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नोएडा में बन रहा बड़ा Data Centre Hub | यूपी में टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार | Noida Breaking News 2026 | UP Latest News नोएडा में बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया सार्वजनिक परामर्श के चरण में पहुंच गई है। डेटा सेंटर बढ़ने से क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डिजिटल सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हो सकता है।
Dilip Kumar Bharti
नोएडा में बन रहा बड़ा Data Centre Hub | यूपी में टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार | Noida Breaking News 2026 | UP Latest News नोएडा में बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया सार्वजनिक परामर्श के चरण में पहुंच गई है। डेटा सेंटर बढ़ने से क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डिजिटल सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हो सकता है।
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- नोएडा में बन रहा बड़ा Data Centre Hub | यूपी में टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार | Noida Breaking News 2026 | UP Latest News नोएडा में बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया सार्वजनिक परामर्श के चरण में पहुंच गई है। डेटा सेंटर बढ़ने से क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डिजिटल सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हो सकता है।1
- बांदा पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस बांदा। जनपद में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदक व प्रशंसा चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।1
- *बांदा में भव्य स्वागत के साथ पहुंची 'चिन्मय अमृत यात्रा', 75 वर्षों की आध्यात्मिक विरासत का उत्सव* *बांदा में भव्य स्वागत के साथ पहुंची 'चिन्मय अमृत यात्रा', 75 वर्षों की आध्यात्मिक विरासत का उत्सव* बांदा। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित किए जा रहे 'चिन्मय अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 35,000 किलोमीटर की अखिल भारतीय आध्यात्मिक 'चिन्मय अमृत यात्रा' शनिवार को बांदा पहुंची। प्रयागराज से चलकर दोपहर 3 बजे बांदा आगमन पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा यात्रा का अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ स्वागत किया गया। इसके पश्चात नगर के मंडपम मैरिज हाल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना तथा स्वामी चिन्मयानंद जी द्वारा स्थापित चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रबंधन की कमान संभाली। बांदा आगमन से लेकर मंडपम मैरिज हाल के पूरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में इस आयोजक टीम का प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी: "बांदा की पावन भूमि पर चिन्मय अमृत यात्रा का आगमन अत्यंत गौरव का विषय है। मिशन द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र-जागरण और सांस्कृतिक पुनरोत्थान के कार्य भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।" मालती बासु: "यह यात्रा केवल एक मार्ग से गुजरने का माध्यम नहीं है, बल्कि 'ज्ञान से शांति, सेवा से समृद्धि और संस्कार से राष्ट्र की सिद्धि' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का पवित्र संकल्प है। 35,000 किलोमीटर की यह आध्यात्मिक यात्रा लाखों जीवनों में मूल्य-आधारित शिक्षा का संचार कर रही है।" असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल: "चिन्मय अमृत यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक क्षण है। स्वामी चिन्मयानंद जी के विचारों और मिशन के 75 वर्षों के सेवा कार्यों से युवाओं को जोड़ना और समाज में नैतिक मूल्यों का पुनर्जागरण करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।" कार्यक्रम के समापन पर आयोजक अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने बांदा की धर्मप्रेमी जनता, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बांदा वासियों के अपार स्नेह और सहयोग से ही यह 75वें वर्ष का अमृत महोत्सव अत्यंत भव्य और स्मरणीय बन सका। इस अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंत्री ने किया ध्वजारोहण पन्ना।स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंत्री ने किया ध्वजारोहण स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने किया ध्वजारोहण पन्ना:- पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गरिमामय वातावरण में ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिस एवं विभिन्न विभागों की टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।1
