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देश की शिक्षा प्रणाली की कड़वी सच्चाई सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि 1,000 शिक्षित युवाओं में से केवल 12 को ही वेतनभोगी (salaried) नौकरी मिल पाती है। इस विश्लेषण के अनुसार, करीब 300 युवा पूरी तरह बेरोजगार रह जाते हैं, जबकि लगभग 700 गिग वर्क, मनरेगा या अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने को मजबूर होते हैं। इस स्थिति को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा में कहा कि युवाओं से झूठ बोला जा रहा है और यह शिक्षा नहीं, बल्कि 'एक्सटॉर्शन' (extortion) का सिस्टम है। इस गंभीर आरोप के साथ, "छात्रों की गूंज" (#ChhatronKiGoonj) हैशटैग का उपयोग किया गया है, जो इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष को दर्शाता है। यह जानकारी मगही शेर अभिषेक रंजन द्वारा जनता के साथ सच को आवाज देने की बात कहते हुए साझा की गई है।
Abhishek ranjan C E O
देश की शिक्षा प्रणाली की कड़वी सच्चाई सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि 1,000 शिक्षित युवाओं में से केवल 12 को ही वेतनभोगी (salaried) नौकरी मिल पाती है। इस विश्लेषण के अनुसार, करीब 300 युवा पूरी तरह बेरोजगार रह जाते हैं, जबकि लगभग 700 गिग वर्क, मनरेगा या अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने को मजबूर होते हैं। इस स्थिति को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा में कहा कि युवाओं से झूठ बोला जा रहा है और यह शिक्षा नहीं, बल्कि 'एक्सटॉर्शन' (extortion) का सिस्टम है। इस गंभीर आरोप के साथ, "छात्रों की गूंज" (#ChhatronKiGoonj) हैशटैग का उपयोग किया गया है, जो इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष को दर्शाता है। यह जानकारी मगही शेर अभिषेक रंजन द्वारा जनता के साथ सच को आवाज देने की बात कहते हुए साझा की गई है।
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- जब-जब धरती माता पर कष्ट आता है, तब यज्ञ मंत्रों से आहुतियाँ दी जाती हैं। इसी मान्यता के साथ, भागलपुर जिले के दरियापुर स्थित यज्ञ पंडाल में श्रद्धालुओं ने अग्नि देवताओं का आह्वान करते हुए यज्ञ का आयोजन किया। यह यज्ञ 17 मई, बुधवार को किया गया, जिसमें धरती माता की शांति के लिए प्रार्थना की गई।1
- भागलपुर के सन्हौला में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बुधवार को हुई बारिश से बड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया, आसमान में बादल छा गए और हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने गर्मी और उमस से काफी राहत महसूस की। किसानों ने भी इस बारिश पर खुशी जताई है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ गई है और फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या भी देखने को मिली, जिससे राहगीरों को थोड़ी असुविधा हुई। इसके बावजूद, अधिकतर लोगों ने बारिश का स्वागत करते हुए इसे गर्मी से निजात दिलाने वाला बताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह बारिश बढ़ती गर्मी के बीच किसी वरदान से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।1
- बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वायरल वीडियो में एक युवक खुलेआम एक पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना के दौरान युवक ने कथित तौर पर थाना प्रभारी (SHO) को भी धमकी दी। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और अपराधियों के बढ़ते मनोबल पर गहरी चिंता पैदा कर रहा है।1
- सहौदा गाँव बसंतपुरा थाने के अंतर्गत आता है।1
- बिहार में शिक्षकों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वेतन रोके जाने के साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।1
- देश की शिक्षा प्रणाली की कड़वी सच्चाई सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि 1,000 शिक्षित युवाओं में से केवल 12 को ही वेतनभोगी (salaried) नौकरी मिल पाती है। इस विश्लेषण के अनुसार, करीब 300 युवा पूरी तरह बेरोजगार रह जाते हैं, जबकि लगभग 700 गिग वर्क, मनरेगा या अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने को मजबूर होते हैं। इस स्थिति को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा में कहा कि युवाओं से झूठ बोला जा रहा है और यह शिक्षा नहीं, बल्कि 'एक्सटॉर्शन' (extortion) का सिस्टम है। इस गंभीर आरोप के साथ, "छात्रों की गूंज" (#ChhatronKiGoonj) हैशटैग का उपयोग किया गया है, जो इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष को दर्शाता है। यह जानकारी मगही शेर अभिषेक रंजन द्वारा जनता के साथ सच को आवाज देने की बात कहते हुए साझा की गई है।1
- झारखंड के ग्रामीण इलाकों की जनता ने महागामा की विधायक दीपिका पांडे सिंह से पानी की समस्या को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वोट मांगने के समय तो विधायक उनके घर-घर आती थीं, लेकिन अब वे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता ने विधायक से पूछा है कि इस गंभीर समस्या का जवाब कौन देगा, जबकि उनके गांव के बगल के लोग पानी के लिए परेशान हैं।1
- कटिहार में सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा NDA सरकार पर सीमांचल के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाने के बाद, जेडीयू ने इस पर तीखा पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में हुई एक प्रेस वार्ता में, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुनाव के दौरान सीमांचल के विकास का वादा करने, लेकिन सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य न दिखने का आरोप लगाया था। AIMIM के इन आरोपों पर जेडीयू के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। जेडीयू प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। हैदर ने यह भी कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवाद और सामाजिक तनाव कम हुए हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों तथा अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, जेडीयू ने AIMIM पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। जेडीयू ने कहा कि AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जाकर "वोट काटने" का काम करती है, और पश्चिम बंगाल, बिहार में भी उसकी भूमिका "वोट कटवा" की रही है। अब यही रणनीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के अधवारी में एक आक्रोशित भीड़ ने कोर्ट कमिश्नर रत्नाकर झा को बुरी तरह पीटा। घटना तब हुई जब भीड़ ने रत्नाकर झा को गाछी से खींचकर बेरहमी से मारा। यह खबर बिहार से सामने आई है।1