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हिन्दू धर्म के नाम पर जन मानस के दान से शराब पीने वाले एक फर्जी बाबा की कड़ी निंदा की गई है। आरोप है कि भगवा वस्त्र धारण कर साधु का रूप धरने वाला यह व्यक्ति शराब पीकर हिन्दू धर्म को कलंकित कर रहा है। इसी के चलते, लोगों से ऐसे अधर्मी व्यक्तियों को भीख या दान देना बंद करने की अपील की गई है। इसके बजाय, यह सुझाव दिया गया है कि यदि दान करना ही है तो वह गौ माता और गौशालाओं को दिया जाना चाहिए।
बवंडर बाबा धर्म जागृति
हिन्दू धर्म के नाम पर जन मानस के दान से शराब पीने वाले एक फर्जी बाबा की कड़ी निंदा की गई है। आरोप है कि भगवा वस्त्र धारण कर साधु का रूप धरने वाला यह व्यक्ति शराब पीकर हिन्दू धर्म को कलंकित कर रहा है। इसी के चलते, लोगों से ऐसे अधर्मी व्यक्तियों को भीख या दान देना बंद करने की अपील की गई है। इसके बजाय, यह सुझाव दिया गया है कि यदि दान करना ही है तो वह गौ माता और गौशालाओं को दिया जाना चाहिए।
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- मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।1
- हिन्दू धर्म के नाम पर जन मानस के दान से शराब पीने वाले एक फर्जी बाबा की कड़ी निंदा की गई है। आरोप है कि भगवा वस्त्र धारण कर साधु का रूप धरने वाला यह व्यक्ति शराब पीकर हिन्दू धर्म को कलंकित कर रहा है। इसी के चलते, लोगों से ऐसे अधर्मी व्यक्तियों को भीख या दान देना बंद करने की अपील की गई है। इसके बजाय, यह सुझाव दिया गया है कि यदि दान करना ही है तो वह गौ माता और गौशालाओं को दिया जाना चाहिए।1
- पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों के बीच, एक बड़े घटनाक्रम में एडीजी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर महत्वपूर्ण खुलासा किया है। एडीजी ने इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए।1
- जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने ब्रज में स्वच्छता को केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया है। उन्होंने ब्रह्माण्ड घाट पर श्रमदान कर 'स्वच्छ ब्रज' का संदेश दिया, साथ ही सभी लोगों से घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसा करने से ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।1
- उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भावुक हो गए।1
- छाता (मथुरा) के उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री व्यवस्था के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में सोमवार को लगातार 14वें दिन भी हड़ताल जारी रही। आंदोलनरत दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह रैली तहसील परिसर से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता तथा कर्मचारी मौजूद रहे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण से हजारों दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और संबंधित कर्मचारियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती और निजीकरण संबंधी निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में सरकार से निजीकरण का निर्णय वापस लेने और उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। लगातार जारी इस हड़ताल के कारण उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- लखनऊ में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ एक लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 14 बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है।1
- मथुरा के यमुना पार थाना क्षेत्र अंतर्गत शिव नगर कॉलोनी में स्थित भावना गैस एजेंसी पर एक ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस धमाके के कारण आस-पास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और मकान मालिक बाल-बाल बच गए।4