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कोटा के कंसुआ में आयोजित हुआ विशाल हिंदू सम्मेलन रिपोर्ट मीडिया हाउस। कोटा शहर में सनातन एकता को लेकर चल रहे निरंतर सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा। हिंदू सम्मेलन आयोजन को लेकर शहर के कंसुआ झिरी के हनुमान जी मंदिर पर एक आयोजन किया गया जिसमें कलश यात्रा लेकर महिलाओं ने नगर भ्रमण किया कार्यक्रम की अतिथि मनीष भाई किन्नर ने सभी को संबोधित किया और प्रसादी का वितरण किया उन्होंने कहा कि अब सामाजिक समरसता और हिंदुत्व एकता का परचम लहरा रहा है।
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कोटा के कंसुआ में आयोजित हुआ विशाल हिंदू सम्मेलन रिपोर्ट मीडिया हाउस। कोटा शहर में सनातन एकता को लेकर चल रहे निरंतर सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा। हिंदू सम्मेलन आयोजन को लेकर शहर के कंसुआ झिरी के हनुमान जी मंदिर पर एक आयोजन किया गया जिसमें कलश यात्रा लेकर महिलाओं ने नगर भ्रमण किया कार्यक्रम की अतिथि मनीष भाई किन्नर ने सभी को संबोधित किया और प्रसादी का वितरण किया उन्होंने कहा कि अब सामाजिक समरसता और हिंदुत्व एकता का परचम लहरा रहा है।
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- गणतंत्र दिवस के पावन पर उपभोक्ता भंडार सब्जी मंडी कोटा पर एडिशनल एस पीअंकित जैन रचना सुनते हैं2
- नहीं हुआ भुगतान, 351 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना मंगलवार को 351 वें दिन भी जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से चल रहे इस धरने के दौरान बकाया वेतन न मिलने के सदमे से एक और मजदूर लटूर लाल (गोविंद नगर, कोटा) की मौत हो गई। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान अब तक 13 मजदूरों की इसी कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने सरकार की हठधर्मिता और मजदूर-विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल उठाया कि क्या सभी मजदूरों के मरने के बाद ही न्याय मिलेगा?धरना स्थल पर मौजूद कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि लटूर लाल रोज की तरह धरने पर आने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई। लंबे संघर्ष और न्याय न मिलने के सदमे से उनकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट के मजदूरों के पक्ष में फैसले और 2023 में जारी आदेश के बावजूद सरकार ने बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया। मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली है, जो हजारों करोड़ की है, लेकिन मजदूरों को उनका हक अभी तक नहीं दिया गया। मजदूर नेताओं कामरेड नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, अशोक सिंह, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा और हबीब खान ने संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन नहीं चुकाया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने मांग की कि मजदूर परिवारों को तत्काल राहत भत्ता दिया जाए। सरकार मजदूरों को कर रह गुमराह मजदूर नेताओं ने बताया कि सरकार ने धरने के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही जमीन अधिग्रहित की है। अब 7 महीने बीत गए, लेकिन कोर्ट केस का हवाला देकर मजदूरों को गुमराह किया जा रहा है।धरने पर सभी मजदूरों ने दिवंगत साथी लटूर लाल को मौन श्रद्धांजलि दी। सैकड़ों मजदूरों और उनके परिवार की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के सामने मानव श्रृंखला बनाई और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 351 वें दिन प्रदर्शन करने वालों में कामरेड कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, गिरजा शंकर पांडे, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, मांगीलाल, गणेश प्रसाद, तुलसीराम, ओमप्रकाश पाल, छीतरलाल, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। स्थानीय आम जनता भी समर्थन में पहुंची। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया।4
- कोटा में कार्यरत बिजली कंपनी के KEDL के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं वरिष्ठ समाज से हिम्मत सिंह ने कहां पिछले कई लंबे समय से बिजली कंपनी से कई लोग परेशान है और मनमानी बिल एवं लाइट मशीन को लेकर विरोध प्रदर्शन भी चल रहे हैं।1
- रिपोर्ट मीडिया हाउस। कोटा शहर में सनातन एकता को लेकर चल रहे निरंतर सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा। हिंदू सम्मेलन आयोजन को लेकर शहर के कंसुआ झिरी के हनुमान जी मंदिर पर एक आयोजन किया गया जिसमें कलश यात्रा लेकर महिलाओं ने नगर भ्रमण किया कार्यक्रम की अतिथि मनीष भाई किन्नर ने सभी को संबोधित किया और प्रसादी का वितरण किया उन्होंने कहा कि अब सामाजिक समरसता और हिंदुत्व एकता का परचम लहरा रहा है।1
- माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुन्दर धर्मशाला नवयुवक मंडल के तत्वावधान में होली उत्सव की विधिवत शुरुआत की गई। शुभ मुहूर्त में पारंपरिक विधि-विधान के साथ होली का डंडा रोपा गया, जिसमें क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग और उत्साह देखने को मिला। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा साथी एवं समाजसेवी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में उत्सव, आस्था और उल्लास का माहौल बना रहा। इस अवसर पर नेता ब्रह्मदत्त शर्मा ने बताया कि इस वर्ष होली उत्सव को विशेष रूप से आकर्षक बनाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होली की भव्य झांकी इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आएंगे।1
