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Atul Verma
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सिलेंडर और केरोसिन उर्फ मिट्टी का तेल के लिए क्या कुछ व्यवस्थाएं जारी यूपी के जिला अंबेडकर नगर के व्यापारियों द्वारा केरोसिन लेने के लिए क्या कुछ व्यवस्थाएं बताई गई और यह भी कहा गया की पुरानी व्यवस्था को फिर से जारी करने के लिए हमारे पास कैपिटल अकाउंट नहीं है1
- सूरत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ राजस्थान के एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद परिवार और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और न्याय की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि राजस्थान के निवासी आशीष सिंह आज तड़के करीब 4 बजे सूरत के CR पाटिल कार्यालय से रक्तदान करके बाहर निकले थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि आशीष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। परिवार के सदस्यों और राजस्थान समाज के लोगों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उनका साफ कहना है कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए। इस घटना के बाद राजस्थान समाज और परिवारजन धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कब तक न्याय दिला पाता है।1
- बीकापुर। गेट नहीं तो वोट नहीं की मांग एक बार फिर उठी। अयोध्या प्रयागराज रेल खंड पर मरुई सहाय सिंह के पास रेल फाटक न होने से हो रही ग्रामीणों को परेशानी। रेल फाटक को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर उठाई मांग। मलेथू कनक और खजुरहट रेलवे स्टेशन बीच में पड़ता है यह गांव। कई दशकों से चली आ रही है ग्रामीणों की यह समस्या। रेल फाटक न होने से कई बार हो चुके हैं हादसे। रेल ट्रैक से गुजरने वाली सड़क पर रेल फाटक अथवा अंडरपास बनवाने की ग्रामीणों द्वारा की जा रही है मांग, करीब एक दर्जन गांव के लोगों का आवागमन होता है प्रभावित, गेट नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाकर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने का भी लगाया नारा।2
- चांदा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुकुल उमरी में बिटिया रात्रि हुई महिला के हत्या मामले में महिला के मायके पक्ष वालो ने आरोप लगाया है की मेरे बेटी को उसके ही पति ने ही हत्या कर दी है उसके बाद उसे फंदे पर लटका कर आत्म हत्या का रूप देने का प्रयास किया जा रहा था लड़की के मायके के परिजनों ने पुलिस जबरियों लाश को जलवा फुर्सत लिया2
- अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। जनपद के विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जिस अस्पताल की दहलीज पर एक परिवार नई खुशियों की उम्मीद लेकर पहुँचा था, वहाँ डॉक्टर की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता ने एक मासूम की जान ले ली। यह घटना केवल एक चिकित्सा विफलता नहीं, बल्कि हमारी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के मुँह पर एक करारा तमाचा है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, राजमंगल कनौजिया नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सुबह 8 बजे विक्रमजोत CHC में भर्ती कराया था। दोपहर करीब 12:50 पर एक बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन खुशियों का यह पल ज्यादा देर नहीं टिका। डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति गंभीर बताते हुए उसे रेफर कर दिया। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब एम्बुलेंस कर्मियों ने ऑक्सीजन की आवश्यकता के बारे में पूछा, तो डॉ. साजिया खातून ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया कि ऑक्सीजन की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन जब मासूम को उच्च केंद्र ले जाया गया, तो वहाँ के डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित करते हुए फटकार लगाई कि "बिना ऑक्सीजन के इसे यहाँ क्यों लाए?" सवालों के घेरे में संवेदनहीनता इस हृदय विदारक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या एक डॉक्टर को इतनी सामान्य जानकारी नहीं थी कि नवजात को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है? क्या सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए मरीजों की जान केवल एक 'आंकड़ा' बनकर रह गई है? आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही के कारण गरीब परिवार अपनी गोद उजड़ते देखेंगे? सिस्टम की जवाबदेही कहाँ? राजमंगल कनौजिया जैसे साधारण व्यक्ति के लिए उसका बच्चा उसकी पूरी दुनिया थी। आज उस परिवार पर जो गुजर रही है, उसकी भरपाई कोई सरकारी मुआवजा या जाँच कमेटी नहीं कर सकती। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड पर तैनात डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही उन सभी दावों की पोल खोल देती है। निष्कर्ष: अब कार्रवाई की दरकार यह केवल एक व्यक्ति की शिकायत नहीं है, बल्कि उस डर की आवाज़ है जो हर आम आदमी सरकारी अस्पताल जाते समय महसूस करता है। प्रशासन को चाहिए कि डॉ. साजिया खातून और इस लापरवाही में शामिल अन्य दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इसी तरह मासूमों की बलि चढ़ती रहेगी और "स्वास्थ्य केंद्र" केवल "मृत्यु केंद्र" बनकर रह जाएंगे।1
- सोशल मीडिया पर चल रही मौत की खबरों के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कॉफी पीते नजर आए हैं उनकी यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और ईरानी मीडिया को आईना दिखाने का काम कर रही है।1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- यूपी के जिला अंबेडकर नगर के जिला अधिकारी अनुपम शुक्ला जी द्वारा बताया गया कि क्रोसिन की दवाई किस तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी और यह आम आदमियों तक कैसे पहुंचेगा1
- सूरत के भेस्तान इलाके की संगम चौकड़ी पर कल शाम करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार सूरत BRTS बस ने एक एक्टिवा स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना जोरदार था कि एक्टिवा स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि स्कूटी चालक बाल-बाल बच गया और उसे गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल इस घटना को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1