लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग, बालाघाट द्वारा जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'डायरिया रोको अभियान' चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत, कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके के निर्देशन में पीएमयू समन्वयक शीतल मिश्रा, हरीश झा, और ब्लॉक समन्वयक फनीश रंगारे ने विकासखंड बिरसा के ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा का दौरा किया और विभिन्न जागरूकता तथा स्वास्थ्य सुरक्षा गतिविधियों का संचालन किया। अभियान के दौरान, विभागीय टीम ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) का उपयोग कर पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच की। ग्रामीणों की उपस्थिति में पानी की रासायनिक शुद्धता का परीक्षण किया गया और उन्हें एफटीके किट से स्वयं पानी की जांच करने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर सुरक्षित पानी का उपयोग कर सकें। बरसात में डायरिया और अन्य जलजनित रोगों के खतरे को देखते हुए, पीएचई विभाग के हैंडपंप तकनीशियन ने ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा के सार्वजनिक हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों में जर्मेक्स डालकर क्लोरिनेशन की प्रक्रिया पूरी की। विभाग ने ग्रामीणों से पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ पानी का ही उपयोग करने की अपील की। इस अवसर पर, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथ धोने के छह महत्वपूर्ण चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन करके स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोजन बनाने और खाने से पहले, तथा शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीणों को हमेशा शुद्ध एवं ढका हुआ पानी पीने, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी दिखने पर तत्काल सफाई करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, स्वच्छता और जागरूकता के माध्यम से ही डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग, बालाघाट द्वारा जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'डायरिया रोको अभियान' चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत, कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके के निर्देशन में पीएमयू समन्वयक शीतल मिश्रा, हरीश झा, और ब्लॉक समन्वयक फनीश रंगारे ने विकासखंड बिरसा के ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा का दौरा किया और विभिन्न जागरूकता तथा स्वास्थ्य सुरक्षा गतिविधियों का संचालन किया। अभियान के दौरान, विभागीय
टीम ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) का उपयोग कर पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच की। ग्रामीणों की उपस्थिति में पानी की रासायनिक शुद्धता का परीक्षण किया गया और उन्हें एफटीके किट से स्वयं पानी की जांच करने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर सुरक्षित पानी का उपयोग कर सकें। बरसात में डायरिया और अन्य जलजनित रोगों के खतरे को देखते हुए, पीएचई विभाग के हैंडपंप तकनीशियन ने
ग्राम समनापुर एवं साल्हेवाड़ा के सार्वजनिक हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों में जर्मेक्स डालकर क्लोरिनेशन की प्रक्रिया पूरी की। विभाग ने ग्रामीणों से पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ पानी का ही उपयोग करने की अपील की। इस अवसर पर, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथ धोने के छह महत्वपूर्ण चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन करके स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोजन बनाने और खाने से पहले, तथा शौच
के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीणों को हमेशा शुद्ध एवं ढका हुआ पानी पीने, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी दिखने पर तत्काल सफाई करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, स्वच्छता और जागरूकता के माध्यम से ही डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
- सिवनी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए अपने विवेचकों को 230 नए टैबलेट वितरित किए हैं। सिवनी पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने पुलिस कंट्रोल रूम में थानों के विवेचकों को ये टैबलेट सौंपे। पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त इन आधुनिक उपकरणों का उपयोग अब घटनास्थल पर ही सीधे ई-विवेचना करने और डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने के लिए किया जा सकेगा।1
- आरडी कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह के दौरान 200 से अधिक गुम हुए मोबाइल फोन उनके rightful मालिकों को सफलतापूर्वक लौटा दिए गए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिसकर्मियों और क्रिएटर्स को भी सम्मानित किया गया।1
- विकासखंड बिछिया अंतर्गत खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। महिला लगभग छह माह की गर्भवती थी और परिजनों द्वारा उसे स्वास्थ्य संस्थान पहुँचाने के दौरान ही रास्ते में उसका प्रसव हो गया, जिसमें उसने चार नवजातों को जन्म दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया पहुँचने पर चिकित्सकों ने महिला और चारों नवजातों का तत्काल परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई, लेकिन शिशु अत्यंत प्री-मैच्योर होने तथा उनका पूर्ण विकास नहीं होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि महिला का गर्भावस्था पंजीयन पूर्व से किया गया था और उसे नियमित जांच तथा संस्थागत प्रसव के लिए लगातार समझाइश दी जाती रही थी। हालांकि, प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता या 108 एम्बुलेंस को तत्काल सूचना नहीं दी गई, बल्कि परिजन पहले महिला को स्थानीय गुनिया के पास ले गए, जिससे उपचार में विलंब हुआ। वर्तमान में महिला की स्थिति सामान्य है और वह चिकित्सकीय निगरानी में उपचाररत है।1
- दुर्ग पुलिस ने स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों के खिलाफ 05 से 07 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत कुल 274 वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना था। इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने लगातार दबिश, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए कुल 107 गिरफ्तारी वारंट और 167 स्थायी वारंट तामील किए। वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उनके निवास स्थानों, रिश्तेदारों के ठिकानों और अन्य संभावित स्थलों पर सघन तलाश की गई। तीन दिनों में कुल 274 वारंटियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह अभियान न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित वारंटों के शीघ्र निराकरण और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लंबित वारंटों के प्रभावी निष्पादन और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। इस अभियान की सफलता में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचकों, वारंट सेल, पुलिस नियंत्रण कक्ष तथा अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वित, सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे न्यायालयीन आदेशों का सम्मान करें और यदि किसी वारंटी के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल निकटतम थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि फरार वारंटियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और कानून से बचने का हर प्रयास विफल किया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक दिवसीय दौरे के बीच NH-30 पर लंबा जाम लग गया। मुख्यमंत्री आज बीजेपी कार्यालय के उद्घाटन के लिए जा रहे हैं। इसी दौरान पुलिस ने युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों को रोक दिया।1
- मंडला जिले के ग्राम कालपी में बीजाडांडी पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के आसान उपाय सिखाना था। पुलिस द्वारा चलाए गए इस कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सभी ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।1
- एक बेटी की कथित तौर पर कीटनाशक देकर हत्या किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। परिजनों ने एक युवक पर अपनी बेटी को कीटनाशक देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार लगातार आरोपी युवक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।1
- सिवनी पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने अपनी साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिले भर से आए नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली। जो मामले मौके पर हल नहीं हो पाए, उनके संबंध में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शेष प्रकरणों में समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हो रहा है, क्योंकि लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा संभव हो पा रहा है।1
- मंडला जिले के बिलगांव में पीएम श्री स्कूल के नवीन भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक चैन सिंह ने विधिवत भूमि पूजन कर नए भवन की आधारशिला रखी। इस पहल से विद्यार्थियों को एक आधुनिक शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।1