20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के छात्र साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला कर दिया। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है और परिवार को सहारा देने के लिए पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह इस प्रदर्शन में शामिल हुआ था, लेकिन इस हमले के बाद आज उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा पैदा हो गया है। साहिल खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है और उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दे दिया है, जिससे फिर से पेपर लीक हो जाएगा। छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने पर यह सजा दी जा रही है। साहिल और जवाबदेही मांग रहे हर छात्र का समर्थन करते हुए मांग की गई है कि मोदी जी देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफी मांगें, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें।
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के छात्र साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला कर दिया। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है और परिवार को सहारा देने के लिए पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह इस प्रदर्शन में शामिल हुआ था, लेकिन इस हमले के बाद आज उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा पैदा हो गया है। साहिल खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है और उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दे दिया है, जिससे फिर से पेपर लीक हो जाएगा। छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने पर यह सजा दी जा रही है। साहिल और जवाबदेही मांग रहे हर छात्र का समर्थन करते हुए मांग की गई है कि मोदी जी देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफी मांगें, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें।
- IYC अध्यक्ष उदय भानु ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की पहली बड़ी जीत है। उन्होंने इसे पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज की सीधी जीत बताया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और छात्रों के हक की असली लड़ाई अभी बाकी है।1
- पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पन्ना जिले के गुनौर नगर परिषद द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 14 स्थित स्टेडियम परिसर सहित नगर के विभिन्न वार्डों में फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए। अध्यक्ष ने स्वयं पौधरोपण कर नगरवासियों से इस अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में पौधे और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाने के साथ ही उन्हें बड़ा करने और उनकी सुरक्षा का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती हरी-भरी बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इस आयोजन में नगर परिषद के पार्षद, कर्मचारी, शिक्षक, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस पहल से गुनौर नगर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है।4
- मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था, व्यापमं, पेपर लीक और खाद-बिजली संकट के खिलाफ जिला किसान कांग्रेस कमेटी मैहर ने हुंकार भरी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया तथा महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने व्यापमं घोटालों और हालिया पेपर लीक प्रकरणों को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जेल भेजने की मांग रखी। इसके साथ ही खरीफ सीजन में खाद-डीएपी के लिए ई-टोकन व्यवस्था का ढोंग बंद कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, मूंग खरीदी की सीमा 1 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 4 क्विंटल प्रति एकड़ करने, और 24 घंटे निर्बाध बिजली देने के साथ मनमाने भारी-भरकम बिलों पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान मैहर नगर की जर्जर सड़कों, बदहाल यातायात और ठप पड़ी सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने "समाधान करो या कुर्सी छोड़ो" की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि युवाओं और किसानों का शोषण बंद नहीं हुआ, तो किसान कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ईंट से ईंट बजा देगी। इस प्रदर्शन में गोविंद नाथ पटेल, जयपाल सिंह, रामसूजान पाण्डेय, मिठ्ठू महाराज, रावेंद्र सिंह, गुड्डू, राजेंद्र सिंह बबलू, सतेंद्र कुशवाहा, नागेंद्र सिंह चौहान, अनवर आलम, मो. खलील, चूड़ामणि बढ़ौलिया, अनिलेंद्र सिंह, बंशीलाल सिंह, सुखलाल कुशवाहा, लाखन सिंह, नितिन प्रताप सिंह एडवोकेट, अर्जुन सिंह बुंदेला, दिनेश गौतम, वीरेंद्र सिंह भदौरिया, सुनील बंसल, बेनीलाल कुशवाहा, दुर्गेश पटेल, बलवान सिंह, जितेंद्र सिंह बुंदेला, हीरा सिंह, महेश विश्वकर्मा, रावेंद्र सिंह पंचू और नलनीकांत शर्मा सहित भारी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- धार्मिक नगरी मैहर में जिला पुलिस कप्तान के नेतृत्व में जिले को नशामुक्त बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए 'नशे से दूर है जरूरी' अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ भाटिया शराब कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह द्वारा पूरे जिले भर में अवैध शराब के व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पुलिस के इस अभियान की प्रभावशीलता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। संतोष सिंह की इन गतिविधियों के कारण उत्पन्न हुई विरोधाभासी स्थिति ने पुलिस प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और जल्द ही संतोष सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।1
- पन्ना जिले के सिमरिया स्थित बस स्टैंड पर बने सुलभ शौचालय में ताला लटका हुआ है, जिससे यहाँ आने-जाने वाले लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। शौचालय बंद रहने से यह गंभीर समस्या पैदा हो गई है कि आखिर लोग बाथरूम के लिए कहाँ जाएँ। इस अव्यवस्था की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। पुरुषों का काम तो जैसे-तैसे चल भी सकता है, लेकिन महिलाओं के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ऐसे में सीधा सवाल उठ रहा है कि क्या सभी लोगों को खुले में ही बाथरूम जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के शिक्षा तंत्र को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर डटकर खड़े होने वाले देश भर के युवाओं और छात्रों की सराहना करते हुए उन्हें इस जीत पर बधाई दी गई है। इस इस्तीफे के बाद भी 2 प्रमुख मांगें अभी बाकी हैं। पहली मांग यह है कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें, और दूसरी मांग के तहत छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा किसानों, मजदूरों, गरीबों और इस सरकार द्वारा दबाए व कुचले गए हर व्यक्ति को अपने सम्मान के लिए संवैधानिक रास्ते पर डटकर खड़े होने के लिए प्रेरित किया गया है। संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है और लोगों से 'डरो मत' का आह्वान किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में बुलेट से बंदूक की गोली और पटाखों जैसी तेज आवाज निकालकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने और राहगीरों में दहशत पैदा करने वाले चालकों पर यातायात पुलिस ने शिकंजा कसा है। सड़कों पर अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर घूम रही एक बुलेट मोटरसाइकिल पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जब्त कर लिया है और थाने पहुंचा दिया है।1