बांदा में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए तिरंगे की तस्वीर वायरल, अशोक चक्र स्पष्ट न दिखाई देने से मचा हड़कम्प बांदा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में तिरंगे की सफेद पट्टी पर अशोक चक्र स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे ध्वज के निर्धारित स्वरूप को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर लोगों ने जांच की मांग की है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि ध्वज में अशोक चक्र मौजूद नहीं था या हवा में ध्वज के मुड़ने के कारण दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। राष्ट्रीय पर्व पर सामने आई इस तस्वीर ने ध्वजारोहण की व्यवस्था और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
बांदा में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए तिरंगे की तस्वीर वायरल, अशोक चक्र स्पष्ट न दिखाई देने से मचा हड़कम्प बांदा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में तिरंगे की सफेद पट्टी पर अशोक चक्र स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे ध्वज के निर्धारित स्वरूप को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर लोगों ने जांच की मांग की है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि ध्वज में अशोक चक्र मौजूद नहीं था या हवा में ध्वज के मुड़ने के कारण दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। राष्ट्रीय पर्व पर सामने आई इस तस्वीर ने ध्वजारोहण की व्यवस्था और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
- बांदा पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस बांदा। जनपद में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदक व प्रशंसा चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।1
- *बांदा में भव्य स्वागत के साथ पहुंची 'चिन्मय अमृत यात्रा', 75 वर्षों की आध्यात्मिक विरासत का उत्सव* *बांदा में भव्य स्वागत के साथ पहुंची 'चिन्मय अमृत यात्रा', 75 वर्षों की आध्यात्मिक विरासत का उत्सव* बांदा। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित किए जा रहे 'चिन्मय अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 35,000 किलोमीटर की अखिल भारतीय आध्यात्मिक 'चिन्मय अमृत यात्रा' शनिवार को बांदा पहुंची। प्रयागराज से चलकर दोपहर 3 बजे बांदा आगमन पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा यात्रा का अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ स्वागत किया गया। इसके पश्चात नगर के मंडपम मैरिज हाल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना तथा स्वामी चिन्मयानंद जी द्वारा स्थापित चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रबंधन की कमान संभाली। बांदा आगमन से लेकर मंडपम मैरिज हाल के पूरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में इस आयोजक टीम का प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी: "बांदा की पावन भूमि पर चिन्मय अमृत यात्रा का आगमन अत्यंत गौरव का विषय है। मिशन द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र-जागरण और सांस्कृतिक पुनरोत्थान के कार्य भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।" मालती बासु: "यह यात्रा केवल एक मार्ग से गुजरने का माध्यम नहीं है, बल्कि 'ज्ञान से शांति, सेवा से समृद्धि और संस्कार से राष्ट्र की सिद्धि' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का पवित्र संकल्प है। 35,000 किलोमीटर की यह आध्यात्मिक यात्रा लाखों जीवनों में मूल्य-आधारित शिक्षा का संचार कर रही है।" असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल: "चिन्मय अमृत यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक क्षण है। स्वामी चिन्मयानंद जी के विचारों और मिशन के 75 वर्षों के सेवा कार्यों से युवाओं को जोड़ना और समाज में नैतिक मूल्यों का पुनर्जागरण करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।" कार्यक्रम के समापन पर आयोजक अमित सिंह, सुधांशु सिंह और नीलांशु ने बांदा की धर्मप्रेमी जनता, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बांदा वासियों के अपार स्नेह और सहयोग से ही यह 75वें वर्ष का अमृत महोत्सव अत्यंत भव्य और स्मरणीय बन सका। इस अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- बांदा में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए तिरंगे की तस्वीर वायरल, अशोक चक्र स्पष्ट न दिखाई देने से मचा हड़कम्प बांदा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की तिंदवारी शाखा में फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में तिरंगे की सफेद पट्टी पर अशोक चक्र स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे ध्वज के निर्धारित स्वरूप को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर लोगों ने जांच की मांग की है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि ध्वज में अशोक चक्र मौजूद नहीं था या हवा में ध्वज के मुड़ने के कारण दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। राष्ट्रीय पर्व पर सामने आई इस तस्वीर ने ध्वजारोहण की व्यवस्था और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।1
