ब्रेकिंग न्यूज़ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आरक्षण से बने डॉक्टर ने 2 साल बच्ची की लिए जान सोशल मीडिया पर 'आरक्षण से बने डॉक्टर द्वारा गलत टीका लगाने से 2 साल की बच्ची की मौत' और 'पुलिस को रिश्वत देने' का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे इन वीडियो और संदेशों में आरोप लगाया गया है कि एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई और मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिसकर्मी को रिश्वत दी गई। हालांकि, तथ्य-जांच (Fact-Check) और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कोई वास्तविक या प्रमाणित समाचार नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर आरक्षण व्यवस्था और सरकारी तंत्र को निशाना बनाने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा एक भ्रामक नैरेटिव है। वायरल हो रहे संदेशों में दावा किया जा रहा है कि एक पिता अपनी दो वर्षीय बेटी को टीका लगवाने सरकारी अस्पताल ले गया था, जहां गलत इंजेक्शन के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों द्वारा हंगामा करने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पुलिस को रिश्वत दी, जिसे परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस पूरी घटना को "आरक्षण का दुष्परिणाम" बताकर प्रचारित किया जा रहा है। तथ्यों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के संवेदनशील और बिना किसी आधिकारिक नाम या स्थान वाले वीडियो अक्सर स्क्रिप्टेड (पूर्व-नियोजित नाटक) होते हैं या किसी पुरानी असंबंधित घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं। किसी भी मान्यता प्राप्त मुख्यधारा के समाचार स्रोत या स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रकार की किसी वास्तविक घटना की पुष्टि नहीं की है, जिसमें किसी डॉक्टर की योग्यता को उसकी जाति या आरक्षण से जोड़कर ऐसी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई हो। विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स का कहना है कि चिकित्सा के क्षेत्र में लापरवाही या प्रशासनिक भ्रष्टाचार एक प्रणालीगत समस्या (System failure) हो सकती है, जिसका किसी विशेष वर्ग या आरक्षण व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं होता। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भले ही आरक्षण का प्रावधान हो, लेकिन डॉक्टर की डिग्री और लाइसेंस पूरी पढ़ाई और कड़ी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद ही मिलते हैं। इस प्रकार के संदेशों का उद्देश्य सामाजिक वैमनस्य फैलाना और भ्रामक जानकारियां प्रसारित करना होता है, इसलिए बिना प्रामाणिक स्रोतों के इन पर विश्वास न करने की सलाह दी जाती है।
ब्रेकिंग न्यूज़ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आरक्षण से बने डॉक्टर ने 2 साल बच्ची की लिए जान सोशल मीडिया पर 'आरक्षण से बने डॉक्टर द्वारा गलत टीका लगाने से 2 साल की बच्ची की मौत' और 'पुलिस को रिश्वत देने' का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे इन वीडियो और संदेशों में आरोप लगाया गया है कि एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई और मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिसकर्मी को रिश्वत दी गई। हालांकि, तथ्य-जांच (Fact-Check) और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कोई वास्तविक या प्रमाणित समाचार नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर आरक्षण व्यवस्था और सरकारी तंत्र को निशाना बनाने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा एक भ्रामक नैरेटिव है। वायरल हो रहे संदेशों में दावा किया जा रहा है कि एक पिता अपनी दो वर्षीय बेटी को टीका लगवाने सरकारी अस्पताल ले गया था, जहां गलत इंजेक्शन के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों द्वारा हंगामा करने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पुलिस को रिश्वत दी, जिसे परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस पूरी घटना को "आरक्षण का दुष्परिणाम" बताकर प्रचारित किया जा रहा है। तथ्यों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के संवेदनशील और