आजमनगर मोहर्रम नौजवान कमिटी के तत्वावधान में मोहर्रम के अवसर पर आजमनगर कब्रिस्तान के पास रविवार देर रात एकदिवसीय डे-नाइट लाठी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की लगभग 10 टीमों ने भाग लिया और अपनी पारंपरिक लाठी कला, कौशल तथा अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों के बाद मानिकनगर की टीम को विजेता घोषित किया गया। विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप एक फ्रिज और विनर कप प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों का भी उत्साहवर्धन किया गया। इस आयोजन को देखने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में दर्शक पहुँचे, जिन्होंने देर रात तक चले इस पारंपरिक लाठी कला का भरपूर आनंद लिया और तालियों से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आजमनगर थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही और पुलिस बल आयोजन स्थल पर तैनात रहा। पुलिस ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, दर्शकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
आजमनगर मोहर्रम नौजवान कमिटी के तत्वावधान में मोहर्रम के अवसर पर आजमनगर कब्रिस्तान के पास रविवार देर रात एकदिवसीय डे-नाइट लाठी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की लगभग 10 टीमों ने भाग लिया और अपनी पारंपरिक लाठी कला, कौशल तथा अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों के बाद मानिकनगर की टीम को विजेता घोषित किया गया। विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप एक फ्रिज और विनर कप प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों का भी उत्साहवर्धन किया गया। इस आयोजन को देखने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में दर्शक पहुँचे, जिन्होंने देर रात तक चले इस पारंपरिक लाठी कला का भरपूर आनंद लिया और तालियों से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आजमनगर थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही और पुलिस बल आयोजन स्थल पर तैनात रहा। पुलिस ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, दर्शकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
- कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के मिर्जापुर (मखदमपुर) स्थित पवई संत कबीर आश्रम में सोमवार को सद्गुरु कबीर साहेब का प्राकट्य (जन्मोत्सव) महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। दो दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ आश्रम के महंत वेदानंद साहेब और सत्संग समिति के सदस्यों द्वारा ध्वजारोहण कर और "सद्गुरु कबीर साहेब की जय" के जयघोष के साथ किया गया। इसके बाद मखदमपुर और आसपास के क्षेत्रों में एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महोत्सव के दौरान पूरा आश्रम परिसर संतवाणी, भजन-कीर्तन, सत्संग, प्रवचन और गुरु महिमा के भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। इस अवसर पर विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से पधारे संत-महात्माओं ने संत कबीर के विचारों का प्रचार-प्रसार करते हुए मानवता, प्रेम, सत्य और समानता का संदेश दिया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक आरती, खिचड़ी महाभोज और महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया। आश्रम पहुंचे संत अभय साहेब, नंद किशोर साहेब, मिथलेश साहेब, सुधीर साहेब, राम साहेब, ज्ञानचंद साहेब, जयमाल दासींन, शिवशंकर साहेब सहित अन्य महात्माओं ने कबीर साहेब पर आधारित भजन और प्रवचन के माध्यम से सभी संत प्रेमियों के बीच अपने-अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम की सफलता में आश्रम के महंत वेदानंद साहेब, प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नित्यानंद दास, सचिव अरबिंद दास, सदस्य राजेन्द्र दास, दिनेश दास, मुखिया संघ अध्यक्ष मोहम्मद काजिम, सरपंच सुमन रजक, पंचायत समिति सदस्य प्रेम महलदार, समाजसेवी मोहम्मद इन्सून, पूर्व मुखिया जगदेव रविदास और एम.एस.सी. प्रतिनिधि अखिलेश मेहता सहित सत्संग समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रवचन के दौरान संतों ने बताया कि 15वीं शताब्दी के महान संत और समाज सुधारक कबीरदास ने जाति-पांति, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और धार्मिक आडंबर का विरोध करते हुए सत्य, प्रेम, सदाचार और मानव सेवा को ही सच्ची भक्ति माना था। उनके विचार आज भी समाज को आत्मचिंतन, सामाजिक समरसता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। सत्संग सुनने के लिए पंडाल में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। पूरा आश्रम परिसर देर शाम तक "सत साहेब" के जयघोष और कबीर वाणी से गूंजता रहा। इस महोत्सव का खास आकर्षण संत कबीर के प्रेरणादायी दोहे रहे, जैसे "बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो मन खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥", "पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥" और "जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥"।1
- बिहार के कटिहार जिले के कदवा प्रखंड स्थित आनंदी उत्क्रमित विद्यालय के एक शिक्षक का छात्रों से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित शिक्षक कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट (CLC) जारी करने के एवज में छात्रों से अवैध वसूली कर रहे हैं।1
- पूर्णिया जिले के बनभाग में एक लाठी खेल प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस रोमांचक प्रतियोगिता में सधुवेली की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। जिला परिषद सदस्य देशबन्धु कुमार उर्फ बुलबुल पासवान ने इस सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।1
- एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का अनुरोध किया गया है। यह अपील दर्शकों से की गई है कि वे वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित करें।1
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का 'महापाप' सामने आने के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट जमा तो कर दी गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत जी ने दिल्ली से बयान देते हुए इस SIT के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत जी के अनुसार, इस SIT का मुख्य काम 'प्यादों को पकड़ना और बड़े लोगों को छोड़ देना' था, जिससे चोरी किया गया माल आसानी से ठिकाने लगाया जा सके। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया, क्योंकि देश के लोगों ने पूरी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब उन्हें एक 'गोपनीय' SIT की रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 40 दिनों में ही कुल 70 चोरियां हुई हैं। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि पिछले साढ़े पांच सालों में कुल कितनी चोरियां हुई होंगी, और इस बड़े पैमाने पर हुई लूट का सही ब्यौरा कौन उपलब्ध कराएगा।1
- किशनगंज के तेरहगाछ क्षेत्र में एक अधूरा पुल स्थानीय ग्रामीणों के लिए संकट का सबब बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस अधूरे पुल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया है कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक उनके लिए सुरक्षित अस्थायी आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में गरीब तबके के लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह इलाज 'लत्तम-जुत्तम' विधि से किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता और प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।1