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कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया।
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया।
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- कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया।1
- बांदीकुई।। उपखंड के नंदेरा गांव में सोमवार को अचानक लगी भीषण आग ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। गांव के बनवारी लाल और पप्पू राम सैनी के छप्परपोश घरों में लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे सारा सामान जलकर खाक हो गया। इस हृदयविदारक हादसे में एक मवेशी की जलने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए। लाखों का नुकसान, चारा भी जलकर राख हो गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक छप्परपोश में रखा भारी मात्रा में रखा चारा जलकर राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। आग की लपटों के बीच फंसे मवेशियों को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन एक मवेशी को नहीं बचाया जा सका। झुलसे हुए दो मवेशियों का उपचार किया जा रहा है। विधायक भागचंद सैनी टांकडा ने मौके पर पहुंचकर बंधाया ढांढस घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक भागचंद सैनी टांकडा तुरंत नंदेरा गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नुकसान का उचित आकलन करने और पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और हरसंभव मदद सुनिश्चित करेंगे। जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या चिंगारी माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।1
- बांदीकुई न्यायालय में न्यायिक संकट: जजों के पद रिक्त और पानी की किल्लत, वकीलों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी बांदीकुई (राजस्थान)। बांदीकुई न्यायालय में लंबे समय से रिक्त चल रहे न्यायिक अधिकारियों के पदों और पीने के पानी की समस्या को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट प्रशासन के खिलाफ न्यायालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रमुख समस्याएँ और मांगें: ज्ञापन के माध्यम से वकीलों ने मुख्य रूप से तीन बड़ी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है: रिक्त पद: सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (M.J.M.) का पद अक्टूबर 2024 से रिक्त है। वहीं, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02 (A.D.J.) का पद भी मई 2025 से खाली पड़ा है। काम का बोझ: महत्वपूर्ण पदों के खाली होने से कोर्ट का सारा भार केवल एक अधिकारी (A.C.J.M.) पर आ गया है, जिससे न्यायिक कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं और पक्षकारों को भारी परेशानी हो रही है। पानी की किल्लत: भीषण गर्मी के बावजूद न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। 15 दिन का अल्टीमेटम अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी कई बार न्यायिक अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। बार एसोसिएशन बांदीकुई की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर रिक्त पदों पर नियुक्ति और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो अधिवक्ता हाईकोर्ट प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन में उपस्थिति इस प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा सहित एडवोकेट राधाकिशन मीणा, घनश्याम कुमावत, भगवत सहाय और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि निरीक्षण न्यायाधिपति, राजस्थान हाई कोर्ट जयपुर को भी भेजी गई है।1
- चित्तौडगढ:अभियान’ मे पूरा शहर मैदान मे* गौ माता को राष्ट्रमाता एवं गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हो उसके लिए पूज्य संतो के सानिध्य में प्रार्थना पत्र देने का कार्य सम्पन्न हुआ । रैली में संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से प्रार्थना पत्र दिया गया राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री महोदय राज्यपाल महोदय मुख्यमंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र में 40 मांगों के साथ चित्तौड़ तहसील से 21000 हस्ताक्षर के साथ एसडीएम कार्यालय पर प्रार्थना पत्र को संतो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ और कहीं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु को जोड़ा गया एवं यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो 27 जुलाई को पुन पूरे चित्तौड़गढ़ जिले से लाखों की संख्या में गो भक्त एकत्रित होंगे चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। गो सम्मान आह्वान अभियान के जिला सयोजक गौरव सोमानी ने बताया की सुभाष चौक से प्रातः 9:30 बजे रैली का संतो के आह्वान से आरंभ किया गया अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा , इसमें केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया संतो मे संत दिग्विजय राम जी , 1008 मुगना धाम अनुज दास जी, मूंगाना धाम रामपाल दास जी ,श्री श्री 108 महंत शिवरामदास महाराज(त्यागी)खेरी आश्रम, सावा गौशाला राघवनाथ जी सरकार , संत विनोद यति जी सभी संत उपस्थित थे इसके अंदर सभी धर्म लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वास दिलाया भविष्य में गौ माता के सम्मान के लिए सभी समरसता से एक होकर एकता का परिचय देंगे मातृशक्ति का विशेष योगदान रहा एवं श्रीमती डॉक्टर सुशीला लड्डा ने सभी संतों एवं पधारे हुए प्रबुद्ध जनों एवंं समस्तत गौशाला समितियां का आभार व्यक्त किया2
- दौसा । कुण्डल तहसील मुख्यालय के सामने सोमवार को अज्ञात कारणों से छप्पर में लगी आग। कुण्डल तहसील मुख्यालय में कैलाश चन्द शर्मा S/O भोरी लाल शर्मा निवासी कुण्डल के घर के छप्पर में अज्ञात कारणों से लगी आग, आग ने देखते ही देखते छप्पर पोश को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 1 भैंस जिंदा जली, 60 मण तूडा जला,आग बुझाने के दौरान । वही छप्पर में रखा एक बिजली का बोर्ड जलकर हुआ राख। सूचना मिलने पर कोलवा थाना पुलिस ASI रामबाबू व फायर ब्रिगेड विभाग टीम मौके पर पहुंची, तब जाकर आग पर काबू पाया तब तक एक 1 भैंस जिंदा जल चुकी थी और 60 मण तूडा और एक बिजली का बोर्ड जल चुका था ,आग बुझाने के दौरान और भैंस का पोस्टमार्टम करने के लिए डॉक्टर को तहरीर दे दी गई थी उसके बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और पोस्टमार्टम करवाया गया ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की।4
- पशु चिकित्सक अभिषेक शर्मा ने बताया कि कैलाश शर्मा के छप्परपोश में अचानक आग लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैली और अंदर बंधी एक भैंस उसकी चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य पांच पशुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ये सभी पशु स्वस्थ बताए जा रहे हैं। आग बुझाने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पीड़ित कैलाश शर्मा ने बताया कि आग में 100 मन तुड़ा (चारा) और मोटर स्टार्टर केबल जलकर राख हो गए। घटना की सूचना पर कोलवा पुलिस, पटवारी और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सा टीम ने मृत भैंस का पोस्टमार्टम किया।2
- बयाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक बारात के दौरान मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बयाना सदर थाना क्षेत्र के गांव नगला खेरिया (बागरैन) में बारात के दौरान अश्लील हरकत और लड़कियों के फोटो खींचने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ, जिसमें लड़की पक्ष की एक महिला सहित दो युवक घायल हो गए। घायलों की पहचान उगन्ति जाटव, दीपक और रोहित के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजन तुरंत घायलों को बयाना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गांव में हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि गांव के ही राजेश जाटव और अतरसिंह जाटव के बीच यह विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है4
- मध्यप्रदेश के सतना जिले के ऊँचेहरा( सतना नदी) के पास शराब की दुकान जंहा संचालित थी वह सील कर दी गयी अब वकायदा टेंट पंडाल लगा कर शराब दुकान संचालित है । इनको आबकारी विभाग की डर नहीं है वही ठेकेदार का कहना है कि पूर्व में भी यहां दुकान संचालित थी तब वह अवैध नहीं थी तब विभाग कहां गया था आज दबाव में आबकारी विभाग बोल रहा है कि यह दुकान अवैध खुली हुई है क्या विभाग टेंट को भी हटा पाएगा यह देखना है1