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जड़वासा कला में आज बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश के चलते, जहाँ 50% किसानों की सोयाबीन की फसल है, वहाँ पानी इतना अधिक गिरा कि वह दो दिनों तक जमा रहा और अभी तक बरपा नहीं आया है।
दिलीप पाटीदार
जड़वासा कला में आज बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश के चलते, जहाँ 50% किसानों की सोयाबीन की फसल है, वहाँ पानी इतना अधिक गिरा कि वह दो दिनों तक जमा रहा और अभी तक बरपा नहीं आया है।
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- जड़वासा कला में आज बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश के चलते, जहाँ 50% किसानों की सोयाबीन की फसल है, वहाँ पानी इतना अधिक गिरा कि वह दो दिनों तक जमा रहा और अभी तक बरपा नहीं आया है।3
- एक नागरिक ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने बारिश का पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी जमा होने से कीचड़ हो जाती है और यही पानी घरों के अंदर घुस जाता है। इस समस्या को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार में विश्व भर के कई नेता शामिल हुए हैं। इस अंतिम विदाई पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- उज्जैन के महिदपुर स्थित शासकीय कन्या विद्यालय की हजारों छात्राओं ने मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह दवारे के ट्रांसफर के विरोध में स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राएं लगभग तीन घंटे तक कड़ी धूप में सड़क पर बैठी रहीं, लेकिन इस दौरान कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान जब पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कई अधिकारियों के फोन व्यस्त मिले, जबकि कुछ ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधने के बाद नायब तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर भाजपा नगर मंडल के दो पदाधिकारियों के बीच मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) से संबंधित विवाद के कारण हुआ है। छात्राओं का कहना है कि प्राचार्य दवारे के कार्यकाल में स्कूल का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर हुआ था।1
- बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर स्थित माता मगरी प्रांगण में प्रतिदिन एक नि:शुल्क योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ रोजाना योगासन का अभ्यास कराया जा रहा है। इस शिविर में पुर्व ब्लाक शिक्षा अधिकारी जितमल पणदा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखता है और इसमें इतनी शक्ति है कि यदि इंसान प्रतिदिन योगासन करे तो बीमारियाँ उसे छू भी नहीं सकतीं। उन्होंने लोगों से हमेशा योग करने का आग्रह किया। आर्युवेदिक डाक्टर मधुसूदन शर्मा ने जानकारी दी कि कुशलगढ़ में पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा 22 जून से प्रातः 6 से 7 बजे तक लगातार योग कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। गीरदावर रामचंद्र देवदा ने बताया कि बीमारियों जैसे बीपी और शुगर से बचने के लिए इंसान को रोजाना एक घंटा योगासन अवश्य करना चाहिए। इस योग शिविर में कुशलगढ़ कस्बे के निवासी और सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।1
- Post by Arjun rathore29941
- ईरान में अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है।1
- नौगामा पंचायत के गुलाबपुरा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां घर के आंगन में अचानक करंट फैलने से 52 वर्षीय कचरा पुत्र डूंगर की मौके पर ही मौत हो गई। पति को बचाने दौड़ी उनकी पत्नी सूकी सहित परिवार की रोशनी और ललि गंभीर रूप से झुलस गईं, जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा नहाने के बाद आंगन में तौलिये से शरीर पोंछ रहे थे, तभी अचानक करंट फैल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने पहुंची पत्नी सूकी भी करंट की चपेट में आ गईं। इसके बाद सहायता के लिए दौड़ी रोशनी और ललि भी झुलस गईं। चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित कर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई और सभी घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय बागीदौरा पहुंचाया। चिकित्सकों ने कचरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीनों घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद महात्मा गांधी चिकित्सालय, बांसवाड़ा रेफर किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। पोस्टमार्टम के उपरांत मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।2