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थाना बहला अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरिया के ग्राम टेकापार में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीबन 70 हजार रुपये बताई जा रही है। यह घटना करीबन 5 बजे की है, जब ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर यह अवैध शराब पकड़ी। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से लाई जा रही इस शराब को ग्रामीणों व महिलाओं के द्वारा प्रत्येक ग्राम में घर-घर पहुंचाया जा रहा था। जिस कार में अवैध शराब लाई जा रही थी, उसमें करीब 15 से 20 पेटी शराब थी। गुस्साए ग्रामीणों ने शराब लाने वालों को कार से मारने की कोशिश भी की, लेकिन वे गाड़ी छोड़कर भागने में सफल रहे।
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थाना बहला अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरिया के ग्राम टेकापार में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीबन 70 हजार रुपये बताई जा रही है। यह घटना करीबन 5 बजे की है, जब ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर यह अवैध शराब पकड़ी। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से लाई जा रही इस शराब को ग्रामीणों व महिलाओं के द्वारा प्रत्येक ग्राम में घर-घर पहुंचाया जा रहा था। जिस कार में अवैध शराब लाई जा रही थी, उसमें करीब 15 से 20 पेटी शराब थी। गुस्साए ग्रामीणों ने शराब लाने वालों को कार से मारने की कोशिश भी की, लेकिन वे गाड़ी छोड़कर भागने में सफल रहे।
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- थाना बहला अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरिया के ग्राम टेकापार में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीबन 70 हजार रुपये बताई जा रही है। यह घटना करीबन 5 बजे की है, जब ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर यह अवैध शराब पकड़ी। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से लाई जा रही इस शराब को ग्रामीणों व महिलाओं के द्वारा प्रत्येक ग्राम में घर-घर पहुंचाया जा रहा था। जिस कार में अवैध शराब लाई जा रही थी, उसमें करीब 15 से 20 पेटी शराब थी। गुस्साए ग्रामीणों ने शराब लाने वालों को कार से मारने की कोशिश भी की, लेकिन वे गाड़ी छोड़कर भागने में सफल रहे।4
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग, बालाघाट द्वारा जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'डायरिया रोको अभियान' चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत, कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके के निर्देशन में पीएमयू समन्वयक शीतल मिश्रा, हरीश झा, और ब्लॉक समन्वयक फनीश रंगारे ने विकासखंड बिरसा के ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा का दौरा किया और विभिन्न जागरूकता तथा स्वास्थ्य सुरक्षा गतिविधियों का संचालन किया। अभियान के दौरान, विभागीय टीम ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) का उपयोग कर पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच की। ग्रामीणों की उपस्थिति में पानी की रासायनिक शुद्धता का परीक्षण किया गया और उन्हें एफटीके किट से स्वयं पानी की जांच करने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर सुरक्षित पानी का उपयोग कर सकें। बरसात में डायरिया और अन्य जलजनित रोगों के खतरे को देखते हुए, पीएचई विभाग के हैंडपंप तकनीशियन ने ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा के सार्वजनिक हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों में जर्मेक्स डालकर क्लोरिनेशन की प्रक्रिया पूरी की। विभाग ने ग्रामीणों से पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ पानी का ही उपयोग करने की अपील की। इस अवसर पर, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथ धोने के छह महत्वपूर्ण चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन करके स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोजन बनाने और खाने से पहले, तथा शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीणों को हमेशा शुद्ध एवं ढका हुआ पानी पीने, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी दिखने पर तत्काल सफाई करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, स्वच्छता और जागरूकता के माध्यम से ही डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।4
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गंडई थाना क्षेत्र की एक महिला, शिखा शर्मा को एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया गया है। यह जानकारी बुधवार, 8 जुलाई को दोपहर 12 बजे मिली। जिला दंडाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 और 5(क)(ख) के तहत यह आदेश पारित किया है। पुलिस के अनुसार, शिखा शर्मा, जो दिवाकर शर्मा की पत्नी और वार्ड क्रमांक 11, मेन चौक गंडई की निवासी हैं, के विरुद्ध गंडई थाने में कुल 12 आपराधिक और 7 प्रतिबंधात्मक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि लगातार कानूनी कार्रवाई के बावजूद उनके आपराधिक व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ था, और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र की शांति तथा कानून व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए, जिला दंडाधिकारी ने शिखा शर्मा को आगामी एक वर्ष के लिए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की राजस्व सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदतन अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- कटंगी में एक बेहद दर्दनाक हादसे में एक युवती और उसके डॉगी दोनों की जान चली गई। यह घटना कूलर से फैले करंट के कारण हुई, जब युवती अपने डॉगी को बचाने के लिए दौड़ी और खुद भी करंट की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक घटना में युवती और डॉगी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।1
- मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सीमा से लगे बहेला थाना क्षेत्र के ग्राम टेकेपार में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अवैध शराब सप्लाई कर रही एक बोलेरो गाड़ी को घेरकर पकड़ लिया। इस बोलेरो में 11 पेटी शराब भरी हुई थी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए, बोलेरो का चालक और उसका साथी मौका पाकर भागने में सफल रहे। इस घटना की एक खास बात यह है कि वाहन से ग्रामीणों को एक रजिस्टर भी मिला है, जिसमें शराब खरीदने वालों और बेचने वालों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। यह रजिस्टर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा कर सकता है। सूचना मिलने पर बहेला पुलिस मौके पर पहुंची और शराब तथा वाहन को जब्त कर आगे की कार्यवाही कर रही है। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसका एक वीडियो सामने आया है। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच कर रही है। यह माना जा रहा है कि बहेला थाने के ग्राम मिरिया (टेकेपार) के ग्रामीणों द्वारा पकड़ी गई इस अवैध शराब की सीक्रेट डायरी से तस्करी के कई राज खुलेंगे।1
- कबीरधाम जिले में नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय का लोकार्पण किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दिन को कार्यकर्ताओं के लिए सौभाग्य का दिन बताया।1
- बालाघाट जिले के कटंगी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ वार्ड 4 में कूलर से निकले करंट की चपेट में आने से एक 19 वर्षीय युवती और उसके पालतू कुत्ते की मौत हो गई।1
- बालाघाट में कुएं की जहरीली गैस जानलेवा साबित हुई, जहाँ एक ग्रामीण की मौत हो गई और दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब तीन ग्रामीण बारिश में कुएं में डूबी मोटर को बाहर निकालने के लिए उतरे थे। इसी दौरान वे कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।1