सनावद के शासकीय अस्पताल में कथित तौर पर अव्यवस्थाओं का अंबार है और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रोहिणी जाधव पर एक मरीज को भला-बुरा कहने और उसका मोबाइल तोड़ने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब ग्राम राहड़कोट की उमाबाई पति श्रवण साद अपनी बेटी की डिलीवरी के बाद बच्चे और मां की दवा व खानपान के संबंध में डॉक्टर जाधव से सलाह लेने गई थीं। इस पर डॉक्टर गुस्सा हो गईं, उन्होंने मरीज की मां को डांटा, उसका मोबाइल छीनकर फेंक दिया और तोड़ दिया। इस घटना से आहत होकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रभारी डॉ. ए.एस. चौहान से शिकायत की है। उन्होंने डॉक्टर रोहिणी जाधव सहित कथित तौर पर अवैध वसूली में लिप्त आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने की मांग की है। अन्य महिला मरीजों और कुछ रोगियों ने भी डॉक्टर और आशा कार्यकर्ताओं पर अवैध वसूली करने और समय पर इलाज न मिलने की बात कही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को प्राइवेट जांच केंद्रों पर जांच करवाने और आशा कार्यकर्ताओं के साथ सांठगाठ की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी फैलने की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। इस मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार, आशा कार्यकर्ताओं और प्राइवेट जांच केंद्रों से मिलीभगत, तथा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी जैसे मुद्दे नहीं सुलझे और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अस्पताल का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।
सनावद के शासकीय अस्पताल में कथित तौर पर अव्यवस्थाओं का अंबार है और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रोहिणी जाधव पर एक मरीज को भला-बुरा कहने और उसका मोबाइल तोड़ने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब ग्राम राहड़कोट की उमाबाई पति श्रवण साद अपनी बेटी की डिलीवरी के बाद बच्चे और मां की दवा व खानपान के संबंध में डॉक्टर जाधव से सलाह लेने गई थीं। इस पर डॉक्टर गुस्सा हो गईं, उन्होंने मरीज की मां को डांटा, उसका मोबाइल छीनकर फेंक दिया और तोड़ दिया। इस घटना से आहत होकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रभारी डॉ. ए.एस. चौहान से शिकायत की है। उन्होंने डॉक्टर रोहिणी जाधव सहित कथित तौर पर अवैध वसूली में लिप्त आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने
की मांग की है। अन्य महिला मरीजों और कुछ रोगियों ने भी डॉक्टर और आशा कार्यकर्ताओं पर अवैध वसूली करने और समय पर इलाज न मिलने की बात कही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को प्राइवेट जांच केंद्रों पर जांच करवाने और आशा कार्यकर्ताओं के साथ सांठगाठ की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी फैलने की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। इस मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार, आशा कार्यकर्ताओं और प्राइवेट जांच केंद्रों से मिलीभगत, तथा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी जैसे मुद्दे नहीं सुलझे और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अस्पताल का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।
- विधानसभा क्षेत्र माँधाता (175) के ग्राम भोगांवा में सनावद बायपास से कोठी-ओंकारेश्वर मुख्य मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में किसान कांग्रेस ने मंगलवार को एक अनोखा प्रदर्शन किया। लगभग 8 किलोमीटर लंबी यह सड़क बारिश के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और गहरे गड्ढों तथा तालाबों में बदल गई है, जिससे ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान कांग्रेस प्रदेश महासचिव गजेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में ग्रामीण युवाओं ने सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में 'बेशर्म' के पौधे लगाकर सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क की अनदेखी के कारण यह मार्ग हादसों का केंद्र बन गया है और हर दिन लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस गंभीर समस्या की ओर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान कई बार दिलाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस और क्षेत्रवासी जनहित में उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में मंडल कांग्रेस अध्यक्ष राकेश खाटरिया, जीतेन्द्र सिंह गुडिया, हर्षवर्धन सिंह सोलंकी, सियाराम भाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- Post by Ganesh Jamre2
