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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 📢 आंदोलन की प्रमुख मांगें न्यूनतम वेतन की गारंटी: आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर ₹26,000 किया जाए। नियमितीकरण: जो कर्मचारी विभागों में पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाए। ठेका प्रथा की समाप्ति: विभागों में चल रहे ठेकाकरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। संविलियन या सेवा निगम: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'आउटसोर्स सेवा निगम' बने या फिर लघु कैडर बनाकर कर्मचारियों का सीधे विभाग में संविलियन हो। 😟 कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें नाममात्र का मानदेय: चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी और पंप ऑपरेटर जैसे पदों पर मात्र ₹3,000 से ₹5,000 में काम कराया जा रहा है। वेतन में अवैध कटौती: कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के तहत तय की गई दरों की तुलना में काफी कम पैसा हाथ में दिया जाता है और अवैध कटौतियां की जाती हैं। नौकरी की असुरक्षा: ठेका व्यवस्था के चलते कर्मचारियों के पास रोजगार की कोई सुरक्षा या भविष्य के लाभ नहीं हैं। ⚠️ वर्तमान स्थिति और चेतावनी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई नई न्यूनतम वेतन दरों से कर्मचारी संगठन असंतुष्ट हैं। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह और राज्यव्यापी बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।

13 hrs ago
user_ABDUL
ABDUL
Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
13 hrs ago

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 📢 आंदोलन की प्रमुख मांगें न्यूनतम वेतन की गारंटी: आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर ₹26,000 किया जाए। नियमितीकरण: जो कर्मचारी विभागों में पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाए। ठेका प्रथा की समाप्ति: विभागों में चल रहे ठेकाकरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। संविलियन या सेवा निगम: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'आउटसोर्स सेवा निगम' बने या फिर लघु कैडर बनाकर कर्मचारियों का सीधे विभाग में संविलियन हो। 😟 कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें नाममात्र का मानदेय: चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी और पंप ऑपरेटर जैसे पदों पर मात्र ₹3,000 से ₹5,000 में काम कराया जा रहा है। वेतन में अवैध कटौती: कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के तहत तय की गई दरों की तुलना में काफी कम पैसा हाथ में दिया जाता है और अवैध कटौतियां की जाती हैं। नौकरी की असुरक्षा: ठेका व्यवस्था के चलते कर्मचारियों के पास रोजगार की कोई सुरक्षा या भविष्य के लाभ नहीं हैं। ⚠️ वर्तमान स्थिति और चेतावनी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई नई न्यूनतम वेतन दरों से कर्मचारी संगठन असंतुष्ट हैं। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह और राज्यव्यापी बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • बनखेड़ी। आज नगर के सांदीपनि विद्यालय परिसर में विकासखंड स्तरीय निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मध्यप्रदेश सरकार की योजना के तहत कक्षा 6वीं से 9वीं तक के विद्यार्थियों को साइकिलें प्रदान की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और शिक्षा से जुड़ाव बढ़ाना रहा। हालांकि कार्यक्रम में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली। मंच पर अतिथियों की संख्या छात्रों से अधिक नजर आई, क्योंकि यह कार्यक्रम विकासखंड स्तर का रखा गया था और सीमित संख्या में ही छात्र-छात्राएं समारोह में शामिल हो सके। बीआरसी प्रभारी हिमांशु बड़कुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में कक्षा 6वीं और 9वीं के 45 विद्यार्थियों को साइकिलों का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे बनखेड़ी विकासखंड के लिए कुल 649 विद्यार्थियों को साइकिल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक 387 साइकिलें प्राप्त हो चुकी हैं। शेष विद्यार्थियों को उनके-अपने स्कूलों के माध्यम से जल्द साइकिलें वितरित की जाएंगी।
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    बनखेड़ी। आज नगर के सांदीपनि विद्यालय परिसर में विकासखंड स्तरीय निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मध्यप्रदेश सरकार की योजना के तहत कक्षा 6वीं से 9वीं तक के विद्यार्थियों को साइकिलें प्रदान की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और शिक्षा से जुड़ाव बढ़ाना रहा।
हालांकि कार्यक्रम में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली। मंच पर अतिथियों की संख्या छात्रों से अधिक नजर आई, क्योंकि यह कार्यक्रम विकासखंड स्तर का रखा गया था और सीमित संख्या में ही छात्र-छात्राएं समारोह में शामिल हो सके।
बीआरसी प्रभारी हिमांशु बड़कुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में कक्षा 6वीं और 9वीं के 45 विद्यार्थियों को साइकिलों का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे बनखेड़ी विकासखंड के लिए कुल 649 विद्यार्थियों को साइकिल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक 387 साइकिलें प्राप्त हो चुकी हैं। शेष विद्यार्थियों को उनके-अपने स्कूलों के माध्यम से जल्द साइकिलें वितरित की जाएंगी।
