सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित हनुमानगंज से जमुना रोड जाने वाले फ्लाईओवर की हकीकत मानसून की पहली ही बारिश में सामने आ गई है। इस फ्लाईओवर के अंडरपास में करीब 2 से ढाई फीट तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि बाइक सवार दो लोग घुटनों तक भरे गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं, जहां उनके इंजन बंद होने और फिसलने का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि हर साल यही समस्या होती है, क्योंकि फ्लाईओवर तो बना दिया गया, लेकिन पानी निकासी के लिए कोई उचित इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 2.5 फीट गहरे पानी से बच्चे और महिलाएं कैसे निकलेंगी, और रात के समय तो निश्चित रूप से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी (PWD) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे एसी कमरों में बैठे हैं, जबकि जनता यहां अपनी जान जोखिम में डाल रही है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन हैं। प्रशासन की बेपरवाही स्पष्ट दिख रही है, क्योंकि अंडरपास से पानी निकालने के लिए न तो कोई पंप लगाया गया है, न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे स्थिति और भी भयावह बनी हुई है।
सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित हनुमानगंज से जमुना रोड जाने वाले फ्लाईओवर की हकीकत मानसून की पहली ही बारिश में सामने आ गई है। इस फ्लाईओवर के अंडरपास में करीब 2 से ढाई फीट तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि बाइक सवार दो लोग घुटनों तक भरे गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं, जहां उनके इंजन बंद होने और फिसलने का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि हर साल यही समस्या होती है, क्योंकि फ्लाईओवर तो बना दिया गया, लेकिन पानी निकासी के लिए कोई उचित इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 2.5 फीट गहरे पानी से बच्चे और महिलाएं कैसे निकलेंगी, और रात के समय तो निश्चित रूप से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी (PWD) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे एसी कमरों में बैठे हैं, जबकि जनता यहां अपनी जान जोखिम में डाल रही है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन हैं। प्रशासन की बेपरवाही स्पष्ट दिख रही है, क्योंकि अंडरपास से पानी निकालने के लिए न तो कोई पंप लगाया गया है, न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे स्थिति और भी भयावह बनी हुई है।
- सतना जिले के मझगवां थाने में एक अनोखा और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें थाना प्रभारी मझगवां पर सांठगांठ कर फरियादियों को ही आरोपी बनाकर जेल भेजने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय पहले पिन्डरा टंकी के पास 40 नग गायों से लदी गाड़ियों को सैफ खान की निशानदेही पर अभी शर्मा, अज्जू जायसवाल, राज सिंह और तुषार वाल्मीक के सहयोग से रोका गया था। इन गाड़ियों और कथित पशु तस्करों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि, उस कार्यवाही की कोई जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस घटना के एक माह बाद एक योजनाबद्ध तरीके से उन्हीं पशु तस्कर अहसान को फरियादी बना दिया गया, जबकि गाय पकड़ने वालों को लूट और एडी एक्ट का आरोपी बनाया गया। इस प्रक्रिया में पकड़-छोड़ के नाम पर खूब लेनदेन भी हुआ, और अंत में सैफ खान को मुख्य आरोपी बनाया गया। इसी क्रम में, दिनांक 4_7_26 की शाम को पुलिस ने आरोपी अजय जायसवाल को उसके घर से एक मेमोरेंडम के साथ उठाया। इस दौरान, पुलिस ने मुख्य आरोपी सैफ की गाड़ी से नंबर प्लेट निकाल ली और संबंधित थाने को सूचित किए बिना ही अजय जायसवाल को उठा लिया। जब अजय के परिजनों ने सैफ की गाड़ी में पुलिस को देखकर विरोध किया, तो उन्होंने गाड़ी को रोक लिया और उसमें तोड़फोड़ भी हुई। मामला बिगड़ता देख, मझगवां थाना प्रभारी, जिन्हें पहले ही संबंधित थाने को सूचित करना चाहिए था, वे बाद में बतौर फरियादी वहां पहुँचे। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक नामजद सहित मुकदमा दर्ज कराया और मुल्जिम सहित मझगवां रवाना हो गए। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले को देखने पर मुख्य आरोपी और पशु तस्करों की पुलिस के साथ साठगांठ साफ दिखती है। यदि थाना प्रभारी ने पशु तस्करों को बचाने के लिए अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया है, तो वरिष्ठ अधिकारियों को इस विषय की बारीकी से जांच करनी चाहिए और आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।1