- बांदा में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए तिरंगे की तस्वीर वायरल, अशोक चक्र स्पष्ट न दिखाई देने से मचा हड़कम्प बांदा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में तिरंगे की सफेद पट्टी पर अशोक चक्र स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे ध्वज के निर्धारित स्वरूप को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर लोगों ने जांच की मांग की है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि ध्वज में अशोक चक्र मौजूद नहीं था या हवा में ध्वज के मुड़ने के कारण दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। राष्ट्रीय पर्व पर सामने आई इस तस्वीर ने ध्वजारोहण की व्यवस्था और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।1
- राजरानी स्कूल पतोरा में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने शामिल हुए भारतीय जन मोर्चा पार्टी का कहना है कि देश को दीमक की तरह भ्रष्टाचार खाया जा रहा है और उसका संरक्षण देश की राजनीतिक दलों द्वारा दिया जा रहा है जिस कारण से भारत के जातियां में मध्य बिरोध पैदा कर वोट बैंक की राजनीति ने समाज को जातिवाद का जहर बोने का काम किया जिसे समाप्त कर सब को समानता के साथ में चलने का एक जज्बा पैदा कर हम एक है किनारे के साथ विकसित भारत का सपना साकार करेंगे भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय का कहना है कि जब तक हम भ्रष्टाचार मुक्त नहीं करेंगे तब तक विकसित राष्ट्र बनाना संभव ही नहीं है।1
- mananiy adhyaksh Mandi adhyaksh Ram dulare kushvaha Netaji Ram Pratap kushvaha Ganesh kachhwaha ji Suresh kushvaha ji Bharat Munna khatik Prakash khatik Dilip Kushwaha fal bunty bhaiya mananiy sabhi labour labour Kisan bhaiyon sabhi Bandhu milkar jhanda ropan Kiya gaya hai sonbarsa Mandi bilaura bypass Satna Madhya Pradesh1
- जिस तिरंगे के सम्मान में देश झुकता है, बांदा के दो सरकारी परिसरों में उसी तिरंगे के लिए जगह क्यों नहीं बनी ? बांदा में दो सरकारी परिसरों में ध्वजारोहण न होना व्यवस्था की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल बांदा। देश जब आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर तिरंगे की आन-बान-शान को नमन कर रहा था, शहीदों के बलिदान को याद कर रहा था और हर दिल में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ रहा था, उसी वक्त बांदा के दो सरकारी परिसरों में तिरंगे की गैरमौजूदगी प्रशासनिक संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर बनकर सामने आई, जिसने व्यवस्था के दावों पर ही सवालिया निशान लगा दिया।कार्यालय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी परिसर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण नहीं हुआ। वहीं कचहरी स्थित उप डाकघर भी राष्ट्रीय पर्व पर बिना तिरंगे के सूना पड़ा रहा। यह महज एक झंडा न फहराने की घटना नहीं, बल्कि उस राष्ट्रीय चेतना के प्रति लापरवाही है, जिसकी कीमत देशवासियों ने अपने खून और बलिदान से चुकाई है।जिस तिरंगे के सम्मान में देश का हर नागरिक सिर झुकाता है, उसी तिरंगे के लिए सरकारी कार्यालयों में जगह न बन पाना आखिर किस मानसिकता का प्रमाण है? सवाल केवल यह नहीं कि ध्वजारोहण क्यों नहीं हुआ, सवाल यह है कि जिम्मेदारों की निगाह में राष्ट्रीय पर्व की गरिमा का मूल्य आखिर कितना रह गया है?सरकारी कार्यालयों में नियम-कायदे, आदेश और प्रोटोकॉल की लंबी फेहरिस्त रहती है। फिर स्वतंत्रता दिवस जैसे सर्वोच्च राष्ट्रीय अवसर पर यह व्यवस्था अचानक इतनी बेखबर कैसे हो गई? यदि आम नागरिक किसी सरकारी आदेश की अवहेलना करे तो कार्रवाई का डंडा तुरंत चल पड़ता है, लेकिन जब सरकारी तंत्र ही राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के प्रति उदासीन दिखाई दे, तो जवाबदेही किसकी तय होगी? अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में इस घटना को लेकर आक्रोश स्वाभाविक है। तिरंगा किसी कार्यालय की सजावट नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, स्वतंत्रता और शहीदों की अमर गाथा का प्रतीक है। उसके सम्मान में हुई लापरवाही को महज औपचारिक चूक कहकर दबा देना स्वयं उस चूक को संरक्षण देना होगा।अब आवश्यकता महज स्पष्टीकरण की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की है। प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दोनों सरकारी परिसरों में ध्वजारोहण क्यों नहीं हुआ, इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और राष्ट्रीय पर्व के निर्धारित प्रोटोकॉल की अनदेखी पर क्या कार्रवाई की गई।आजादी का जश्न तभी सार्थक है, जब तिरंगा केवल भाषणों और समारोहों में नहीं, बल्कि सरकारी जिम्मेदारियों की चेतना में भी लहराए। वरना तिरंगे के नीचे खड़े होकर देशभक्ति के नारे लगाने वाला तंत्र और उसी तिरंगे को फहराने की जिम्मेदारी भूल जाने वाली व्यवस्था—दोनों के बीच का यह विरोधाभास लोकतंत्र के माथे पर एक कड़वा सवाल बनकर खड़ा रहेगा।1