दुर्ग पुलिस ने स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों के खिलाफ 05 से 07 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत कुल 274 वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना था। इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने लगातार दबिश, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए कुल 107 गिरफ्तारी वारंट और 167 स्थायी वारंट तामील किए। वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उनके निवास स्थानों, रिश्तेदारों के ठिकानों और अन्य संभावित स्थलों पर सघन तलाश की गई। तीन दिनों में कुल 274 वारंटियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह अभियान न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित वारंटों के शीघ्र निराकरण और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लंबित वारंटों के प्रभावी निष्पादन और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। इस अभियान की सफलता में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचकों, वारंट सेल, पुलिस नियंत्रण कक्ष तथा अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वित, सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे न्यायालयीन आदेशों का सम्मान करें और यदि किसी वारंटी के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल निकटतम थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि फरार वारंटियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और कानून से बचने का हर प्रयास विफल किया जाएगा।
दुर्ग पुलिस ने स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों के खिलाफ 05 से 07 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत कुल 274 वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना था। इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने लगातार दबिश, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए कुल 107 गिरफ्तारी वारंट और 167 स्थायी वारंट तामील किए। वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उनके निवास स्थानों, रिश्तेदारों के ठिकानों और अन्य संभावित स्थलों पर सघन तलाश की गई। तीन दिनों में कुल 274 वारंटियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह अभियान न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित वारंटों के शीघ्र निराकरण और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लंबित वारंटों के प्रभावी निष्पादन और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। इस अभियान की सफलता में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचकों, वारंट सेल, पुलिस नियंत्रण कक्ष तथा अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वित, सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे न्यायालयीन आदेशों का सम्मान करें और यदि किसी वारंटी के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल निकटतम थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि फरार वारंटियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और कानून से बचने का हर प्रयास विफल किया जाएगा।
- गरियाबंद पुलिस और परिवहन विभाग ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के गरिमामय अवसर पर 7 जुलाई, 2026 को गरियाबंद में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस मानवीय पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह शिविर पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण उके, उप पुलिस अधीक्षक लितेश सिंह और जिला परिवहन अधिकारी योगेश्वरी वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आए हुए लोगों के ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर (मधुमेह) और नेत्रों (आंखों) की विशेष जांच की। जांच के बाद मरीजों को उचित चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क प्रदान की गईं। शिविर में वाहन चालकों का विशेष रूप से नेत्र परीक्षण किया गया, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और दुर्घटनाओं को रोकना था। डॉक्टरों की टीम ने चालकों की दृष्टि (आईसाइट) और कलर ब्लाइंडनेस का परीक्षण किया, ताकि वे सुरक्षित रूप से वाहन चला सकें। गरियाबंद पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि सरदार पटेल का जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित था, और उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए पुलिस विभाग ने इस कल्याणकारी शिविर का आयोजन किया है। पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में भी हमेशा नागरिकों के साथ खड़ी है। शिविर में पहुंचे नागरिकों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे की सराहना की और विभाग का आभार व्यक्त किया।1
- खरोरा के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 8 जुलाई को पूर्व छात्रों की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अखिल भारतीय संस्कार केंद्र संयोजक रामस्वरूप शर्मा के प्रवास के अवसर पर हुई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में संस्कार केंद्रों के विस्तार और संचालन पर विचार-विमर्श करना था। इस बैठक के दौरान, पूर्व छात्रों ने मिलकर 'सरस्वती सेवा मंडल, खरोरा' का गठन किया। इसी क्रम में, पूर्व छात्र विनय वर्मा ने अपने दादा स्वर्गीय तुलाराम वर्मा की स्मृति में एक संस्कार केंद्र शुरू करने की घोषणा की, जबकि लोमश देवांगन ने अपनी माता स्वर्गीय केजाबाई देवांगन की याद में एक अन्य संस्कार केंद्र प्रारंभ करने की घोषणा की। इस आयोजन में विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी पाटकर, प्रधानाचार्य संजय वर्मा और प्रांतीय संस्कार केंद्र प्रमुख चंद्रकुमार डड़सेना सहित कई अन्य पूर्व छात्र उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सभी से आह्वान किया कि वे इन संस्कार केंद्रों के माध्यम से समाज में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सेवा भाव को बढ़ावा दें।2
- थाना बहला अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरिया के ग्राम टेकापार में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीबन 70 हजार रुपये बताई जा रही है। यह घटना करीबन 5 बजे की है, जब ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर यह अवैध शराब पकड़ी। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से लाई जा रही इस शराब को ग्रामीणों व महिलाओं के द्वारा प्रत्येक ग्राम में घर-घर पहुंचाया जा रहा था। जिस कार में अवैध शराब लाई जा रही थी, उसमें करीब 15 से 20 पेटी शराब थी। गुस्साए ग्रामीणों ने शराब लाने वालों को कार से मारने की कोशिश भी की, लेकिन वे गाड़ी छोड़कर भागने में सफल रहे।4
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक दिवसीय दौरे के बीच NH-30 पर लंबा जाम लग गया। मुख्यमंत्री आज बीजेपी कार्यालय के उद्घाटन के लिए जा रहे हैं। इसी दौरान पुलिस ने युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों को रोक दिया।1
- कवर्धा के रामपुर ठाठापुर विद्युत सब-स्टेशन में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने और किसानों व जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद विधायक भावना बोहरा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने क्षेत्र में तीन-तीन दिनों तक बिजली गुल रहने तथा जेई पर लापरवाही और उपभोक्ताओं से बदसलूकी करने के आरोपों को लेकर संबंधित जेई को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने अधिकारियों को बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा शिकायतों का समय पर निराकरण करने पर जोर दिया।1
- राज टॉकीज रायपुर ने अपनी सेवाओं की जानकारी साझा की है, जिसमें दर्शक सिनेमा से जुड़ने के लिए कई माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। अब आप Book My Show के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही, राज टॉकीज रायपुर ने दर्शकों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। ग्रुप से जुड़ने हेतु एक विशेष लिंक दिया गया है, जिस पर क्लिक करके कोई भी सदस्य बन सकता है। सिनेमा प्रबंधन ने यह भी अनुरोध किया है कि इस लिंक को अन्य लोगों के साथ भी साझा किया जाए ताकि वे भी इस ग्रुप से जुड़ सकें। अधिक जानकारी या सहायता के लिए दर्शक 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कवर्धा में प्रस्तावित रेल लाइन के मुद्दे पर सियासी माहौल गरमा गया है, जहाँ कांग्रेस ने सरकार को सीधे तौर पर घेरा है। कांग्रेस ने सरकार से एक बड़ा सवाल पूछते हुए कहा है कि भाजपा का कार्यालय तो बन चुका है, लेकिन क्षेत्र में रेल लाइन का निर्माण कब पूरा होगा? कांग्रेस के नवीन जायसवाल ने इस संबंध में सरकार से सीधा प्रश्न किया है कि क्या यह रेल लाइन के लिए सिर्फ इंतजार है, या फिर यह भी केवल कोरे वादे बनकर रह जाएंगे।1
- राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार शाम एक भीषण विस्फोट हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में दो मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस हादसे में एक मजदूर का पैर कटकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा, जिसके बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी जान बचाकर बाहर की ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही उरला पुलिस, फायर ब्रिगेड और फैक्ट्री प्रबंधन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर फैक्ट्री के आसपास का क्षेत्र खाली करा दिया गया है। फिलहाल विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस व प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, और रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।2