पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पन्ना जिले के गुनौर नगर परिषद द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 14 स्थित स्टेडियम परिसर सहित नगर के विभिन्न वार्डों में फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए। अध्यक्ष ने स्वयं पौधरोपण कर नगरवासियों से इस अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में पौधे और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाने के साथ ही उन्हें बड़ा करने और उनकी सुरक्षा का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती हरी-भरी बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इस आयोजन में नगर परिषद के पार्षद, कर्मचारी, शिक्षक, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस पहल से गुनौर नगर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है।
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पन्ना जिले के गुनौर नगर परिषद द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 14 स्थित स्टेडियम परिसर सहित नगर के विभिन्न वार्डों में
फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए। अध्यक्ष ने स्वयं पौधरोपण कर नगरवासियों से इस अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में पौधे और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाने के
साथ ही उन्हें बड़ा करने और उनकी सुरक्षा का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा
लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती हरी-भरी बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इस आयोजन में नगर परिषद के पार्षद, कर्मचारी, शिक्षक, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस पहल से गुनौर नगर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है।
- पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पन्ना जिले के गुनौर नगर परिषद द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 14 स्थित स्टेडियम परिसर सहित नगर के विभिन्न वार्डों में फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए। अध्यक्ष ने स्वयं पौधरोपण कर नगरवासियों से इस अभियान से जुड़ने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में पौधे और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाने के साथ ही उन्हें बड़ा करने और उनकी सुरक्षा का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती हरी-भरी बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इस आयोजन में नगर परिषद के पार्षद, कर्मचारी, शिक्षक, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस पहल से गुनौर नगर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है।4
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की शक्ति और युवा एकता की जीत बताते हुए नागौद विधानसभा 64 से वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं शहर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी एडवोकेट मुख्तार अहमद सिद्दीकी ने युवाओं को बधाई दी है। मोदी जी पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्तार सिद्दीकी ने कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की रील्स से उनका वक्त बर्बाद मत कीजिए और रियल लाइफ में कुछ काम करके दिखाइए। 'झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए' कहते हुए उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की है।1
- पन्ना जिले की सबसे भ्रष्ट ग्राम पंचायत दीया में सरपंच द्वारा सड़क निर्माण के दौरान किए गए भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बाकायदा वीडियो जारी कर सरपंच के इस भ्रष्टाचार को उजागर किया है और खुलकर विरोध जताया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भ्रष्टाचार पन्ना जिले के अधिकारियों को नजर नहीं आ रहा है क्योंकि इस भ्रष्टाचार की कमाई का एक हिस्सा अधिकारियों तक भी पहुंचा है। यही वजह है कि अधिकारियों की शह के कारण इस पूरे भ्रष्टाचार मामले में अब तक किसी की भी जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹184 करोड़ की बड़ी सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का किसान नया इतिहास रचेगा।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना के होमगार्ड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के करीब 35 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 210 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित की। पन्ना को हीरों की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले ने मध्य प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई है और राज्य की छवि को चमकाने में इसका अद्वितीय योगदान है। केन-बेतवा लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी और फसल उत्पादन के मामले में यह क्षेत्र पंजाब व हरियाणा को भी पीछे छोड़ देगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील करते हुए कहा कि सरकार आवश्यकता पड़ने पर चार गुना मुआवजा दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में 10 हजार पुलिस पदों सहित एक लाख से अधिक स्वीकृत पदों पर भर्ती और दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पन्ना में अगले वर्ष मेडिकल कॉलेज शुरू होगा, भगवान जुगल किशोर मंदिर के विकास के लिए राशि दी जाएगी तथा बृजपुर में कॉलेज सहित कई सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम को खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा और विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों तथा समान नागरिक संहिता लागू करने के निर्णय की सराहना की।4
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना प्रवास के दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा आयोजित श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होकर जिले को कई महत्वपूर्ण विकास सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। पन्ना पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं द्वारा उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम मंदिर में पूजा-अर्चना की और कथा स्थल पहुंचकर महंत श्री श्री 108 स्वामी किशोर दास जी महाराज से आशीर्वाद लिया तथा श्री भक्तिमाल कथा का श्रवण किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष तीन दिवसीय "जुगल किशोर महोत्सव" आयोजित करने की घोषणा की। इसके साथ ही जुगल किशोर लोक परियोजना के समग्र विकास के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का ऐलान किया। विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रखी गई मांगों पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने पन्ना के ऐतिहासिक चंदेलकालीन तालाबों के संरक्षण व उन्नयन, पन्ना–अजयगढ़–इटवाकला–मड़ैयन सड़क निर्माण तथा नहरा-नहरी पुल, बिलहरी घाट और खोरा-भेदया पुल निर्माण के लिए पुनरीक्षित बजट की स्वीकृति दी। खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए छत्रसाल नजरबाग स्टेडियम के विकास हेतु भी अतिरिक्त राशि देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया और भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि व संत-महात्मा उपस्थित रहे। सांसद वीडी शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन सौगातों से पन्ना में धार्मिक पर्यटन, आवागमन, खेल और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।4
- पन्ना जिले के सिमरिया स्थित बस स्टैंड पर बने सुलभ शौचालय में ताला लटका हुआ है, जिससे यहाँ आने-जाने वाले लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। शौचालय बंद रहने से यह गंभीर समस्या पैदा हो गई है कि आखिर लोग बाथरूम के लिए कहाँ जाएँ। इस अव्यवस्था की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। पुरुषों का काम तो जैसे-तैसे चल भी सकता है, लेकिन महिलाओं के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ऐसे में सीधा सवाल उठ रहा है कि क्या सभी लोगों को खुले में ही बाथरूम जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1
- IYC अध्यक्ष उदय भानु ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की पहली बड़ी जीत है। उन्होंने इसे पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज की सीधी जीत बताया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और छात्रों के हक की असली लड़ाई अभी बाकी है।1