- किरन यादव, प्रदेश सचिव महिला सभा समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश, एवं पूर्व प्रत्याशी 233 विधानसभा बबेरू जनपद बांदा की तरफ से समस्त देशवासियों जनपद वासियों एवं क्षेत्र वासियों ग्राम वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं1
- हमीरपुर :स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, उसे सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व” — जिलाधिकारी हमीरपुर। जनपद हमीरपुर में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर जनपदभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा तहसील, विकासखंड एवं ग्राम स्तर तक सभी शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं देश के अमर बलिदानियों को नमन किया गया। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने ध्वजारोहण किया। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक श्री मृगांक शेखर पाठक तथा विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। कोषागार हमीरपुर भवन पर कोषाधिकारी श्रीमती अंकिता सिंह द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद, तहसील एवं ग्राम स्तर पर स्थित सभी शासकीय कार्यालयों में भी ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। *स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई विचार गोष्ठी* ध्वजारोहण के उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्रीमती रिजवाना शाहिद तथा अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री विजय सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग एवं बलिदान तथा राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस के पारंपरिक संदेश से आगे बढ़ते हुए स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए यह समझना आवश्यक है कि स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई, बल्कि अत्यंत विषम परिस्थितियों में लाखों लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप मिली है। उन्होंने कहा कि आज हम अपने अधिकारों, सुविधाओं एवं अपेक्षाओं को लेकर सहजता से अपनी बात रखते हैं, लेकिन स्वतंत्रता संग्राम के दौर की परिस्थितियों की कल्पना करना भी हमारे लिए कठिन है। उस समय गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद लोगों ने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया और अपने वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी बलिदान दिया। इसलिए स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन महान लोगों के असाधारण साहस और त्याग को समझने तथा स्मरण करने का अवसर है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता को हमें “टेकन फॉर ग्रांटेड” नहीं लेना चाहिए। स्वतंत्रता प्राप्त होना जितना महत्वपूर्ण था, उतना ही महत्वपूर्ण उसे सुरक्षित रखना भी है। विश्व के अनेक देशों के उदाहरण बताते हैं कि स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं हमेशा स्वतः सुरक्षित नहीं रहतीं। उन्होंने कहा कि हमारा देश मजबूत है, लेकिन प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने आचरण एवं कर्तव्यों के माध्यम से देश की स्वतंत्रता, एकता और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का विषय नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी विषय है। प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक कार्य और व्यवहार का प्रभाव समाज के अन्य लोगों की स्वतंत्रता पर भी पड़ता है। यदि हम अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करेंगे तो केवल अपने अधिकारों की रक्षा से समाज की स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यों के माध्यम से आमजन को अनावश्यक कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी के रूप में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करता है। इसलिए उनके पास यह अवसर है कि वे अपने व्यवहार, कार्यशैली एवं निर्णयों के माध्यम से आमजन को विभिन्न प्रकार की परेशानियों से “स्वतंत्रता” दिला सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने पद की जिम्मेदारी को केवल नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि इसे जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार, बच्चों एवं आसपास के लोगों को भी स्वतंत्रता दिवस के वास्तविक महत्व से अवगत कराएं और उन्हें यह समझाएं कि उनके अच्छे कर्म और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार से ही समाज की स्वतंत्रता और व्यवस्था सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष अपने कार्यों और कर्तव्यों के माध्यम से यह विचार करने का अवसर है कि हम अपनी तथा समाज की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने में कितना योगदान दे रहे हैं। *स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान* विचार गोष्ठी को संबोधित करने के उपरांत जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल द्वारा जनपद हमीरपुर के स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को