रामगंजमंडी में गायत्री परिवार की युवा इकाई दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय निःशुल्क बाल स्पंदन समर कैंप 2026 का समापन समारोह गायत्री शक्तिपीठ रामगंजमंडी में उत्साह, संस्कार और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एंकर खुशबू जैन ने मां सरस्वती की वंदना से करवाया, जिसके बाद प्रातः योग सत्र में ऋषिता जैन ने बच्चों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। संगीता पाटीदार ने भक्ति संगीत का महत्व बताते हुए मधुर भजन प्रस्तुत किए, जिन पर बच्चे भक्ति भाव में झूम उठे। मोहित राही ने बच्चों को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक संगीत से परिचित कराया, जिससे बच्चों ने आनंदपूर्वक लोक परंपराओं को जाना। इसके पश्चात वैश्विक शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं सभी बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना के लिए गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें पंकज काला ने आहुतियां दिलवाईं। इस दौरान बच्चों एवं अभिभावकों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां अर्पित कीं, साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं यज्ञीय जीवन शैली की प्रेरणाएं भी दी गईं। अभिषेक तिवाड़ी ने नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का प्रशिक्षण दिया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर गायत्री परिवार के मुख्यालय शान्तिकुंज हरिद्वार से पधारे प्रतिनिधि प्रभा शंकर दुबे जी ने अभिभावकों से बच्चों में अच्छे संस्कार देने की अपील की, उन्हें राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनका निर्माण ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण है। कार्यक्रम में अतिथियों के तौर पर गायत्री परिवार कोटा के जिला समन्वयक देवेश जी शर्मा, दिया राजस्थान के प्रदेश संयोजक लोकेश शर्मा, आरोग्य भारती के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र जैन, गायत्री परिवार रामगंजमंडी के व्यवस्थापक बद्रीलाल गुप्ता, हीरालाल शर्मा, जगदीश काला, बजरंगलाल गौतम, अनूप मिश्रा, दिनेश खंडेलवाल और गौतम सेठिया उपस्थित रहे। समापन अवसर पर शिविर प्रभारी आशीष पोरवाल ने बताया कि बाल स्पंदन समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण, व्यक्तित्व विकास एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा जागृत करना है। पाँच दिनों तक चले इस शिविर में योग, आर्ट-क्राफ्ट, संगीत, नृत्य, संस्कार शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, नाटक, माइंड पावर, रामायण महाभारत प्रश्नोत्तरी, वैदिक गणित एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर मिला। इस अवसर पर शिविर के सफल संचालन में सहयोग देने वाले प्रशिक्षकों, अतिथियों, कार्यकर्ताओं, पत्रकार बंधुओं एवं सेवाभावी परिजनों का सम्मान किया गया। सभी बच्चों ने प्रसादि ग्रहण की और कार्यक्रम का अंत गायत्री परिवार के जयघोषों— "एक बनेंगे – नेक बनेंगे", "प्राणियों में – सद्भावना हो" और "विश्व का – कल्याण हो"— के साथ वातावरण गूंज उठा।
रामगंजमंडी में गायत्री परिवार की युवा इकाई दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय निःशुल्क बाल स्पंदन समर कैंप 2026 का समापन समारोह गायत्री शक्तिपीठ रामगंजमंडी में उत्साह, संस्कार और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एंकर खुशबू जैन ने मां सरस्वती की वंदना से करवाया, जिसके बाद प्रातः योग सत्र में ऋषिता जैन ने बच्चों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। संगीता पाटीदार ने भक्ति संगीत का महत्व बताते हुए मधुर भजन प्रस्तुत किए, जिन पर बच्चे भक्ति भाव में झूम उठे। मोहित राही ने बच्चों को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक संगीत से परिचित कराया,
जिससे बच्चों ने आनंदपूर्वक लोक परंपराओं को जाना। इसके पश्चात वैश्विक शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं सभी बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना के लिए गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें पंकज काला ने आहुतियां दिलवाईं। इस दौरान बच्चों एवं अभिभावकों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां अर्पित कीं, साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं यज्ञीय जीवन शैली की प्रेरणाएं भी दी गईं। अभिषेक तिवाड़ी ने नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का प्रशिक्षण दिया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर गायत्री परिवार के मुख्यालय शान्तिकुंज हरिद्वार से
पधारे प्रतिनिधि प्रभा शंकर दुबे जी ने अभिभावकों से बच्चों में अच्छे संस्कार देने की अपील की, उन्हें राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनका निर्माण ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण है। कार्यक्रम में अतिथियों के तौर पर गायत्री परिवार कोटा के जिला समन्वयक देवेश जी शर्मा, दिया राजस्थान के प्रदेश संयोजक लोकेश शर्मा, आरोग्य भारती के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र जैन, गायत्री परिवार रामगंजमंडी के व्यवस्थापक बद्रीलाल गुप्ता, हीरालाल शर्मा, जगदीश काला, बजरंगलाल गौतम, अनूप मिश्रा, दिनेश खंडेलवाल और गौतम सेठिया उपस्थित रहे। समापन अवसर पर शिविर प्रभारी आशीष पोरवाल ने बताया कि बाल स्पंदन समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण,