बिना किसी आधिकारिक नाम या स्थान वाले वीडियो अक्सर स्क्रिप्टेड (पूर्व-नियोजित नाटक) होते हैं या किसी पुरानी असंबंधित घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं। किसी भी मान्यता प्राप्त मुख्यधारा के समाचार स्रोत या स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रकार की किसी वास्तविक घटना की पुष्टि नहीं की है, जिसमें किसी डॉक्टर की योग्यता को उसकी जाति या आरक्षण से जोड़कर ऐसी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई हो। विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स का कहना है कि चिकित्सा के क्षेत्र में लापरवाही या प्रशासनिक भ्रष्टाचार एक प्रणालीगत समस्या (System failure) हो सकती है, जिसका किसी विशेष वर्ग या आरक्षण व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं होता। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भले ही आरक्षण का प्रावधान हो, लेकिन डॉक्टर की डिग्री और लाइसेंस पूरी पढ़ाई और कड़ी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद ही मिलते हैं। इस प्रकार के संदेशों का उद्देश्य सामाजिक वैमनस्य फैलाना और भ्रामक जानकारियां प्रसारित करना होता है, इसलिए बिना प्रामाणिक स्रोतों के इन पर विश्वास न करने की सलाह दी जाती है।
- गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या से सनसनी, रास्ते में घेरकर किया गया हमला गोंडा/परसपुर। गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी (45) की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। रेक्सड़िया मल्लाहन पुरवा निवासी विनोद साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात दुकान बंद कर बाइक से घर लौटते समय रास्ते में हमलावरों ने उनकी बाइक रोककर उन पर हमला कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, लल्लन यादव की दुकान के पास चार बाइकों से पहुंचे करीब दस लोगों ने विनोद को घेर लिया। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई और बाद में कांता व भाला से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल विनोद को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर विवाद और रंजिश की बात सामने आई है। मामले में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुभम सिंह उर्फ गोलू और सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। विनोद साहनी की मौत के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी और सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप समेत कई नेताओं ने लखनऊ स्थित KGMU में धरना देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस प्रशासन ने मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने के साथ अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी है। घटना के वास्तविक कारण और अन्य पहलुओं की जांच जारी है।1
- थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा ₹15,000/- का पुरस्कार घोषित अभियुक्त गिरफ्तार बलरामपुर (को0 नगर) अभियुक्त द्वारा एक लाख पचास हजार रूपये सरकार से शादी का अनुदान दिलाने के नाम पर सी एच सी केन्द्र पीपल तिराहा माधुरी लाज के बगल डी के सर्विस केन्द्र से प्रार्थनी व प्रार्थनी के आधार मांग कर अगूठा लगवाकर कुल क्रमश 70,000/- रुपये, 8000/- रुपये , 54000/- रुपये धोखाधड़ी करके निकाल लिया था जिसके सम्बन्ध पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 125/25 धारा 316(2),318(4) बीएनएस बनाम 1. संतोष कुमार वर्मा पुत्र अज्ञात निवासी अज्ञात पंजीकृत किया गया था । अभियुक्त घटना के बाद से ही फरार चल रहा था तथा अभियुक्त के विरुद्ध मा0 न्यायालय द्वारा NBW भी जारी किया गया था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय 15,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा थाना को0 नगर क्षेत्र अन्तर्गत घटित उपरोक्त घटना में संलिप्त अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर दिए गए निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक सन्तोष कुमार मिश्र थाना को0 नगर बलरामपुर के नेतृत्व- थाना को0 नगर नगर पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 125/2025, धारा 316(2), 318(4) बीएनएस से संबंधित