कोटा: एक और मजदूर ने तोड़ा दम, अब तक 13 की मौत नहीं हुआ भुगतान, 351 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना मंगलवार को 351 वें दिन भी जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से चल रहे इस धरने के दौरान बकाया वेतन न मिलने के सदमे से एक और मजदूर लटूर लाल (गोविंद नगर, कोटा) की मौत हो गई। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान अब तक 13 मजदूरों की इसी कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने सरकार की हठधर्मिता और मजदूर-विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल उठाया कि क्या सभी मजदूरों के मरने के बाद ही न्याय मिलेगा?धरना स्थल पर मौजूद कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि लटूर लाल रोज की तरह धरने पर आने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई। लंबे संघर्ष और न्याय न मिलने के सदमे से उनकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट के मजदूरों के पक्ष में फैसले और 2023 में जारी आदेश के बावजूद सरकार ने बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया। मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली है, जो हजारों करोड़ की है, लेकिन मजदूरों को उनका हक अभी तक नहीं दिया गया। मजदूर नेताओं कामरेड नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, अशोक सिंह, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा और हबीब खान ने संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन नहीं चुकाया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने मांग की कि मजदूर परिवारों को तत्काल राहत भत्ता दिया जाए। सरकार मजदूरों को कर रह गुमराह मजदूर नेताओं ने बताया कि सरकार ने धरने के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही जमीन अधिग्रहित की है। अब 7 महीने बीत गए, लेकिन कोर्ट केस का हवाला देकर मजदूरों को गुमराह किया जा रहा है।धरने पर सभी मजदूरों ने दिवंगत साथी लटूर लाल को मौन श्रद्धांजलि दी। सैकड़ों मजदूरों और उनके परिवार की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के सामने मानव श्रृंखला बनाई और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 351 वें दिन प्रदर्शन करने वालों में कामरेड कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, गिरजा शंकर पांडे, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, मांगीलाल, गणेश प्रसाद, तुलसीराम, ओमप्रकाश पाल, छीतरलाल, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। स्थानीय आम जनता भी समर्थन में पहुंची। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया।
कोटा: एक और मजदूर ने तोड़ा दम, अब तक 13 की मौत नहीं हुआ भुगतान, 351 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना मंगलवार को 351 वें दिन भी जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से चल रहे इस धरने के दौरान बकाया वेतन न मिलने के सदमे से एक और मजदूर लटूर लाल (गोविंद नगर, कोटा) की मौत हो गई। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान अब तक 13 मजदूरों की इसी कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने सरकार की हठधर्मिता और मजदूर-विरोधी
नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल उठाया कि क्या सभी मजदूरों के मरने के बाद ही न्याय मिलेगा?धरना स्थल पर मौजूद कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि लटूर लाल रोज की तरह धरने पर आने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई। लंबे संघर्ष और न्याय न मिलने के सदमे से उनकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट के मजदूरों के पक्ष में फैसले और 2023 में जारी आदेश के बावजूद सरकार ने बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया। मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली है, जो हजारों करोड़ की है, लेकिन मजदूरों को उनका
हक अभी तक नहीं दिया गया। मजदूर नेताओं कामरेड नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, अशोक सिंह, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा और हबीब खान ने संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन नहीं चुकाया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने मांग की कि मजदूर परिवारों को तत्काल राहत भत्ता दिया जाए। सरकार मजदूरों को कर रह गुमराह मजदूर नेताओं ने बताया कि सरकार ने धरने के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही जमीन अधिग्रहित की है। अब 7 महीने बीत गए, लेकिन कोर्ट केस का हवाला देकर मजदूरों को गुमराह किया जा रहा है।धरने पर सभी मजदूरों ने
दिवंगत साथी लटूर लाल को मौन श्रद्धांजलि दी। सैकड़ों मजदूरों और उनके परिवार की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के सामने मानव श्रृंखला बनाई और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 351 वें दिन प्रदर्शन करने वालों में कामरेड कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, गिरजा शंकर पांडे, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, मांगीलाल, गणेश प्रसाद, तुलसीराम, ओमप्रकाश पाल, छीतरलाल, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। स्थानीय आम जनता भी समर्थन में पहुंची। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया।
- कोटा में सिलेंडर चोरों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर, मोटा महादेव कंसुआ इलाके से सामने आया है, जहां दिनदहाड़े चोरों ने एक मकान को निशाना बनाया। राजस्थान पत्रिका के चीफ रिपोर्टर रणजीत सिंह सोलंकी के शिवाजी नगर स्थित मकान से अज्ञात चोर गैस सिलेंडर चोरी कर ले गए। घटना उस समय हुई जब घर पर कोई मौजूद नहीं था। मौके का फायदा उठाकर चोर आसानी से सिलेंडर लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।1
- होलसेल उपभोक्ता भंडार सब्जी मंडी क्षेत्र में1
