अखिल भारत हिंदू महासभा ने मथुरा में अपनी मासिक बैठक के दौरान देश में युवा वर्ग के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। महासभा ने हाल के दिनों में सरेआम हो रहे “एनकाउंटर” को एक बड़ा अपराध बताते हुए, बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की बिहार पुलिस द्वारा की गई निर्मम हत्या की घोर निंदा की है। महासभा ने भरत भूषण तिवारी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, घटना में शामिल हत्यारे और अपराधी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई कर मुकदमे को फास्ट ट्रैक पर चलाए जाने की मांग की है। महासभा के अनुसार, भरत भूषण तिवारी का “अपराध” बिहार की भाजपा सत्ता की नज़र में केवल इतना था कि वह उनसे उन सवालों के जवाब चाहता था, जिनसे सत्ता बच रही थी। ये सवाल जनता के हित में और सत्ता के खिलाफ थे, जो चुनाव से पहले किए गए वादे थे और बाद में भुला दिए गए। महासभा का आरोप है कि यह बात वहां की सत्ता को बर्दाश्त नहीं हुई, जिसके परिणामस्वरूप भरत भूषण तिवारी को अपनी शहादत देनी पड़ी। संगठन ने दृढ़ता से कहा है कि उनकी यह शहादत कभी बेकार नहीं जाएगी, बल्कि यह उन लोगों को ताकत देती रहेगी जो सत्ता से सवाल करने में डरते हैं। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुछ घृणित लोग भरत भूषण तिवारी की शहादत को इरादतन झूठे और बेबुनियादी आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनके खिलाफ कहीं भी एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। महासभा का मानना है कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश के तहत, इस शहादत पर गंदी राजनीति करने वाले लोग जातिवाद का कार्ड भी खेल रहे हैं, जबकि भरत भूषण के कार्यों में किसी प्रकार की कोई जातीय पक्षधरता नहीं थी। गरीबों के लिए आवाज उठाना गुनाह बन गया है, और ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे फेक अभियान से सभी को शांतिपूर्वक सावधान रहने की आवश्यकता है। महासभा ने न्यायालय और सरकार से इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और टीम का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों पर तुरंत हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
अखिल भारत हिंदू महासभा ने मथुरा में अपनी मासिक बैठक के दौरान देश में युवा वर्ग के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। महासभा ने हाल के दिनों में सरेआम हो रहे “एनकाउंटर” को एक बड़ा अपराध बताते हुए, बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की बिहार पुलिस द्वारा की गई निर्मम हत्या की घोर निंदा की है। महासभा ने भरत भूषण तिवारी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, घटना में शामिल हत्यारे और अपराधी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई कर मुकदमे को फास्ट ट्रैक पर चलाए जाने की मांग की है। महासभा के अनुसार, भरत भूषण तिवारी का “अपराध” बिहार की भाजपा सत्ता की नज़र में केवल इतना था कि वह उनसे उन सवालों के जवाब चाहता था, जिनसे सत्ता बच रही थी। ये सवाल जनता के हित में और सत्ता के खिलाफ थे, जो चुनाव से पहले किए गए वादे थे और बाद में भुला दिए गए। महासभा का आरोप है कि यह बात वहां की सत्ता को बर्दाश्त नहीं हुई, जिसके परिणामस्वरूप भरत भूषण तिवारी को अपनी शहादत देनी पड़ी। संगठन ने दृढ़ता से कहा है कि उनकी यह शहादत कभी बेकार नहीं जाएगी, बल्कि यह उन लोगों को ताकत देती रहेगी जो सत्ता से सवाल करने में डरते हैं। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुछ घृणित लोग भरत भूषण तिवारी की शहादत को इरादतन झूठे और बेबुनियादी आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनके खिलाफ कहीं भी एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। महासभा का मानना है कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश के तहत, इस शहादत पर गंदी राजनीति करने वाले लोग जातिवाद का कार्ड भी खेल रहे हैं, जबकि भरत भूषण के कार्यों में किसी प्रकार की कोई जातीय पक्षधरता नहीं थी। गरीबों के लिए आवाज उठाना गुनाह बन गया है, और ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे फेक अभियान से सभी को शांतिपूर्वक सावधान रहने की आवश्यकता है। महासभा ने न्यायालय और सरकार से इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और टीम का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों पर तुरंत हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
- मथुरा जनपद की छाता तहसील स्थित उप निबंधन कार्यालय में निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली, जिसमें उन्होंने अपने गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर से रैली निकालकर उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन किया। उन्होंने सरकार पर रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। इस दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। पूर्व जिला अध्यक्ष सपा लोकमणिकांत जादौन ने मीडिया से बात करते हुए वकीलों की 14 वेतन हड़ताल जारी होने और राज्य मंत्री का फूखा पुतला फूंके जाने की जानकारी दी। हड़ताल पर बैठे संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण के फैसले को वापस लेने तक उनका संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा। फिलहाल, इस हड़ताल के कारण उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।1
- हिन्दू धर्म के नाम पर जन मानस के दान से शराब पीने वाले एक फर्जी बाबा की कड़ी निंदा की गई है। आरोप है कि भगवा वस्त्र धारण कर साधु का रूप धरने वाला यह व्यक्ति शराब पीकर हिन्दू धर्म को कलंकित कर रहा है। इसी के चलते, लोगों से ऐसे अधर्मी व्यक्तियों को भीख या दान देना बंद करने की अपील की गई है। इसके बजाय, यह सुझाव दिया गया है कि यदि दान करना ही है तो वह गौ माता और गौशालाओं को दिया जाना चाहिए।1
- पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों के बीच, एक बड़े घटनाक्रम में एडीजी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर महत्वपूर्ण खुलासा किया है। एडीजी ने इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए।1
- जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने ब्रज में स्वच्छता को केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया है। उन्होंने ब्रह्माण्ड घाट पर श्रमदान कर 'स्वच्छ ब्रज' का संदेश दिया, साथ ही सभी लोगों से घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसा करने से ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।1
- उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भावुक हो गए।1
- ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत दिनांक 22 जून 2026 को मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने गोकुल स्थित विश्व प्रसिद्ध ब्रह्माण्ड घाट पर पहुँचकर स्वयं श्रमदान किया। उन्होंने घाटों पर साफ-सफाई कर स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। ब्रह्माण्ड घाट को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जहाँ महादेव जी का प्रसिद्ध चिंताहरण मंदिर स्थित है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस विशेष स्वच्छता अभियान में महावन नगर पंचायत के सफाई कर्मियों के साथ विकास प्रीत परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की। सभी ने मिलकर घाट परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छ एवं सुंदर ब्रज का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि स्वच्छ ब्रज केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें। अभियान के दौरान घाटों की व्यापक सफाई सुनिश्चित की गई और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक भी किया गया। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य ब्रज के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखना है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक बेहतर वातावरण मिल सके।4
- मथुरा के यमुना पार थाना क्षेत्र अंतर्गत शिव नगर कॉलोनी में स्थित भावना गैस एजेंसी पर एक ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस धमाके के कारण आस-पास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और मकान मालिक बाल-बाल बच गए।4