तुर्तीपार घाघरा नदी पुल निर्माण में बड़ा हादसा, 2 मजदूरों की मौत। तुर्तीपार घाघरा नदी पुल निर्माण में बड़ा हादसा, 2 मजदूरों की मौत—सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल। 650 करोड़ की परियोजना में फिर लापरवाही, पिलर का सरिया झुकने से मलबे में दबे मजदूर; कई घायल बलिया (बेल्थरारोड): बलिया जनपद के बेल्थरारोड-भागलपुर मार्ग पर तुर्तीपार घाघरा नदी पर निर्माणाधीन फोर-लेन पुल पर एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया। बुधवार को पुल के पिलर का सरिया अचानक झुक जाने से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। उभांव थाना के इंस्पेक्टर संजय शुक्ल एवं क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी पुल परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी निर्माण स्थल पर हादसा हुआ था, जिसमें मजदूर घायल हुए थे। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय लोगों और मजदूरों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार हो रहे हादसे के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है और इन हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तुर्तीपार घाघरा नदी पुल निर्माण में बड़ा हादसा, 2 मजदूरों की मौत। तुर्तीपार घाघरा नदी पुल निर्माण में बड़ा हादसा, 2 मजदूरों की मौत—सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल। 650 करोड़ की परियोजना में फिर लापरवाही, पिलर का सरिया झुकने से मलबे में दबे मजदूर; कई घायल बलिया (बेल्थरारोड): बलिया जनपद के बेल्थरारोड-भागलपुर मार्ग पर तुर्तीपार घाघरा नदी पर निर्माणाधीन फोर-लेन पुल पर एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया। बुधवार को पुल के पिलर का सरिया अचानक झुक जाने
से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। उभांव थाना के इंस्पेक्टर संजय शुक्ल एवं क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां
गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी पुल परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी निर्माण स्थल पर हादसा हुआ था, जिसमें मजदूर घायल हुए थे। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय लोगों और मजदूरों में इस घटना
को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार हो रहे हादसे के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है और इन हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- तुर्तीपार घाघरा नदी पुल निर्माण में बड़ा हादसा, 2 मजदूरों की मौत—सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल। 650 करोड़ की परियोजना में फिर लापरवाही, पिलर का सरिया झुकने से मलबे में दबे मजदूर; कई घायल बलिया (बेल्थरारोड): बलिया जनपद के बेल्थरारोड-भागलपुर मार्ग पर तुर्तीपार घाघरा नदी पर निर्माणाधीन फोर-लेन पुल पर एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया। बुधवार को पुल के पिलर का सरिया अचानक झुक जाने से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। उभांव थाना के इंस्पेक्टर संजय शुक्ल एवं क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी पुल परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी निर्माण स्थल पर हादसा हुआ था, जिसमें मजदूर घायल हुए थे। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय लोगों और मजदूरों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि बार-बार हो रहे हादसे के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है और इन हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।4
- Post by RISHI RAI1
- Post by SONI DEVI1
- उपजाऊ जमीन पर जबरन मिट्टी खनन से किसानों में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव में किसानों की उपजाऊ भूमि से जबरन मिट्टी कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार भारी मशीनों और कई टन वजनी डंपरों के साथ खेतों में घुसकर मिट्टी निकाल रहे हैं, जिससे जमीन की उर्वरता तेजी से खत्म हो रही है और खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदारों द्वारा बिना अनुमति खेतों की खुदाई की जा रही है। जब किसानों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ दबंगई की गई। किसानों का यह भी आरोप है कि ठेकेदारों को स्थानीय स्तर पर पुलिस का सहयोग मिल रहा है, जिससे वे बेखौफ होकर अवैध खनन कर रहे हैं। इस कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी और असंतोष का माहौल है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत से तैयार फसल को रौंदकर जमीन को बंजर बनाया जा रहा है, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने बताया कि उनकी सालभर की कमाई इसी फसल पर निर्भर रहती है, लेकिन अवैध मिट्टी खनन के कारण उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि अवैध मिट्टी खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसमें शामिल ठेकेदारों व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। बाइट – किसान: “हमारे खेतों में जबरन मशीनें चलाकर मिट्टी निकाली जा रही है। हमारी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगे।6
