हमीरपुर के मौदहा में नेशनल हाईवे-34 पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस की सघन चेकिंग से बचने के लिए एक डंपर चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे जाकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में मौदहा-राठ चौराहे के निकट ओवरलोड वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग की सूचना मिलते ही ओवरलोड वाहन चालकों में हड़कंप मच गया, और कई चालकों ने अपने वाहनों को लिंक मार्गों पर खड़ा कर दिया। वे मोबाइल के जरिए लगातार पुलिस की लोकेशन भी लेते रहे। इसी दौरान, एक डंपर चालक पुलिस कार्रवाई के डर से अपना वाहन छोड़कर भाग निकला, जिसके बाद उसका डंपर हाईवे किनारे जाकर पलट गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हमीरपुर के मौदहा में नेशनल हाईवे-34 पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस की सघन चेकिंग से बचने के लिए एक डंपर चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे जाकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में
कोई जनहानि नहीं हुई। मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में मौदहा-राठ चौराहे के निकट ओवरलोड वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग की सूचना मिलते ही ओवरलोड वाहन चालकों में हड़कंप मच गया, और कई चालकों ने अपने वाहनों को लिंक मार्गों पर खड़ा कर दिया। वे मोबाइल के
जरिए लगातार पुलिस की लोकेशन भी लेते रहे। इसी दौरान, एक डंपर चालक पुलिस कार्रवाई के डर से अपना वाहन छोड़कर भाग निकला, जिसके बाद उसका डंपर हाईवे किनारे जाकर पलट गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा में देर रात आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले इस तूफान के कारण कई मकानों की दीवारें ढह गईं और टीन के टट्टर उड़ गए। इसके साथ ही, दर्जनों पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से नुकसान का सर्वे शुरू करवा दिया है, वहीं विद्युत विभाग क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को दुरुस्त करने के काम में युद्धस्तर पर जुटा हुआ है।1
- बाँदा शहर के बाबा तालाब मोहल्ले निवासी जगदीश सिंह यादव ने अपने घर में हुई लाखों की चोरी की घटना के खुलासे और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 5 मई 2026 की रात को हुई थी, जब वह अपने परिवार के साथ शुकुल कुआं स्थित श्रीराम पैलेस में अपनी भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 11:29 बजे उनके छोटे पुत्र उदय और भतीजे संदीप ने घर लौटने पर देखा कि मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था और अज्ञात चोरों ने कमरों व अलमारी के ताले तोड़कर चोरी को अंजाम दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही जगदीश सिंह यादव ने तत्काल कोतवाली नगर पुलिस और पुलिस हेल्पलाइन को सूचित किया। सूचना के लगभग एक घंटे बाद मण्डी समिति पुलिस चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट सहित आवश्यक जांच-पड़ताल की गई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी इस लाखों की चोरी का खुलासा नहीं हो सका है, जिससे पीड़ित निराश है। पीड़ित का आरोप है कि 25 मई 2026 को पुलिस द्वारा कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, और उनका मानना है कि इन गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का चोरी की घटना से संबंध हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना से लगभग 15 दिन पहले कुछ लोग उनके घर में पुताई का काम कर रहे थे, जिनके पास घर के अंदर और बाहर की पूरी जानकारी थी। अपने प्रार्थना पत्र में, पीड़ित ने मांग की है कि घटना के समय उनके घर के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाए, जिससे चोरी का खुलासा हो सके। जगदीश सिंह यादव ने अधिकारियों को एफआईआर और चोरी गए सामान की सूची भी उपलब्ध कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी गए सामान की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- बांदा जनपद के मुरवल गांव में आए भीषण तूफान ने एक किसान की उम्मीदों पर ऐसा प्रहार किया है कि उसकी पूरी सिंचाई व्यवस्था पलभर में ठप हो गई है। गांव निवासी शिरोमण निषाद पुत्र छंगू निषाद के ट्यूबवेल पर प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (पीएम-कुसुम) वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगाया गया सोलर सिस्टम तेज आंधी की चपेट में आकर बुरी तरह टूट