दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में भारत माता भक्त संगठन के कार्यकर्ताओं ने "जय जवान, जय किसान" के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया तथा वहां मौजूद छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर छात्रों से माफी मांगने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वर्तमान में जिला मुख्यालय पर चल रहा आंदोलन जनपद के सभी ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा संगठन ने देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों से तिरंगे के नीचे एकजुट होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में भारत माता भक्त संगठन के कार्यकर्ताओं ने "जय जवान, जय किसान" के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया तथा वहां मौजूद छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर छात्रों से माफी मांगने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वर्तमान में जिला मुख्यालय पर चल रहा आंदोलन जनपद के सभी ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा संगठन ने देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों से तिरंगे के नीचे एकजुट होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।
- नई दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ हुई कथित घटना को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर सांसद इकरा हसन का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में भारत माता भक्त संगठन के कार्यकर्ताओं ने "जय जवान, जय किसान" के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया तथा वहां मौजूद छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर छात्रों से माफी मांगने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वर्तमान में जिला मुख्यालय पर चल रहा आंदोलन जनपद के सभी ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा संगठन ने देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों से तिरंगे के नीचे एकजुट होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।1
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग अपनाने और फिट रहने का संदेश देते हुए देशवासियों और समाज के हित में एक वीडियो जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जब शरीर फिट रहेगा, तभी धरना-प्रदर्शन को भी मजबूती से किया जा सकता है। इस चर्चा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि इस आंदोलन ने केवल नई दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को हिलाकर रख दिया है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यदि इस राह में एक भी शहीद होता है, तो सरकार के सामने हजारों शिक्षक खड़े हो जाते हैं। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खड़के से एबीसी न्यूज के सोशल मीडिया रिपोर्टर कुलदीप कुमार बाबरा द्वारा जारी की गई है।2
- सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं, बल्कि यह युवाओं, छात्रों और नौजवानों का मुद्दा है। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा, “क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?”1
- मुजफ्फरनगर में भूजल सप्ताह तथा जल संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान के तहत रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ और प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पुलिस बल को जल के महत्व, भूजल स्तर के संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जल प्रकृति का एक अमूल्य संसाधन है, जिसके संरक्षण के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण देने का आह्वान किया, जिस पर सभी पुलिसकर्मियों ने अधिकाधिक वृक्ष लगाने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भोपा थाना पुलिस ने एटीएम मशीन में अवरोध उत्पन्न कर बैंकों व आम जनता से धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। 22 जुलाई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर कस्बा भोपा में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध हुंडई वेन्यू गाड़ी (नंबर UK 81 DK 4171) को चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी में सवार अभियुक्तों के कब्जे से ₹40,000 नगद तथा विभिन्न बैंकों के कुल 30 एटीएम कार्ड बरामद किए गए और मौके से ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुनील (निवासी गिरधरपुर मोहनीपुर, कानपुर देहात), रविन्द्र (निवासी गोविंद बस्ती, झुंझुनू, राजस्थान), देवेन्द्र (निवासी बस्ती झुंझुनू, राजस्थान) और सूरज (निवासी नया पटेल नगर, उरई, जालौन) शामिल हैं। इस मामले में थाना भोपा पर मु०अ०सं०-201/2026 के तहत धारा 317(5), 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66सी व 66डी आईटी एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। आपराधिक इतिहास के अनुसार आरोपी सुनील के खिलाफ पूर्व में भी थाना नौबस्ता दक्षिणी (कानपुर नगर) में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे परिचितों व भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर उनके एटीएम कार्ड व पिन हासिल कर लेते थे। इसके बाद एटीएम से नकदी निकालते समय योजनाबद्ध तरीके से लोहे की कील या किसी कठोर वस्तु से कैश डिस्पेंसर स्लॉट को अवरुद्ध कर देते थे, जिससे निकले पैसे मशीन के भीतर ही फंसे रह जाते थे। इसके बाद वे बैंक के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर पैसे न निकलने की झूठी शिकायत दर्ज कराते थे, जिससे बैंक राशि पुनः खाते में क्रेडिट कर देता था। बाद में आरोपी मशीन में फंसी नकदी भी निकाल लेते थे और इस तरह छल-कपट से एक ही लेन-देन पर दोहरा आर्थिक लाभ कमाकर बैंकों को चूना लगाते थे।1
- मुजफ्फरनगर स्थित राष्ट्रीय कार्यालय पर आयोजित आपातकालीन बैठक में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने 28 जुलाई को उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रणनीति तय की गई कि मृतका इकरा को न्याय दिलाने के लिए 28 जुलाई को दूर-दराज के जिलों से किसानों का ट्रैक्टरों, बसों और अन्य वाहनों का बड़ा काफिला देहरादून के लिए रवाना होगा, जबकि हरिद्वार और देहरादून के किसान सीधे DGP कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। बैठक में 20 जुलाई को दिल्ली में बच्चों, महिलाओं और युवतियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की गई। चौधरी संजीव तोमर ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और अंग्रेजी शासन की याद दिलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह देश शहीद चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह का है तथा किसान किसी भी दमन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। संगठन ने बिहार में भरतवीर तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा, भगवानपुर थाना क्षेत्र के इकरा हत्याकांड में दर्ज मुकदमे के एक माह बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई गई। लक्सर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में पुलिस की निष्क्रियता, किसानों व आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार, सुविधा शुल्क लेकर गंभीर धाराओं में बदलाव के आरोप, बढ़ते नशे के कारोबार और पशु चोरी की घटनाओं को लेकर उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। भाकियू (तोमर) ने मांग की है कि इकरा हत्याकांड के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, लक्सर कोतवाली में किसानों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर रोक लगे, पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई हो तथा पशु चोरी पर अंकुश लगाया जाए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष रिहान तोमर, प्रदेश महासचिव नीशु त्यागी, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी, महिला मोर्चा युवा जिलाध्यक्ष रंजनी शर्मा, दीपक तोमर, हीरा बालियान, साजिद राणा, शानू, साजिद अल्वी, आकिल राणा, सिराजू, शहजाद मलिक, दिलशाद, मोहित, राजीव, जब्बार, खालिद, योगेश बालियान, धर्मेंद्र जावला, मोनू धीमान, रोबीन चौधरी, राहुल सैनी और रोहित प्रजापत सहित बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।4
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित महावीर चौक पर जारी प्रदर्शन के दौरान एक नशे में धुत व्यक्ति के आपत्तिजनक शब्द कहने से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। शराबी व्यक्ति की इस हरकत के बाद प्रदर्शनकारियों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस ने अपनी सूझबूझ से दोनों पक्षों को शांत कराकर कानून-व्यवस्था को बनाए रखा। उन्होंने बताया कि इसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया और वर्तमान में क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।1