- नहीं हुआ भुगतान, 351 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना मंगलवार को 351 वें दिन भी जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से चल रहे इस धरने के दौरान बकाया वेतन न मिलने के सदमे से एक और मजदूर लटूर लाल (गोविंद नगर, कोटा) की मौत हो गई। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान अब तक 13 मजदूरों की इसी कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने सरकार की हठधर्मिता और मजदूर-विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल उठाया कि क्या सभी मजदूरों के मरने के बाद ही न्याय मिलेगा?धरना स्थल पर मौजूद कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि लटूर लाल रोज की तरह धरने पर आने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई। लंबे संघर्ष और न्याय न मिलने के सदमे से उनकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट के मजदूरों के पक्ष में फैसले और 2023 में जारी आदेश के बावजूद सरकार ने बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया। मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली है, जो हजारों करोड़ की है, लेकिन मजदूरों को उनका हक अभी तक नहीं दिया गया। मजदूर नेताओं कामरेड नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, अशोक सिंह, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा और हबीब खान ने संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया वेतन नहीं चुकाया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने मांग की कि मजदूर परिवारों को तत्काल राहत भत्ता दिया जाए। सरकार मजदूरों को कर रह गुमराह मजदूर नेताओं ने बताया कि सरकार ने धरने के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही जमीन अधिग्रहित की है। अब 7 महीने बीत गए, लेकिन कोर्ट केस का हवाला देकर मजदूरों को गुमराह किया जा रहा है।धरने पर सभी मजदूरों ने दिवंगत साथी लटूर लाल को मौन श्रद्धांजलि दी। सैकड़ों मजदूरों और उनके परिवार की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के सामने मानव श्रृंखला बनाई और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 351 वें दिन प्रदर्शन करने वालों में कामरेड कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, गिरजा शंकर पांडे, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, मांगीलाल, गणेश प्रसाद, तुलसीराम, ओमप्रकाश पाल, छीतरलाल, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। स्थानीय आम जनता भी समर्थन में पहुंची। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया।4
- कोटा शहर में पिछले 1 वर्ष से जिला कलेक्ट के बाहर धरना दे रहे वरिष्ठ जन जिनमें से कई व्यक्तियों की उम्र 55 से 90 वर्ष है जिनमें 12 मजदूर धरने के उपरांत अपनी जान गवा चुके हैं करीब 4200 मजदूर 1332 करोड रुपए अपने वेतन भुगतान की सरकार से मांग कर रहे हैं जिसका त्रिपक्षीय समझौता भी हुआ था। आपको बता दें यह सभी कर्मचारी जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन के सदस्य हैं और अराफात फैक्ट्री डीसीएम रोड कोटा में काम करते थे। सरकार ने कंपनी पर अपनी कार्रवाई की तो मजदूर का वेतन कंपनी ने रोक लिया और कहीं वर्षों का वेतन एवं मजदूरी नहीं दी। इसके बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए और उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण ने जेके कंपनी की जमीन को अधिग्रहण कर लिया है लेकिन मजदूरों का वेतन अभी बकाया है मजदूर कामरेड सीटू यूनियन के पदाधिकारीगण का कहना है कि उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट व जिला न्यायालय में भी याचिका दायर की है जिसमें मजदूरों का वेतन देने के आदेश सरकार को दिए हुए हैं। सरकार की मंशा साफ नजर आती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम आम अवेहलना कर रही है और जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन सड़क पर लाल झंडा हाथ लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोटा जिला से शुरू एप के लिए रवि सांवरिया की खास रिपोर्ट ... आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं।1
- कोटा शहर में होली के पावन पर्व को लेकर आदर्श कोहली संस्था द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है यह पिछले कई वर्षों से कोटा शहर में आकर्षक होली एवं प्रदर्शनी का आयोजन करते हैं जो शहर के अंदर काफी लोकप्रिय और पसंदीदा होली पर्व के रूप में महोत्सव के रूप में जाना जाता है कार्यक्रम और संस्था के पदाधिकारी राकेश शर्मा ने बधाई पूरी जानकारी कि आखिरकार इस बार होली पर क्या विशेष रहने वाला है।1
- कोटा प्रदर्शनकारियों ने कहा- सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में कोटा की में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।1
- माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुन्दर धर्मशाला नवयुवक मंडल के तत्वावधान में होली उत्सव की विधिवत शुरुआत की गई। शुभ मुहूर्त में पारंपरिक विधि-विधान के साथ होली का डंडा रोपा गया, जिसमें क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग और उत्साह देखने को मिला। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा साथी एवं समाजसेवी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में उत्सव, आस्था और उल्लास का माहौल बना रहा। इस अवसर पर नेता ब्रह्मदत्त शर्मा ने बताया कि इस वर्ष होली उत्सव को विशेष रूप से आकर्षक बनाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होली की भव्य झांकी इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आएंगे।1
- कोटा. कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सोमवार को विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक युवती से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच, काउंसलिंग और आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सेवार्थी संगठन के अध्यक्ष बलवंत पाल सिंह ने बताया- कुछ दिन पहले हिंदू समाज की एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस द्वारा दोनों को पकड़ने के बाद अदालत में युवती के दर्ज कराए गए। समस्त धार्मिक संगठनों का आरोप है कि युवती पर जादू-टोना कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। युवक एक हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं, इसलिए उसके आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर कार्रवाई की जाए। जय बाई सा राज राजपूताना संस्थान की संस्थापक हेमलता सिंह गहलोत ने सरकार से मांग करते हुए कहा की पीड़ित परिवारजन को न्याय मिले और उनके मां-बाप तक बेटी को पहुंचाया जाए और हिंदू परिवार को पुलिस प्रोटेक्शन दिया जाए कानूनी प्रक्रिया के तहत युवती को फिलहाल नारी शाला भेजा गया है, लेकिन मांग है कि उसे 20 से 22 दिन तक नारी शाला में रखकर पूरी तरह से काउंसलिंग कराई जाए। परिवार के लोगों से मिलने की अनुमति दी जाए। डीएसपी डॉ. पूनम ने मिडिया को बताया- कलेक्ट्रेट सर्किल पर करणी सेना और विभिन्न संगठनों के लोग एकत्र हुए थे। उनकी प्रमुख मांग युवती की नारी शाला में अवधि बढ़ाने, उसकी समुचित काउंसलिंग कराने और आरोपी युवक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की है। ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और सभी मांगों पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1