- *सर्किट हाउस कोटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस* *केन्द्रीय बजट 2026-27 अपार अवसरों का राजमार्ग है* *विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार- उप मुख्यमंत्री* कोटा, 02 फरवरी। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने सोमवार को सर्किट हाउस, कोटा में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में केन्द्रीय बजट 2026-27 को युवा, महिला, किसान, वंचित और आम नागरिक का बजट बताया। उन्होंने कहा कि ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है, और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को सशक्त करता है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। यह बजट तीव्र आर्थिक विकास, लोगों की आंकाक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ-सबका विकास को समर्पित बजट है। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से भारत देश दुनिया की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2026-27 ऐतिहासिक है। महिला वित्त मंत्री के रूप में श्रीमती निर्मला सीतारमण ने लगातार नवीं बार देश का बजट प्रस्तुत करके नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी। ये बजट ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेस और ह्यूमन सेंट्रिक अर्थ-रचना के विजन को साकार करता है। ये एक ऐसा यूनीक बजट है. जिसमें, फिस्कल डेफिसिट कम करने, इंफ्लेशन कंट्रोल करने पर फोकस है और इसके साथ ही, बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का भी समन्वय है। डॉ. बैरवा ने कहा कि ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है। इस बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। इस बजट में नई उभरती इंडस्ट्रीज, यानी सनराइज सेक्टर्स को जिस मजबूती के साथ समर्थन दिया गया है, वो अभूतपूर्व है। बायोफार्मा शक्ति मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, रेयर अर्थ कॉरिडोर का निर्माण, क्रिटिकल मिनरल्स पर बल, टेक्सटाइल सेक्टर में नई स्कीम, हाई टेक टूल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, चौंपियन एमएसएमई तैयार करना, ये फ्यूचरिस्टिक है और देश की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखती है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को, हमारे लघु और कुटीर उद्योगों जो समर्थन इस बजट में मिला है, वह उन्हें लोकल से ग्लोबल बनने की नई ताकत देगा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देशभर में वाटरवेज का विस्तार हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान और शहरों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा, ये सारे कदम, विकसित भारत की यात्रा की गति को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बजट से रोजगार सृजन को बड़ा बूस्ट मिलेगा। मुझे बहुत खुशी है कि इस बजट में टूरिज्म और विशेषकर नॉर्थ ईस्ट में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। भारत के अलग-अलग राज्यों को ताकतवर बनाकर संतुलित विकास की नींव भी इस बजट में मजबूत की गई है। हमारे देश में 10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी हैं, और बड़ा सफल अभियान रहा है। महिलाओं द्वारा निर्मित, महिलाओं द्वारा संचालित, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स का आधुनिक इकोसिस्टम बने, इसे बजट में प्राथमिकता दी गई है। बजट में नारियल, काजू, कोको और चंदन की पैदावार से जुड़े किसानों के लिए अनेक अहम कदम उठाए गए हैं। फिशरीज और पशुपालन में उद्यमिता को बढ़ावा देने से गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार के और ज्यादा अवसर बनेंगे। डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि ये बजट एंबीशियस भी है और ये बजट देश की एस्पिरेशन को भी एड्रेस करता है। इस संवेदनशील बजट में गांव, गरीब किसान का कल्याण करने वाले कई प्रावधान हैं।3
- कोटा. कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सोमवार को विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक युवती से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच, काउंसलिंग और आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सेवार्थी संगठन के अध्यक्ष बलवंत पाल सिंह ने बताया- कुछ दिन पहले हिंदू समाज की एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस द्वारा दोनों को पकड़ने के बाद अदालत में युवती के दर्ज कराए गए। समस्त धार्मिक संगठनों का आरोप है कि युवती पर जादू-टोना कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। युवक एक हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं, इसलिए उसके आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर कार्रवाई की जाए। जय बाई सा राज राजपूताना संस्थान की संस्थापक हेमलता सिंह गहलोत ने सरकार से मांग करते हुए कहा की पीड़ित परिवारजन को न्याय मिले और उनके मां-बाप तक बेटी को पहुंचाया जाए और हिंदू परिवार को पुलिस प्रोटेक्शन दिया जाए कानूनी प्रक्रिया के तहत युवती को फिलहाल नारी शाला भेजा गया है, लेकिन मांग है कि उसे 20 से 22 दिन तक नारी शाला में रखकर पूरी तरह से काउंसलिंग कराई जाए। परिवार के लोगों से मिलने की अनुमति दी जाए। डीएसपी डॉ. पूनम ने मिडिया को बताया- कलेक्ट्रेट सर्किल पर करणी सेना और विभिन्न संगठनों के लोग एकत्र हुए थे। उनकी प्रमुख मांग युवती की नारी शाला में अवधि बढ़ाने, उसकी समुचित काउंसलिंग कराने और आरोपी युवक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की है। ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और सभी मांगों पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कोटा शहर के कंसुआ क्षेत्र में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन की स्पेशल खबर जहां पर सनातन एकता और उसकी विरासत को संगठित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया आपको बता दे की कोटा शहर में प्रत्येक वार्ड में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसे भारतीय जनता पार्टी और समाज सेवियों के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह 18 फरवरी तक चलेंगे।1
- कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार राम मोहन कौशिक साहित्य जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं में निरंतर लेखन करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अब तक उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें साहित्य प्रेमियों और पाठकों से भरपूर सराहना मिली है।इसी साहित्यिक यात्रा, अनुभवों और वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य को लेकर उनका विशेष इंटरव्यू साहित्यकर्मी रूपनारायण संजय द्वारा लिया गया। इस बातचीत में राम मोहन कौशिक ने अपने लेखन की प्रेरणा, प्रकाशित कृतियों, आज के दौर में साहित्य की भूमिका और नई पीढ़ी के लेखकों के प्रति अपने विचार खुलकर साझा किए।1