सम्बन्धित वांछित/फरार व ₹15,000/- का पुरस्कार घोषित अभियुक्त संतोष कुमार वर्मा पुत्र जय जयराम वर्मा निवासी धनौरा सेमरी गुलरिहा, थाना महराजगंज तराई, जनपद बलरामपुर को मुखबिर की सूचना पर तुलसीपुर रोड, बिजलीपुर गांव के मोड़ के पास निर्माणाधीन हाईवे से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता: संतोष कुमार वर्मा पुत्र जय जयराम वर्मा, निवासी धनौरा सेमरी गुलरिहा, थाना महराजगंज तराई, जनपद बलरामपुर गिरफ्तारकर्ता टीम- उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार यादव हे0का0 अहमद हुसैन रि0का0 सूरज सिंह थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा ₹15,000/- का पुरस्कार घोषित अभियुक्त गिरफ्तार बलरामपुर (को0 नगर) अभियुक्त द्वारा एक लाख पचास हजार रूपये सरकार से शादी का अनुदान दिलाने के नाम पर सी एच सी केन्द्र पीपल तिराहा माधुरी लाज के बगल डी के सर्विस केन्द्र से प्रार्थनी व प्रार्थनी के आधार मांग कर अगूठा लगवाकर कुल क्रमश 70,000/- रुपये, 8000/- रुपये , 54000/- रुपये धोखाधड़ी करके निकाल लिया था जिसके सम्बन्ध पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 125/25 धारा 316(2),318(4) बीएनएस बनाम 1. संतोष कुमार वर्मा पुत्र अज्ञात निवासी अज्ञात पंजीकृत किया गया था । अभियुक्त घटना के बाद से ही फरार चल रहा था तथा अभियुक्त के विरुद्ध मा0 न्यायालय द्वारा NBW भी जारी किया गया था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय 15,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा थाना को0 नगर क्षेत्र अन्तर्गत घटित उपरोक्त घटना में संलिप्त अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर दिए गए निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक सन्तोष कुमार मिश्र थाना को0 नगर बलरामपुर के नेतृत्व- थाना को0 नगर नगर पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 125/2025, धारा 316(2), 318(4) बीएनएस से संबंधित सम्बन्धित वांछित/फरार व ₹15,000/- का पुरस्कार घोषित अभियुक्त संतोष कुमार वर्मा पुत्र जय जयराम वर्मा निवासी धनौरा सेमरी गुलरिहा, थाना महराजगंज तराई, जनपद बलरामपुर को मुखबिर की सूचना पर तुलसीपुर रोड, बिजलीपुर गांव के मोड़ के पास निर्माणाधीन हाईवे से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता: संतोष कुमार वर्मा पुत्र जय जयराम वर्मा, निवासी धनौरा सेमरी गुलरिहा, थाना महराजगंज तराई, जनपद बलरामपुर गिरफ्तारकर्ता टीम- उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार यादव हे0का0 अहमद हुसैन रि0का0 सूरज सिंह1
- #जान के बदले जान चाहिए, 3 गोलियां आपकी लगेंगी मार दीजिये, कोई नहीं जायेगा #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs #जान के बदले जान चाहिए, 3 गोलियां आपकी लगेंगी मार दीजिये, कोई नहीं जायेगा #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs1
- भगवान श्रीकृष्ण को बाजे-गाजे के साथ लोगो ने विदाई दी गई संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)। अगले वर्ष फिर आने के वादों के साथ भगवान श्रीकृष्ण को बाजे-गाजे के साथ विदाई दी गई। इसके साथ ही क्षेत्र में सात दिनों से चल रहे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का समापन हो गया। गुरुवार रात नगर क्षेत्र में विसर्जन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस डाकघर से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्ग से होता हुआ दुखहरण नाथ मंदिर पहुंचा, जहां भगवान को विसर्जित किया गया। विसर्जन कार्यक्रम रात करीब दो बजे सकुशल संपन्न हुआ। विसर्जन जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए एसडीएम योगेंद्र शरण शाह कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ देर रात तक मौजूद रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों ने कई जगह मिष्ठान और पीने के पानी की व्यवस्था की थी। इससे पहले नगर क्षेत्र की दर्जनों झांकियां ज्वाला महारानी मंदिर पर जमा हुईं। यहां से वाद्य यंत्रों और डीजे की भक्तिमय धुनो पर नाचते सैकड़ों युवाओं के साथ गणमान्य लोग जुलूस के साथ डाकघर पहुंचे। मंगलवार रात भगवान की छठी के अवसर पर कई स्थानों पर भंडारा आयोजित किया गया था, जिसमें नगर और ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। सात दिनों तक चले जन्मोत्सव कार्यक्रम में नगर क्षेत्र के साथ-साथ हासिमपारा, लालगंज, शाहपुर इटई, बेथुइया और खजुहा में भी आकर्षक कार्यक्रम हुए। विसर्जन जुलूस को सफल बनाने में चेयरमैन प्रतिनिधि अनूप गुप्त, संतोष कसौंधन, विक्की गुप्ता, सुशील गुप्ता, अमित गुप्ता, जीतू कौशल, संजय कौशल, शुभम गुप्ता, अमन कुमार, अंशु गुप्ता, सचिन गुप्ता, संजय गुप्ता, मनीष कौशल, रूपेश कुमार गुप्ता, मयंक गिरि और आशीष कसौधन सहित कई गणमान्य लोगों का सराहनीय योगदान रहा।2