व्यक्तित्व विकास एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा जागृत करना है। पाँच दिनों तक चले इस शिविर में योग, आर्ट-क्राफ्ट, संगीत, नृत्य, संस्कार शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, नाटक, माइंड पावर, रामायण महाभारत प्रश्नोत्तरी, वैदिक गणित एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर मिला। इस अवसर पर शिविर के सफल संचालन में सहयोग देने वाले प्रशिक्षकों, अतिथियों, कार्यकर्ताओं, पत्रकार बंधुओं एवं सेवाभावी परिजनों का सम्मान किया गया। सभी बच्चों ने प्रसादि ग्रहण की और कार्यक्रम का अंत गायत्री परिवार के जयघोषों— "एक बनेंगे – नेक बनेंगे", "प्राणियों में – सद्भावना हो" और "विश्व का – कल्याण हो"— के साथ वातावरण गूंज उठा।
- शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की पाँच दिवसीय जनसंवाद पदयात्रा अपने तीसरे दिन ग्राम पंचायत घाटोली पहुँची। यह यात्रा 28 मई को शुरू हुई थी और 1 जून को संपन्न होगी, जिसमें मंत्री गाँवों में पहुँचकर आमजन से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा विकास कार्यों की घोषणाएँ कर रहे हैं। मंत्री के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने अब तक दो दिनों में लगभग 47 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर ली है, जबकि पूरी पाँच दिवसीय यात्रा में लगभग 80 किलोमीटर क्षेत्र के गाँवों को पैदल कवर करने की योजना है। घाटोली में आयोजित जनसभा में मंत्री दिलावर ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की। इस दौरान, उन्होंने पहले दिन लगभग 1.50 करोड़ रुपए और दूसरे दिन 2.50 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं, जिससे कुल दो दिनों में 4 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की जा चुकी है। इसी यात्रा के दौरान, मंत्री मदन दिलावर ने दरा नाल में रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया, जिसमें रेलवे के दो इंजीनियर पंकज झा और प्रभात सिंह की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि रेलवे ने अपने दो प्रतिभाशाली अभियंताओं को खो दिया है। मंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए बताया कि रेलवे द्वारा हादसे की जाँच की जा रही है और जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- रावतभाटा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत नगर क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से आमजन तक जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाया गया। कार्यक्रमों की श्रृंखला में, शाम 7 बजे आर.पी.एस. डैम चंबल नदी घाट पर एक रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद शाम 7:30 बजे आर.पी.एस. डैम पार्क, इंडिया गेट पर प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम और कपड़े के बैग का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना था, जिसके लिए "घर से लेकर निकले कपड़े का थैला, अपने शहर को ना करें मेला" का नारा भी दिया गया। अभियान के तहत शाम 8 बजे चंबल नदी में दीप प्रज्वलन और रंगोली कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इस अभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एनजीओ प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों, स्वच्छता मित्रों और आमजन ने चंबल घाट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और एक स्वच्छ व स्वस्थ पर्यावरण के लिए सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना है।4
- रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था। इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं। हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।1
- रविवार को पनवाड़-दहीखेड़ा क्षेत्र में प्रकृति का एक दुर्लभ और अकल्पनीय नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दोपहर के समय अचानक आसमान में सूर्य के चारों ओर एक विशाल और चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कौतूहलवश इस अद्भुत खगोलीय घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया है, और अब इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।1
- गरोठ के पिपल्या मिठैशाह गांव से गंदगी हटाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।1
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- सातलखेड़ी कस्बे में मौसम ने अचानक करवट ली है, जहाँ पूरे क्षेत्र में तेज़ हवाओं के साथ मध्यम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस आकस्मिक मौसम बदलाव के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जिससे हवा में भी ठंडक घुल गई है।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी शहर में जुल्मी रोड स्थित मेड़तवाल धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक महिला के गले से करीब दो तोले की सोने की चेन झपटकर चोरी करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सलवार-सूट पहनकर आईं तीन महिलाओं में से एक ने गोरधन परिक्रमा कर रही एक महिला के गले से यह चेन तोड़ ली। रविवार सुबह करीब 10 बजे हुई इस घटना के बाद, प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों महिलाएं भागने लगीं। हालांकि, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका पीछा कर एक महिला को खेत में पकड़ लिया। उसके पास से चोरी की गई चेन तुरंत बरामद कर पीड़िता को वापस सौंप दी गई। बाद में, तीनों महिलाओं को रामगंजमंडी पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। थानाधिकारी संदीप शर्मा ने बताया कि सोने की चेन तोड़ने के इस मामले में दिल्ली निवासी अंबिका, काजल और चांदनी नामक आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर महिला न्यायालय कोटा में पेश किया गया था। न्यायालय से 1 दिन का रिमांड प्राप्त कर उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।1