logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सूरत के भेस्तान इलाके की संगम चौकड़ी पर कल शाम करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार सूरत BRTS बस ने एक एक्टिवा स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना जोरदार था कि एक्टिवा स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि स्कूटी चालक बाल-बाल बच गया और उसे गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल इस घटना को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

4 hrs ago
user_OMPRAKASH DWIVEDI
OMPRAKASH DWIVEDI
Customer Service Representative Bikapur, Ayodhya•
4 hrs ago

सूरत के भेस्तान इलाके की संगम चौकड़ी पर कल शाम करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार सूरत BRTS बस ने एक एक्टिवा स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना जोरदार था कि एक्टिवा स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि स्कूटी चालक बाल-बाल बच गया और उसे गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल इस घटना को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अयोध्या जिले के सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मंडल कारागार द्वारा सिविल कोर्ट परिसर पर स्टाल लगाकर जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के हाथ से निर्मित समानों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसे न्यायिक अधिकारियों के साथ आने वाले लोगों द्वारा सराहा गया और खरीदा भी गया जिला जज रणंजय कुमार वर्मा द्वारा न्यायिक अधिकारियों के साथ मंडल कारागार के स्टाल पर रखे गए सामानों व जेल में खेती कर बंदियों द्वारा उगाए गए आर्गेनिक सब्जियों की सराहना की गई और खरीदा भी गया मिट्टी से बने सामानों व स्टाल पर रखे अन्य सामानों ने लोगो को अपनी तरफ आकर्षित किया स्टाल पर उपस्थित सहायक जेलर माया सिंह द्वारा जानकारी से अवगत कराया गया,
    1
    अयोध्या जिले के सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मंडल कारागार द्वारा सिविल कोर्ट परिसर पर स्टाल लगाकर जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के हाथ से निर्मित समानों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसे न्यायिक अधिकारियों के साथ आने वाले लोगों द्वारा सराहा गया और खरीदा भी गया जिला जज रणंजय कुमार वर्मा द्वारा न्यायिक अधिकारियों के साथ मंडल कारागार के स्टाल पर रखे गए सामानों व जेल में खेती कर बंदियों द्वारा उगाए गए आर्गेनिक सब्जियों की सराहना की गई और खरीदा भी गया मिट्टी से बने सामानों व स्टाल पर रखे अन्य सामानों ने लोगो को अपनी तरफ आकर्षित किया स्टाल पर उपस्थित सहायक जेलर माया सिंह द्वारा जानकारी से अवगत कराया गया,
    user_हलचल अयोध्या समाचार
    हलचल अयोध्या समाचार
    Actor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अयोध्या गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक माननीय अभय सिंह के निजी आवास ग्राम राजेपुर मे माननीय विधायक जी के पिता व माताजी को चारों धाम यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उसके उत्तर पक्ष श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन आज 14 मार्च को प्रातः काल 9:00 बजे कलश शोभा यात्रा निकालकर ग्राम उबासी महिलाएं एवं पुरुष हजारों की तादाद में शामिल हुए जनप्रतिनिधि ।
    4
    अयोध्या गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक माननीय अभय सिंह के निजी आवास ग्राम राजेपुर मे माननीय विधायक जी के पिता व माताजी  को चारों धाम यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उसके उत्तर पक्ष श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन आज 14 मार्च को प्रातः काल 9:00 बजे कलश शोभा यात्रा निकालकर ग्राम उबासी महिलाएं एवं पुरुष हजारों की तादाद में शामिल हुए जनप्रतिनिधि ।
    user_Vipin pandey
    Vipin pandey
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by A news 88
    1
    Post by A news 88
    user_A news 88
    A news 88
    TV News Anchor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • welcome
    1
    welcome
    user_आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद भारतीय जनता पार्टी Sohawal, Ayodhya•
    10 hrs ago
  • Post by Raju.u.p.44
    1
    Post by Raju.u.p.44
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 min ago
  • क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    1
    क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं।
ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।”
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    user_E RADIO INDIA
    E RADIO INDIA
    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • ब्रेकिंग अयोध्या रामनगरी में गंदगी का अंबार, नगर निगम के दावों की खुली पोल राम मंदिर निकास द्वार पर बजबजाती नाली, नाक बंद कर गुजर रहे श्रद्धालु स्वच्छ रामनगरी के दावे फेल, मंदिर द्वार पर गंदगी का खेल रामलला के द्वार पर गंदगी का पहरा, सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल दर्शन के बाद गंदगी से सामना, श्रद्धालुओं में नाराजगी रामनगरी की छवि पर दाग, मंदिर के बाहर गंदगी का राज नगर निगम के दावे एक तरफ, राम मंदिर निकास पर गंदगी दूसरी तरफ।
    1
    ब्रेकिंग
अयोध्या
रामनगरी में गंदगी का अंबार, नगर निगम के दावों की खुली पोल
राम मंदिर निकास द्वार पर बजबजाती नाली, नाक बंद कर गुजर रहे श्रद्धालु
स्वच्छ रामनगरी के दावे फेल, मंदिर द्वार पर गंदगी का खेल
रामलला के द्वार पर गंदगी का पहरा, सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल
दर्शन के बाद गंदगी से सामना, श्रद्धालुओं में नाराजगी
रामनगरी की छवि पर दाग, मंदिर के बाहर गंदगी का राज
नगर निगम के दावे एक तरफ, राम मंदिर निकास पर गंदगी दूसरी तरफ।
    user_Ashwani Sonkar
    Ashwani Sonkar
    Court reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • welcome All members
    1
    welcome All members
    user_आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद भारतीय जनता पार्टी Sohawal, Ayodhya•
    10 hrs ago
  • क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
    1
    क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं।
मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है।
नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है।
ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
    user_E RADIO INDIA
    E RADIO INDIA
    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.