- रामपुर बाघेलान के सौनौरा मोड़ में एक गंभीर वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने एक मजदूर से लिफ्ट ली और फिर उसे चाकू मार दिया। इस घटना के बाद घायल मजदूर को जिला अस्पताल भेजा गया है। इसे एक बड़ी घटना बताया जा रहा है, जिसमें लिफ्ट लेना ही भारी पड़ गया।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।1
- मैहर जिले के उदयपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने भावुक होकर अपनी दर्दभरी आपबीती सुनाई है। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और उनसे अवैध रूप से पैसों की वसूली की गई। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। इस मामले में बुजुर्ग ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- जनपद पंचायत अमरपाटन के अंतर्गत ग्राम मुकुंदपुर स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय पिछले छह माह से भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहा है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप बीते छह महीने से पानी की जगह केवल हवा दे रहा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण, छात्राओं और शिक्षकों को अपने घरों से पानी की बोतलें लेकर विद्यालय आना पड़ता है। जब बोतलों का पानी खत्म हो जाता है, तो छोटी बच्चियों को मुख्य मार्ग पर स्थित बाजार के हैंडपंप से पानी भरने के लिए जाना पड़ता है। यह मार्ग लगातार वाहनों की आवाजाही वाला क्षेत्र है, जिससे किसी भी दिन कोई बड़ी घटना होने की आशंका बनी रहती है और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। विद्यालय प्रधानाध्यापक ने इस समस्या के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार करने के साथ-साथ कई बार 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने इस मामले में समाधान की कोई जहमत नहीं उठाई, और सभी शिकायतें बेअसर साबित हुई हैं। पेयजल संकट के अतिरिक्त, विद्यालय भवन भी जर्जर हालत में है और बाउंड्री वॉल न होने के कारण रात के अंधेरे में विद्यालय परिसर असामाजिक तत्वों का बसेरा बन जाता है।1
- मैहर स्थित माँ शारदा देवी मंदिर के प्रधान पुजारी श्री पवन जी महाराज ने नागरिकों को साइबर ठगी से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। मैहर पुलिस ने भी इस संदेश को साझा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई है। यह अभियान "सुरक्षित क्लिक • सुरक्षित जीवन" और "सावधानी ही सुरक्षा है" जैसे नारों के साथ डिजिटल सुरक्षा के महत्व पर जोर देता है।1
- राइजिंग सतना अब मध्य प्रदेश जनसंपर्क से जुड़ी खबरें उपलब्ध करा रहा है। दर्शक भोपाल, रीवा, शहडोल, सतना, मैहर, कटनी और जबलपुर सहित विभिन्न शहरों की जनसंपर्क खबरें राइजिंग सतना पर देख सकते हैं।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित हनुमानगंज से जमुना रोड जाने वाले फ्लाईओवर की हकीकत मानसून की पहली ही बारिश में सामने आ गई है। इस फ्लाईओवर के अंडरपास में करीब 2 से ढाई फीट तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि बाइक सवार दो लोग घुटनों तक भरे गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं, जहां उनके इंजन बंद होने और फिसलने का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि हर साल यही समस्या होती है, क्योंकि फ्लाईओवर तो बना दिया गया, लेकिन पानी निकासी के लिए कोई उचित इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 2.5 फीट गहरे पानी से बच्चे और महिलाएं कैसे निकलेंगी, और रात के समय तो निश्चित रूप से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी (PWD) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे एसी कमरों में बैठे हैं, जबकि जनता यहां अपनी जान जोखिम में डाल रही है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन हैं। प्रशासन की बेपरवाही स्पष्ट दिख रही है, क्योंकि अंडरपास से पानी निकालने के लिए न तो कोई पंप लगाया गया है, न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे स्थिति और भी भयावह बनी हुई है।1