गया। सरकार ने यह सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते खर्च से राहत देने के उद्देश्य से अनुदान के जरिए स्थापित कराया था। हालाँकि, जिस सोलर पैनल से खेतों में हरियाली और घरों तक पानी पहुंचना था, वही अब टूटकर बेजान पड़ा है। तूफान की रफ्तार इतनी भयावह थी कि लोहे के ढांचे तक हिल गए और सोलर पैनल चकनाचूर हो गए, जिससे किसान की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई। ग्रामीण अंचलों में खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सांसों का सहारा होती है। ऐसे में सिंचाई का रुकना केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि फसल के भविष्य पर एक गंभीर संकट का संकेत है। खेतों के सूखने से किसान की मेहनत, बीज और सभी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। इसके अतिरिक्त, ट्यूबवेल बंद होने से गांव में पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है। पीड़ित किसान ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल आर्थिक सहायता और शीघ्र मरम्मत की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे इस किसान तक राहत कितनी तेजी से पहुंचती है, क्योंकि किसान के लिए हर गुजरता दिन उसकी फसल की उम्र को कम कर रहा है।1
- हमीरपुर में आए भयंकर तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आम और जायद की फसलों को तगड़ा झटका लगा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों की संख्या में आम, नीम, महुआ, पीपल, लभेरा और शीशम जैसे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। विशेष रूप से, आम की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके साथ ही, फैक्ट्री एरिया में भी तूफान का असर देखने को मिला है, जहाँ कई कंपनियों के टीनशेड जमींदोज हो गए हैं। किसानों की खेतों में रखी मूंग की फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, बंडा के किसान संजय सिंह की पाँच बीघा, कमल सिंह की सात बीघा और बांक के छोटे लाल की 12 बीघा मूंग की फसल तूफान से उड़ गई है। मानवीय क्षति के अलावा, इस तूफान ने जीव-जंतुओं पर भी कहर बरपाया है; फैक्ट्री एरिया में दो दर्जन से अधिक तोतों की मौत हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई मवेशी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं।1
- जनपद बांदा में 30 मई 2026 को सुबह 05:00 बजे से रात 09:30 बजे तक कमासिन-बिसण्डा, बबेरु-बिसण्डा और नरैनी-बिसण्डा मार्गों पर सभी प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह आवश्यक सूचना जनपद बांदा के इन निर्दिष्ट मार्गों पर यातायात प्रबंधन से संबंधित है। यात्रा करने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए गए हैं। बांदा से चित्रकूट जाने वाले भारी वाहन बांदा-बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकते हैं, जबकि चित्रकूट से बांदा आने वाले सभी भारी वाहन चित्रकूट-बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से आ सकेंगे। इसी तरह, प्रयागराज से बांदा अथवा बांदा से प्रयागराज आने-जाने वाले सभी प्रकार के भारी वाहन प्रयागराज-फतेहपुर-कस्बा तिन्दवारी-बांदा मार्ग या फिर प्रयागराज-चित्रकूट-बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का रास्ता अपनाते हुए गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना अनुमति प्रतिबंधित मार्गों में प्रवेश करना, गलत या फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उल्लंघनों पर ई-चालान या वाहन सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जनसामान्य से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें।1
- हमीरपुर के मौदहा में नेशनल हाईवे-34 पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस की सघन चेकिंग से बचने के लिए एक डंपर चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे जाकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे के नेतृत्व में मौदहा-राठ चौराहे के निकट ओवरलोड वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग की सूचना मिलते ही ओवरलोड वाहन चालकों में हड़कंप मच गया, और कई चालकों ने अपने वाहनों को लिंक मार्गों पर खड़ा कर दिया। वे मोबाइल के जरिए लगातार पुलिस की लोकेशन भी लेते रहे। इसी दौरान, एक डंपर चालक पुलिस कार्रवाई के डर से अपना वाहन छोड़कर भाग निकला, जिसके बाद उसका डंपर हाईवे किनारे जाकर पलट गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।3