मिष्ठान्न, श्रीफल एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। *गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं शहीद स्थल पर पुष्पार्पण* विचार गोष्ठी के उपरांत जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल द्वारा गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात शहीद स्थल पर पहुंचकर शहीदों को पुष्पार्पण कर नमन किया गया। *खेल विभाग द्वारा क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन* स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खेल विभाग द्वारा क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया गया। क्रॉस कंट्री रेस का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष, हमीरपुर श्री कुलदीप निषाद द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के उपरांत पुरस्कार वितरण अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया। अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रहित एवं जनहित में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन “जय हिंद, जय भारत” के उद्घोष के साथ किया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर के.डी. शर्मा, डिप्टी कलेक्टर पैगाम हैदर, सूचना अधिकारी सतीश कुमार, ईडीएम चक्रेश त्रिवेदी, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जगदीश निगम, महिला कल्याण विभाग से शिखा सोनी, दीक्षा सिंह सहित कलेक्ट्रेट के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- Banda Uttar Pradesh me medical College hospital me bhestachar doctor kar hai1
- नोएडा में बन रहा बड़ा Data Centre Hub | यूपी में टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार | Noida Breaking News 2026 | UP Latest News नोएडा में बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया सार्वजनिक परामर्श के चरण में पहुंच गई है। डेटा सेंटर बढ़ने से क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डिजिटल सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हो सकता है।1
- जिस तिरंगे के सम्मान में देश झुकता है, बांदा के दो सरकारी परिसरों में उसी तिरंगे के लिए जगह क्यों नहीं बनी ? बांदा में दो सरकारी परिसरों में ध्वजारोहण न होना व्यवस्था की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल बांदा। देश जब आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर तिरंगे की आन-बान-शान को नमन कर रहा था, शहीदों के बलिदान को याद कर रहा था और हर दिल में राष्ट्रभक्ति का ज्वार उमड़ रहा था, उसी वक्त बांदा के दो सरकारी परिसरों में तिरंगे की गैरमौजूदगी प्रशासनिक संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर बनकर सामने आई, जिसने व्यवस्था के दावों पर ही सवालिया निशान लगा दिया।कार्यालय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी परिसर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण नहीं हुआ। वहीं कचहरी स्थित उप डाकघर भी राष्ट्रीय पर्व पर बिना तिरंगे के सूना पड़ा रहा। यह महज एक झंडा न फहराने की घटना नहीं, बल्कि उस राष्ट्रीय चेतना के प्रति लापरवाही है, जिसकी कीमत देशवासियों ने अपने खून और बलिदान से चुकाई है।जिस तिरंगे के सम्मान में देश का हर नागरिक सिर झुकाता है, उसी तिरंगे के लिए सरकारी कार्यालयों में जगह न बन पाना आखिर किस मानसिकता का प्रमाण है? सवाल केवल यह नहीं कि ध्वजारोहण क्यों नहीं हुआ, सवाल यह है कि जिम्मेदारों की निगाह में राष्ट्रीय पर्व की गरिमा का मूल्य आखिर कितना रह गया है?सरकारी कार्यालयों में नियम-कायदे, आदेश और प्रोटोकॉल की लंबी फेहरिस्त रहती है। फिर स्वतंत्रता दिवस जैसे सर्वोच्च राष्ट्रीय अवसर पर यह व्यवस्था अचानक इतनी बेखबर कैसे हो गई? यदि आम नागरिक किसी सरकारी आदेश की अवहेलना करे तो कार्रवाई का डंडा तुरंत चल पड़ता है, लेकिन जब सरकारी तंत्र ही राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के प्रति उदासीन दिखाई दे, तो जवाबदेही किसकी तय होगी? अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में इस घटना को लेकर आक्रोश स्वाभाविक है। तिरंगा किसी कार्यालय की सजावट नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, स्वतंत्रता और शहीदों की अमर गाथा का प्रतीक है। उसके सम्मान में हुई लापरवाही को महज औपचारिक चूक कहकर दबा देना स्वयं उस चूक को संरक्षण देना होगा।अब आवश्यकता महज स्पष्टीकरण की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की है। प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दोनों सरकारी परिसरों में ध्वजारोहण क्यों नहीं हुआ, इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और राष्ट्रीय पर्व के निर्धारित प्रोटोकॉल की अनदेखी पर क्या कार्रवाई की गई।आजादी का जश्न तभी सार्थक है, जब तिरंगा केवल भाषणों और समारोहों में नहीं, बल्कि सरकारी जिम्मेदारियों की चेतना में भी लहराए। वरना तिरंगे के नीचे खड़े होकर देशभक्ति के नारे लगाने वाला तंत्र और उसी तिरंगे को फहराने की जिम्मेदारी भूल जाने वाली व्यवस्था—दोनों के बीच का यह विरोधाभास लोकतंत्र के माथे पर एक कड़वा सवाल बनकर खड़ा रहेगा।1