जिला मंडला के ब्लॉक मोहगांव में जनपद सदस्य बोध सिंह मरकाम जी के नेतृत्व में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा किया गया धरना प्रदर्शन . विगत 50 दिनों से ब्लॉक मोहगांव मे धरना प्रदर्शन चल रहा था l वह जनता की पीड़ा , संघर्ष का प्रतीक है अपने हक ओर अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति या संगठन का नहीं है बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता की आवाज है l क्षेत्र की जन समस्याओं जैसे पानी,सड़क , बिजली , शिक्षा , स्वास्थ्य और आदि को लेकर आंदोलन किया पर शासन प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया l गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम जी ने कहा कि यदि यह मांग 15 दिवस में पूरी नहीं हुई तो मोहगांव में उग्र आंदोल भी किया जाएगा l प्रदेश प्रवक्ता संतर बलारी जी ,प्रदेश महासचिव शिव कुमार कुशराम जी , महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष द्रौपदी वरकड़े जी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहगांव राजा आमों जी , जनपद सदस्य हरेंद्र मसराम जी सहित हजारों कार्यकर्ता पदाधिकारी इस आंदोलन में उपस्थित रहे l
जिला मंडला के ब्लॉक मोहगांव में जनपद सदस्य बोध सिंह मरकाम जी के नेतृत्व में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा किया गया धरना प्रदर्शन . विगत 50 दिनों से ब्लॉक मोहगांव मे धरना प्रदर्शन चल रहा था l वह जनता की पीड़ा , संघर्ष का प्रतीक है अपने हक ओर अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति या संगठन का नहीं है बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता की आवाज है l क्षेत्र की जन समस्याओं जैसे पानी,सड़क , बिजली , शिक्षा , स्वास्थ्य और आदि को लेकर आंदोलन किया पर शासन प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया l गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम जी ने कहा कि यदि यह मांग 15 दिवस में पूरी नहीं हुई तो मोहगांव में उग्र आंदोल भी किया जाएगा l प्रदेश प्रवक्ता संतर बलारी जी ,प्रदेश महासचिव शिव कुमार कुशराम जी , महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष द्रौपदी वरकड़े जी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहगांव राजा आमों जी , जनपद सदस्य हरेंद्र मसराम जी सहित हजारों कार्यकर्ता पदाधिकारी इस आंदोलन में उपस्थित रहे l
- जिला मंडला के ब्लॉक मोहगांव में जनपद सदस्य बोध सिंह मरकाम जी के नेतृत्व में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा किया गया धरना प्रदर्शन . विगत 50 दिनों से ब्लॉक मोहगांव मे धरना प्रदर्शन चल रहा था l वह जनता की पीड़ा , संघर्ष का प्रतीक है अपने हक ओर अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति या संगठन का नहीं है बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता की आवाज है l क्षेत्र की जन समस्याओं जैसे पानी,सड़क , बिजली , शिक्षा , स्वास्थ्य और आदि को लेकर आंदोलन किया पर शासन प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया l गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम जी ने कहा कि यदि यह मांग 15 दिवस में पूरी नहीं हुई तो मोहगांव में उग्र आंदोल भी किया जाएगा l प्रदेश प्रवक्ता संतर बलारी जी ,प्रदेश महासचिव शिव कुमार कुशराम जी , महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष द्रौपदी वरकड़े जी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहगांव राजा आमों जी , जनपद सदस्य हरेंद्र मसराम जी सहित हजारों कार्यकर्ता पदाधिकारी इस आंदोलन में उपस्थित रहे l1
- Post by Neelesh THAKUR1
- Post by Salim khan1
- जनपद सदस्य बोधसिंह मरकाम का अनिश्चितकालीन धरना तेज, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की एंट्री से बढ़ा सियासी पारा। प्रदेश अध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। तेकाम ने कहा, "जनप्रतिनिधि की नहीं सुनवाई, जनता का क्या होगा?" गोंडवाना पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा।1
- मंडला में एक धरना अब सियासी तूफान बन चुका है… 45 दिनों से धरने पर बैठे जनपद सदस्य… और अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की एंट्री ने बढ़ा दी है प्रशासन की टेंशन! सबसे बड़ा सवाल… क्या प्रशासन गहरी नींद में है… या फिर जानबूझकर अनदेखी कर रहा है?1
- Post by Rajju Bhartiya1
- डिंडोरी जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मानिकपुर के सरपंच प्रतिभा तुरकेल सचिव राजेंद्र दास टांडिया रोजगार सहायक भीखम राजपूत सब इंजीनियर भगतिया के अजूबे कारनामे से ग्रामीण जन असंतुष्ट हैं 15 लाख के तालाब में पानी नहीं 15 मजदूरों की मजदूरी नहीं मिल पाई और 15 लाख खर्च हो गए8
- मध्यप्रदेश के मंडला जिले में गहराते जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सोमेश मिश्रा ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए निजी नलकूप यानी बोरवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की रिपोर्ट के अनुसार मंडला जिले के बिछिया, मवई, घुघरी, नैनपुर, बीजाडांडी, नारायणगंज और निवास क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में पेयजल संकट और गहराने की आशंका जताई गई है। प्रशासन के आदेश के तहत अब बिना अनुमति कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मशीन जब्ती, एफआईआर दर्ज करना, साथ ही जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान शामिल है। हालांकि यह प्रतिबंध शासकीय योजनाओं के अंतर्गत होने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। वहीं आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी की अनुमति के बाद ही बोरवेल खनन की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य जिले में भूजल संरक्षण और पेयजल संकट से निपटना है।1