कोटा में एक साल से चल रहा है मजदूरों का धरना, 12 की मौत 1300 करोड़ का मामला कोटा शहर में पिछले 1 वर्ष से जिला कलेक्ट के बाहर धरना दे रहे वरिष्ठ जन जिनमें से कई व्यक्तियों की उम्र 55 से 90 वर्ष है जिनमें 12 मजदूर धरने के उपरांत अपनी जान गवा चुके हैं करीब 4200 मजदूर 1332 करोड रुपए अपने वेतन भुगतान की सरकार से मांग कर रहे हैं जिसका त्रिपक्षीय समझौता भी हुआ था। आपको बता दें यह सभी कर्मचारी जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन के सदस्य हैं और अराफात फैक्ट्री डीसीएम रोड कोटा में काम करते थे। सरकार ने कंपनी पर अपनी कार्रवाई की तो मजदूर का वेतन कंपनी ने रोक लिया और कहीं वर्षों का वेतन एवं मजदूरी नहीं दी। इसके बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए और उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण ने जेके कंपनी की जमीन को अधिग्रहण कर लिया है लेकिन मजदूरों का वेतन अभी बकाया है मजदूर कामरेड सीटू यूनियन के पदाधिकारीगण का कहना है कि उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट व जिला न्यायालय में भी याचिका दायर की है जिसमें मजदूरों का वेतन देने के आदेश सरकार को दिए हुए हैं। सरकार की मंशा साफ नजर आती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम आम अवेहलना कर रही है और जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन सड़क पर लाल झंडा हाथ लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोटा जिला से शुरू एप के लिए रवि सांवरिया की खास रिपोर्ट ... आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं।
कोटा में एक साल से चल रहा है मजदूरों का धरना, 12 की मौत 1300 करोड़ का मामला कोटा शहर में पिछले 1 वर्ष से जिला कलेक्ट के बाहर धरना दे रहे वरिष्ठ जन जिनमें से कई व्यक्तियों की उम्र 55 से 90 वर्ष है जिनमें 12 मजदूर धरने के उपरांत अपनी जान गवा चुके हैं करीब 4200 मजदूर 1332 करोड रुपए अपने वेतन भुगतान की सरकार से मांग कर रहे हैं जिसका त्रिपक्षीय समझौता भी हुआ था। आपको बता दें यह सभी कर्मचारी जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन के सदस्य हैं और अराफात फैक्ट्री डीसीएम रोड कोटा में काम करते थे। सरकार ने कंपनी पर अपनी कार्रवाई की तो मजदूर का वेतन कंपनी ने रोक लिया और कहीं वर्षों का वेतन एवं मजदूरी नहीं दी। इसके बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए और उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण ने जेके कंपनी की जमीन को अधिग्रहण कर लिया है लेकिन मजदूरों का वेतन अभी बकाया है मजदूर कामरेड सीटू यूनियन के पदाधिकारीगण का कहना है कि उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट व जिला न्यायालय में भी याचिका दायर की है जिसमें मजदूरों का वेतन देने के आदेश सरकार को दिए हुए हैं। सरकार की मंशा साफ नजर आती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम आम अवेहलना कर रही है और जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन सड़क पर लाल झंडा हाथ लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोटा जिला से शुरू एप के लिए रवि सांवरिया की खास रिपोर्ट ... आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं।
- User2068Madhya Pradesh👏7 hrs ago
- MAA JOGANIA EPISODE 13.1
- बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे जेके फैक्ट्री के मजदूरों के आंदोलन को मंगलवार को 351 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच 13 मजदूरों की मौत हो चुकी हैं। लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही।मंगलवार को धरने को संबोधित करते कॉमरेड उमाशंकर1
- Post by VKH NEWS1
- होलसेल उपभोक्ता भंडार सब्जी मंडी क्षेत्र में1
- कोटा शहर में पिछले 1 वर्ष से जिला कलेक्ट के बाहर धरना दे रहे वरिष्ठ जन जिनमें से कई व्यक्तियों की उम्र 55 से 90 वर्ष है जिनमें 12 मजदूर धरने के उपरांत अपनी जान गवा चुके हैं करीब 4200 मजदूर 1332 करोड रुपए अपने वेतन भुगतान की सरकार से मांग कर रहे हैं जिसका त्रिपक्षीय समझौता भी हुआ था। आपको बता दें यह सभी कर्मचारी जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन के सदस्य हैं और अराफात फैक्ट्री डीसीएम रोड कोटा में काम करते थे। सरकार ने कंपनी पर अपनी कार्रवाई की तो मजदूर का वेतन कंपनी ने रोक लिया और कहीं वर्षों का वेतन एवं मजदूरी नहीं दी। इसके बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए और उन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण ने जेके कंपनी की जमीन को अधिग्रहण कर लिया है लेकिन मजदूरों का वेतन अभी बकाया है मजदूर कामरेड सीटू यूनियन के पदाधिकारीगण का कहना है कि उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट व जिला न्यायालय में भी याचिका दायर की है जिसमें मजदूरों का वेतन देने के आदेश सरकार को दिए हुए हैं। सरकार की मंशा साफ नजर आती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम आम अवेहलना कर रही है और जेके सिंथेटिक मजदूर कर्मचारी यूनियन सड़क पर लाल झंडा हाथ लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोटा जिला से शुरू एप के लिए रवि सांवरिया की खास रिपोर्ट ... आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं।1
- कोटा शहर में होली के पावन पर्व को लेकर आदर्श कोहली संस्था द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है यह पिछले कई वर्षों से कोटा शहर में आकर्षक होली एवं प्रदर्शनी का आयोजन करते हैं जो शहर के अंदर काफी लोकप्रिय और पसंदीदा होली पर्व के रूप में महोत्सव के रूप में जाना जाता है कार्यक्रम और संस्था के पदाधिकारी राकेश शर्मा ने बधाई पूरी जानकारी कि आखिरकार इस बार होली पर क्या विशेष रहने वाला है।1
- कोटा प्रदर्शनकारियों ने कहा- सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में कोटा की में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।1
- कोटा में सिलेंडर चोरों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर, मोटा महादेव कंसुआ इलाके से सामने आया है, जहां दिनदहाड़े चोरों ने एक मकान को निशाना बनाया। राजस्थान पत्रिका के चीफ रिपोर्टर रणजीत सिंह सोलंकी के शिवाजी नगर स्थित मकान से अज्ञात चोर गैस सिलेंडर चोरी कर ले गए। घटना उस समय हुई जब घर पर कोई मौजूद नहीं था। मौके का फायदा उठाकर चोर आसानी से सिलेंडर लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।1