    user_Sandeep Mehra
    Sandeep Mehra
    Social Media Manager होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • *नारी क्या नहीं कर सकती जब ठान लेती है तो शासन तक हिला देती है...?* ऐसी ही यह घटना इटावा से देखने को मिली है जहां समसपुर गांव की महिलाओं ने इकट्ठा होकर शराब के ठेके को तहस नहस कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब के ठेके की वजह से गांव के पुरुष शराबी होते जा रहे हैं और वह रोज लड़ाई झगड़ा करते हैं । गुसाईं महिलाओ ने लाखों रुपए की शराब को नष्ट कर दिया इस घटना पर प्रशासन की नजर तेज बनी हुई है। लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि ठेका गांव में नहीं होना चाहिए , इसे गांव से कहीं बाहर ले जाया जाए।
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    *नारी क्या नहीं कर सकती जब ठान लेती है तो शासन तक हिला देती है...?*
ऐसी ही यह घटना इटावा से देखने को मिली है  जहां समसपुर गांव की महिलाओं ने इकट्ठा होकर शराब के ठेके को तहस नहस कर दिया।
महिलाओं का आरोप है कि शराब के ठेके की वजह से गांव के पुरुष शराबी होते जा रहे हैं और वह रोज लड़ाई झगड़ा करते हैं ।
गुसाईं महिलाओ ने लाखों रुपए की शराब को नष्ट कर दिया इस घटना पर प्रशासन की नजर तेज बनी हुई है।
लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि ठेका गांव में नहीं होना चाहिए , इसे गांव से कहीं बाहर ले जाया जाए।
    user_Lakhan Singh
    Lakhan Singh
    Photographer होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by PS24NEWS
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    Post by PS24NEWS
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए दो अहम फैसले लिए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और कृषि स्तर पर फायदा मिलेगा। इन फैसलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनकी समस्याओं को कम करना है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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    मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए दो अहम फैसले लिए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और कृषि स्तर पर फायदा मिलेगा। इन फैसलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनकी समस्याओं को कम करना है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
    user_अनीता दीदी
    अनीता दीदी
    Kolar, Bhopal•
    14 hrs ago
  • अंडरब्रिज के पास स्मैक बेचने की तैयारी में थे तीन युवक, 80 हजार की ड्रग्स सहित गिरफ्तार नर्मदापुरम् पिपरिया 01/5/2026  ( छगन कुशवाहा ) पिपरिया। नर्मदापुरम जिले की पिपरिया पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15.19 ग्राम स्मैक पाउडर के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त स्मैक की कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी मोहित कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना स्टेशन रोड पिपरिया पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी निरीक्षक आदित्य सेन के नेतृत्व में गठित टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक ट्रेन से उतरकर मंडी रोड स्थित अंडरब्रिज के पास मैदान में स्मैक बेचने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को मौके से पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आदर्श (18) निवासी विनोबा वार्ड और रवि (19) निवासी अंबेडकर वार्ड पिपरिया बताए। तलाशी लेने पर आदर्श के पास से पारदर्शी पन्नी में रखा स्मैक पाउडर और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे यह मादक पदार्थ राजवीर उर्फ विक्की सिलावट को देने आए थे, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन धाराओं में केस दर्ज: तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21, 29 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जब्त सामग्री: 15.19 ग्राम स्मैक पाउडर (कीमत करीब 80 हजार रुपए) 3 मोबाइल फोन (कीमत करीब 30 हजार रुपए) 1,000 रुपए नगद इनकी रही भूमिका: कार्रवाई में निरीक्षक आदित्य सेन, उप निरीक्षक अमित सिंह भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक पंकज नामदेव, प्रधान आरक्षक हरिओम, नंदकिशोर तथा आरक्षक चंद्रप्रकाश, अजय चौहान और रोहित ठाकुर की अहम भूमिका रही।
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    अंडरब्रिज के पास स्मैक बेचने की तैयारी में थे तीन युवक, 80 हजार की ड्रग्स सहित गिरफ्तार
नर्मदापुरम् पिपरिया 01/5/2026 
( छगन कुशवाहा )
पिपरिया। नर्मदापुरम जिले की पिपरिया पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15.19 ग्राम स्मैक पाउडर के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त स्मैक की कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी मोहित कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना स्टेशन रोड पिपरिया पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी निरीक्षक आदित्य सेन के नेतृत्व में गठित टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक ट्रेन से उतरकर मंडी रोड स्थित अंडरब्रिज के पास मैदान में स्मैक बेचने की फिराक में हैं।
सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को मौके से पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आदर्श (18) निवासी विनोबा वार्ड और रवि (19) निवासी अंबेडकर वार्ड पिपरिया बताए। तलाशी लेने पर आदर्श के पास से पारदर्शी पन्नी में रखा स्मैक पाउडर और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे यह मादक पदार्थ राजवीर उर्फ विक्की सिलावट को देने आए थे, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में केस दर्ज:
तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21, 29 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
जब्त सामग्री:
15.19 ग्राम स्मैक पाउडर (कीमत करीब 80 हजार रुपए)
3 मोबाइल फोन (कीमत करीब 30 हजार रुपए)
1,000 रुपए नगद
इनकी रही भूमिका:
कार्रवाई में निरीक्षक आदित्य सेन, उप निरीक्षक अमित सिंह भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक पंकज नामदेव, प्रधान आरक्षक हरिओम, नंदकिशोर तथा आरक्षक चंद्रप्रकाश, अजय चौहान और रोहित ठाकुर की अहम भूमिका रही।
    user_Chhagan Kushawaha
    Chhagan Kushawaha
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
  • रिमझा हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का सख्त फैसला
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    रिमझा हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का सख्त फैसला
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 📢 आंदोलन की प्रमुख मांगें न्यूनतम वेतन की गारंटी: आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर ₹26,000 किया जाए। नियमितीकरण: जो कर्मचारी विभागों में पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाए। ठेका प्रथा की समाप्ति: विभागों में चल रहे ठेकाकरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। संविलियन या सेवा निगम: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'आउटसोर्स सेवा निगम' बने या फिर लघु कैडर बनाकर कर्मचारियों का सीधे विभाग में संविलियन हो। 😟 कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें नाममात्र का मानदेय: चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी और पंप ऑपरेटर जैसे पदों पर मात्र ₹3,000 से ₹5,000 में काम कराया जा रहा है। वेतन में अवैध कटौती: कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के तहत तय की गई दरों की तुलना में काफी कम पैसा हाथ में दिया जाता है और अवैध कटौतियां की जाती हैं। नौकरी की असुरक्षा: ठेका व्यवस्था के चलते कर्मचारियों के पास रोजगार की कोई सुरक्षा या भविष्य के लाभ नहीं हैं। ⚠️ वर्तमान स्थिति और चेतावनी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई नई न्यूनतम वेतन दरों से कर्मचारी संगठन असंतुष्ट हैं। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह और राज्यव्यापी बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में आउटसोर्स, अस्थाई और अंशकालीन कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 करने और नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने 'आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
📢 आंदोलन की प्रमुख मांगें
न्यूनतम वेतन की गारंटी: आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर ₹26,000 किया जाए।
नियमितीकरण: जो कर्मचारी विभागों में पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाए।
ठेका प्रथा की समाप्ति: विभागों में चल रहे ठेकाकरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
संविलियन या सेवा निगम: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'आउटसोर्स सेवा निगम' बने या फिर लघु कैडर बनाकर कर्मचारियों का सीधे विभाग में संविलियन हो।
😟 कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें
नाममात्र का मानदेय: चौकीदार, भृत्य, सफाईकर्मी और पंप ऑपरेटर जैसे पदों पर मात्र ₹3,000 से ₹5,000 में काम कराया जा रहा है।
वेतन में अवैध कटौती: कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के तहत तय की गई दरों की तुलना में काफी कम पैसा हाथ में दिया जाता है और अवैध कटौतियां की जाती हैं।
नौकरी की असुरक्षा: ठेका व्यवस्था के चलते कर्मचारियों के पास रोजगार की कोई सुरक्षा या भविष्य के लाभ नहीं हैं। 
⚠️ वर्तमान स्थिति और चेतावनी
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई नई न्यूनतम वेतन दरों से कर्मचारी संगठन असंतुष्ट हैं। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह और राज्यव्यापी बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
    user_ABDUL
    ABDUL
    Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
    13 hrs ago
  • Post by PS24NEWS
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    Post by PS24NEWS
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • रायसेन जिला जेल में महिला कैदी ने साड़ी से फंदा बनाकर की आत्महत्या,दहेज प्रताड़ना के मामले में थी बंद
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    रायसेन जिला जेल में महिला कैदी ने साड़ी से फंदा बनाकर की आत्महत्या,दहेज प्रताड़ना के मामले में थी बंद
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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