- कजरी तीज मेले की तैयारियों को लेकर डीएम अन्नपूर्णा गर्ग व एसपी राहुल भाटी ने की समीक्षा बैठक #viralvideos #instagram #shravasti #DM shravasti1
- (अंकुर गर्ग ) मृतक विनोद साहनी के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे मंत्री संजय निषाद को परिजनों व निषाद समाज के लोगोँ ने सुना दी खरी - खोटी फिर भी अंतिम संस्कार कराकर गये मंत्री (अंकुर गर्ग ) मृतक विनोद साहनी के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे मंत्री संजय निषाद को परिजनों व निषाद समाज के लोगोँ ने सुना दी खरी - खोटी फिर भी अंतिम संस्कार कराकर गये मंत्री2
- ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ अब कोई भी अधिकारी आरजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाएगा तो उसको होगी जेल माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश1
- ब्रेकिंग न्यूज़ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आरक्षण से बने डॉक्टर ने 2 साल बच्ची की लिए जान सोशल मीडिया पर 'आरक्षण से बने डॉक्टर द्वारा गलत टीका लगाने से 2 साल की बच्ची की मौत' और 'पुलिस को रिश्वत देने' का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे इन वीडियो और संदेशों में आरोप लगाया गया है कि एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई और मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिसकर्मी को रिश्वत दी गई। हालांकि, तथ्य-जांच (Fact-Check) और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कोई वास्तविक या प्रमाणित समाचार नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर आरक्षण व्यवस्था और सरकारी तंत्र को निशाना बनाने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा एक भ्रामक नैरेटिव है। वायरल हो रहे संदेशों में दावा किया जा रहा है कि एक पिता अपनी दो वर्षीय बेटी को टीका लगवाने सरकारी अस्पताल ले गया था, जहां गलत इंजेक्शन के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों द्वारा हंगामा करने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर पुलिस को रिश्वत दी, जिसे परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस पूरी घटना को "आरक्षण का दुष्परिणाम" बताकर प्रचारित किया जा रहा है। तथ्यों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के संवेदनशील और बिना किसी आधिकारिक नाम या स्थान वाले वीडियो अक्सर स्क्रिप्टेड (पूर्व-नियोजित नाटक) होते हैं या किसी पुरानी असंबंधित घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं। किसी भी मान्यता प्राप्त मुख्यधारा के समाचार स्रोत या स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रकार की किसी वास्तविक घटना की पुष्टि नहीं की है, जिसमें किसी डॉक्टर की योग्यता को उसकी जाति या आरक्षण से जोड़कर ऐसी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई हो। विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स का कहना है कि चिकित्सा के क्षेत्र में लापरवाही या प्रशासनिक भ्रष्टाचार एक प्रणालीगत समस्या (System failure) हो सकती है, जिसका किसी विशेष वर्ग या आरक्षण व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं होता। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भले ही आरक्षण का प्रावधान हो, लेकिन डॉक्टर की डिग्री और लाइसेंस पूरी पढ़ाई और कड़ी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद ही मिलते हैं। इस प्रकार के संदेशों का उद्देश्य सामाजिक वैमनस्य फैलाना और भ्रामक जानकारियां प्रसारित करना होता है, इसलिए बिना प्रामाणिक स्रोतों के इन पर विश्वास न करने की सलाह दी जाती है।1