक बरपा नहीं आया है।3
- सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय मुस्लिम युवक संगठन के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने शुक्रवार को नबी-ए-करीम हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि लगभग 15 दिन पूर्व एक टीवी डिबेट शो के दौरान नाजिया इलाही ने हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) और उनकी पत्नी हजरत आयशा सिद्दीका (रज़ि.) के बारे में कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की थी। संगठन ने इस टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है, जिससे देश और दुनिया के मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद अब तक कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होने से समाज में गहरी नाराजगी है। संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में किसी भी धर्म या महापुरुष के प्रति ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो राष्ट्रीय मुस्लिम युवक संगठन देशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल गनी शेख, राष्ट्रीय सदस्य मोहसिन पटेल, राष्ट्रीय सदस्य तस्लीम पटेल, जिला अध्यक्ष निजाम खान पठान, ब्लॉक अध्यक्ष सादिक खेराड़ा, उपाध्यक्ष आरिफ शेख, मीडिया प्रभारी तल्हा पटेल, उस्मान शाह, मोइनुद्दीन शाह, कय्यूम मेघरजा, यासीन मेघरजा, साबिर शाह, निसार खान पठान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सभी धर्मों और उनके पूजनीय व्यक्तित्वों के सम्मान पर जोर दिया, साथ ही कहा कि किसी भी विवादित या आपत्तिजनक टिप्पणी पर कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।3
- प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के हथनी कुंडी गांव में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कुल्हाड़ी और लाठियों से जानलेवा हमला किया, जिससे छह महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही 108 एम्बुलेंस और पुलिस की 112 टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के अगले दिन देवगढ़ थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। देवगढ़ थाना अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर एक क्रॉस केस बनाया गया है, और मामले की जांच जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया है। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी हो। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है, उनमें अशोक (अध्यापक), देवीलाल (लाइनमैन), शंकरलाल (होमगार्ड), विजयपाल मीणा (पशु चिकित्सक), हरीश मीणा, विक्रम मीणा, सुनील मीणा और दिलीप मीणा सहित अन्य शामिल हैं।4
- एक नागरिक ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने बारिश का पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी जमा होने से कीचड़ हो जाती है और यही पानी घरों के अंदर घुस जाता है। इस समस्या को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- बांसवाड़ा में थाना पाटन पुलिस ने राजकार्य में बाधा पहुँचाने, एक शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार नहीं होने देने और मौताणे की मांग कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुल 36 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं और राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें 16 लोग नामजद हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई जब मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ लोगों ने ₹15 लाख मौताणे की मांग करते हुए राजकार्य में बाधा उत्पन्न की और शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। इस मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, और अब अग्रिम अनुसंधान के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी जारी है।2
- क्षेत्र में धान की खेती करने वाले किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान की रोपाई का कार्य रुका हुआ है। करीब पंद्रह दिन पहले धान के बीज की नर्सरी (रोप) तैयार करने के लिए बुवाई की गई थी, जो अब खेतों में रोपाई के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। किसान सुखलाल कालूजी पाटीदार, रामलाल कालूजी पाटीदार, मनीष कांतिलाल पाटीदार और विष्णु पाटीदार ने बताया कि समय पर धान का बीज रोपकर नर्सरी तैयार की गई थी और अब रोप खेतों में लगाने योग्य हो चुका है। हालांकि, बारिश न होने से खेतों में पर्याप्त पानी नहीं है, जिसके कारण रोपाई का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द अच्छी वर्षा नहीं हुई तो तैयार रोप खराब हो सकते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि धान की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर करती है और समय पर वर्षा न होने से पूरे खेती कार्यक्रम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अब किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं और जल्द अच्छी बारिश होने की प्रार्थना कर रहे हैं, ताकि खेतों में रोपाई शुरू हो सके और फसल के उत्पादन पर कोई असर न पड़े।1
- नीमच के नयागांव बॉर्डर पर RTO चेकिंग के दौरान हिंसक झड़प देखने को मिली, जिससे यह क्षेत्र 'जंग का मैदान' बन गया। इस घटना में बेल्ट और लात-घूंसे भी चले। इस पूरे वाकये का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1