- राजपुर में एक मल्चिंग फैक्ट्री में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। फैक्ट्री के मालिक ने इस घटना पर अपना दुख व्यक्त किया है। बताया गया है कि इस आगजनी से मालिक को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।1
- खरगोन जिले की सनावद तहसील स्थित शासकीय अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रोहिणी जाधव ने एक मरीज की माँ के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उसका मोबाइल तोड़ दिया। यह घटना तब हुई जब ग्राम राहड़कोट की उमाबाई पति श्रवण साद अपनी बेटी की डिलीवरी के बाद बच्चे और माँ की दवाई व खानपान के संबंध में डॉक्टर जाधव से सलाह लेने पहुँचीं। बताया गया है कि डॉक्टर इस बात पर गुस्सा हो गईं, उन्होंने मरीज की माँ को लताड़ा, उनसे मोबाइल छीना और फेंककर तोड़ दिया। इस घटना से आहत होकर, ग्रामीणों ने अस्पताल पहुँचकर अस्पताल प्रभारी डॉ. ए.एस. चौहान से शिकायत की। ग्रामीणों ने माँग की है कि डॉक्टर रोहिणी जाधव और अवैध वसूली में लिप्त आशा कार्यकर्ताओं को तुरंत बर्खास्त किया जाए। इस अवसर पर अन्य महिलाओं और कुछ मरीजों ने भी डॉक्टर और आशा कार्यकर्ताओं पर अवैध वसूली करने तथा समय पर इलाज न देने के गंभीर आरोप लगाए। पूर्व में भी शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को प्राइवेट जांच केंद्रों पर जांच करवाने के लिए भेजने और आशा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी मिलीभगत की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। साथ ही, अस्पताल परिसर में फैली गंदगी भी एक प्रमुख समस्या के रूप में उजागर हुई। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार, आशा कार्यकर्ताओं और प्राइवेट जांच केंद्रों से मिलीभगत, तथा गंदगी जैसे मुद्दों का समाधान नहीं होता और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तो वे अस्पताल का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे।1
- रामकृष्ण मिशन इन्दौर द्वारा शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई है।1
- खंडवा को संभाग बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर कड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण मांग के साथ-साथ जनहित के अन्य मुद्दों, किसानों से संबंधित समस्याओं और ओंकारेश्वर से जुड़े मामलों को भी उठाया। पार्टी ने इन सभी मुद्दों पर सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।1
- सनावद के शासकीय अस्पताल में कथित तौर पर अव्यवस्थाओं का अंबार है और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रोहिणी जाधव पर एक मरीज को भला-बुरा कहने और उसका मोबाइल तोड़ने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब ग्राम राहड़कोट की उमाबाई पति श्रवण साद अपनी बेटी की डिलीवरी के बाद बच्चे और मां की दवा व खानपान के संबंध में डॉक्टर जाधव से सलाह लेने गई थीं। इस पर डॉक्टर गुस्सा हो गईं, उन्होंने मरीज की मां को डांटा, उसका मोबाइल छीनकर फेंक दिया और तोड़ दिया। इस घटना से आहत होकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रभारी डॉ. ए.एस. चौहान से शिकायत की है। उन्होंने डॉक्टर रोहिणी जाधव सहित कथित तौर पर अवैध वसूली में लिप्त आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने की मांग की है। अन्य महिला मरीजों और कुछ रोगियों ने भी डॉक्टर और आशा कार्यकर्ताओं पर अवैध वसूली करने और समय पर इलाज न मिलने की बात कही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को प्राइवेट जांच केंद्रों पर जांच करवाने और आशा कार्यकर्ताओं के साथ सांठगाठ की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी फैलने की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। इस मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार, आशा कार्यकर्ताओं और प्राइवेट जांच केंद्रों से मिलीभगत, तथा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी जैसे मुद्दे नहीं सुलझे और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अस्पताल का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।2
- नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।4