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- देवरिया जिले के सदर भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा है कि लाल टोपी और समाजवादी पार्टी की हकीकत जनता समझ चुकी है क्योंकि लाल टोपी वाले लोग अपराध और अत्याचार के अलावा भ्रष्टाचार में सम्मिलित रहते हैं।उत्तर प्रदेश में जब सपा का कोई नेता निकलता था तो लोग दहशत महसूस करते थे समाजवादी पार्टी के लिए 2047 तक कोई उम्मीद और कोई रास्ता नहीं है।वही धुरंधर फिल्म 2 को पर बीजेपी एमएलए ने कहा है कि यह फिल्म बहुत ही अच्छी है देश भक्ति है साथ ही तथ्य परक पर घटनाओं पर आधारित है और इस फिल्म से बहुत सारा सच सामने आया है और बहुत सारा सच अभी और सामने आने वाला है...क्योंकि एक दौर ऐसा भी था जब यूपी के माफिया LMG मशीन गन खरीदते थे और यूपी एक माफिया जाली नोटो के कारोबार में भी सम्मिलित हुआ करते थे। Byte-डॉ.शलभ मणि त्रिपाठी...BJP MLA2
- देवरिया...BJP MLA शलभ मणि त्रिपाठी का बड़ा बयान, लाल टोपी और सपा की हकीकत जनता समझ चुकी है, लाल टोपी वालों ने अपराध,अत्याचार,भ्रष्टाचार किया है, UP में जब सपा के लोग निकालते थे तो लोग दहशत महसूस करते थे, 2027 तक सपा की कोई उम्मीद नहीं है, UP में माफियाओं ने LMG भी खरीदते थे, UP के माफिया जाली का नोट का कारोबार भी करते थे, धुरंधर फिल्म में जो दिखाया गया है वह तथ्य और सत्य पर आधारित है, बहुत सारा सच सामने आया है आगे भी सच सामने आता रहेगा,1
- सीओ की तैनाती के लिए आवश्यक मानक पूरा होना जरूरी -एसपी एसपी ने किया उभांव थाने का वार्षिक निरीक्षण बेल्थरारोड (बलिया)। एसपी ओमबीर सिंह ने मंगलवार को उभांव थाने की निरीक्षण के बाद कहा कि किसी भी थाने का वार्षिक निरीक्षण दण्ड के लिए नहीं, ब्यवस्थाओं के सुधार के लिए होता है। उसे दूसरे नजरिये से नही देखा जाना चाहिए। पुलिस ब्यवस्था को और कैसे और बेहतर कर सकते हैं। मैने यहां के सम्मानितजनों से रुबरु होकर समस्याओं व अनराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त किया। मुझे बताया गया कि जिला मुख्यालय बलिया एवं क्षेत्राधिकारी कार्यालय रसड़ा काफी दूरी पर पड़ता है। उभांव थाना परिसर में नये सीओ कार्यालय का निर्माण होकर उद्घाटित हो चुका है। उन्होने कहा कि सीओ की पोस्टिंग के लिए कुछ मानक है। इसके लिए थानों की संख्या बढ़ानी होगी उसके लिए रसड़ा सर्किल में थानों की संख्या बढ़ाने के लिए जांच करवा रहा हूं। यदि मानक पूरा कर नये थाने बनने का मानक पूरा हो गया तो शासन से सीओ की तैनाती का रास्ता साफ हो जायेगा। उसे शासन को विचारणार्थ रिपोर्ट भेज दी जायेगी। उन्होने कहा कि सम्मानितजनों से पुलिस की रवैया के बारे में भी जानकारी ली गयी। अगले माह 20 अप्रैल तक नये आरक्षियों की तैनाती हो जायेगी। इसके लिए बैरक निर्माण कराया जा रहा है। ऐसा लग रहा है वह भी जगह कम पड़ जायेगा। उन्हें सही ब्यवस्था मिली तो वे हमारी कानून ब्यवस्था में सकारात्मक साथ देने का काम करेगें। भीमपुरा थाने के अन्दर गोन्दिपुर में हुयी हत्या का खुलासा दो तीन दिनों में हो जाने की प्रबल सम्भावना है। बैरिया पुलिस ने 20 दिन पहले लूटी गयी बाईक बरामद करने में सफलता पाई है। सभी आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एसपी ओमबीर सिंह ने उभांव थाने पहुंचते ही पुलिस की सलामी स्वीकार की। तत्पश्चात उन्होने पूरे थाना परिसर में भ्रमण कर साफ-सफाई की गहनता से जांच की। थाने की अभिलेखों का रख-रखाव, मालखाना, बैरक, भोजनालय आदि का निरीक्षण किया। थाने के कई दर्जन चौकीदारों से उनकी समस्याओं व समय से मानदेय भुगतान की जानकारी प्राप्त की। उभांव का पूरा थाना परिसर गुब्बारों से सजा दिया गया था। थाने के मुख्य द्वार सहित पूरा थाना परिसर सीसी टीबी कैमरे से सुसज्जित दिखा। इस निरीक्षण के दौरान सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। सफल निरीक्षण के बाद थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ला ने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों को धन्यवाद दिया।1