बरेली में आपराधिक गतिविधियों और समाज विरोधी कार्यों के आरोपों में सेवा से बर्खास्त किए जा चुके सिपाही सुरकेश शर्मा के खिलाफ पुलिस को नए साक्ष्य मिले हैं। भमोरा थाना पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन से ऐसे रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं, जिनसे गाँव की राजनीति में दखलअंदाज़ी, महिलाओं को आगे कर झूठे मुकदमे दर्ज कराने और बाद में समझौते के नाम पर कथित वसूली जैसे मामलों के संकेत मिलते हैं। इसी कड़ी में, भमोरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी और अधिवक्ता कृतिका शर्मा, तथा उनके सहयोगी ओमवीर को गिरफ्तार किया। सुरकेश शर्मा के खिलाफ पहले से ही 17 मुकदमे दर्ज थे, और भमोरा थाने में दर्ज इस नए मामले के साथ अब उनके खिलाफ मामलों की कुल संख्या 18 हो गई है। पुलिस के अनुसार, सुरकेश शर्मा को चंदौली में तैनाती के दौरान लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पहले निलंबित किया गया था, और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वर्ष 2024 में तत्कालीन एसएसपी अनुराग आर्य ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि सुरकेश के फोन से मिले व्हाट्सएप कॉल और अन्य रिकॉर्ड से कथित रंगदारी और अवैध गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस का यह भी आरोप है कि अधिवक्ता कृतिका शर्मा इन गतिविधियों में कानूनी सहायता प्रदान कर रही थीं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरकेश शर्मा के खिलाफ रंगदारी, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, धमकी और पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। हाल ही में पुलिस ने उनकी क्लास-बी हिस्ट्रीशीट भी खोली थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस विषय पर कहा कि कानून के तहत होने वाली कार्रवाई इस बात से प्रभावित नहीं होगी कि कोई व्यक्ति पहले पुलिस विभाग का हिस्सा रहा हो, और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी अधिवक्ता कृतिका शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अदालत परिसर में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, एसीजेएम (जूनियर डिवीजन) की अदालत ने कृतिका शर्मा की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बरेली में आपराधिक गतिविधियों और समाज विरोधी कार्यों के आरोपों में सेवा से बर्खास्त किए जा चुके सिपाही सुरकेश शर्मा के खिलाफ पुलिस को नए साक्ष्य मिले हैं। भमोरा थाना पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन से ऐसे रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं, जिनसे गाँव की राजनीति में दखलअंदाज़ी, महिलाओं को आगे कर झूठे मुकदमे दर्ज कराने और बाद में समझौते के नाम पर कथित वसूली जैसे मामलों के संकेत मिलते हैं। इसी कड़ी में, भमोरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी और अधिवक्ता कृतिका शर्मा, तथा उनके सहयोगी ओमवीर को गिरफ्तार किया। सुरकेश शर्मा के खिलाफ पहले से ही 17 मुकदमे दर्ज थे, और भमोरा थाने में दर्ज इस नए मामले के साथ अब उनके खिलाफ मामलों की कुल संख्या 18 हो गई है। पुलिस के अनुसार, सुरकेश शर्मा को चंदौली में तैनाती के दौरान लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पहले निलंबित किया गया था, और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वर्ष 2024 में तत्कालीन एसएसपी अनुराग आर्य ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि सुरकेश के फोन से मिले व्हाट्सएप कॉल और अन्य रिकॉर्ड से कथित रंगदारी और अवैध गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस का यह भी आरोप है कि अधिवक्ता कृतिका शर्मा इन गतिविधियों में कानूनी सहायता प्रदान कर रही थीं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरकेश शर्मा के खिलाफ रंगदारी, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, धमकी और पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। हाल ही में पुलिस ने उनकी क्लास-बी हिस्ट्रीशीट भी खोली थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस विषय पर कहा कि कानून के तहत होने वाली कार्रवाई इस बात से प्रभावित नहीं होगी कि कोई व्यक्ति पहले पुलिस विभाग का हिस्सा रहा हो, और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी अधिवक्ता कृतिका शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अदालत परिसर में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, एसीजेएम (जूनियर डिवीजन) की अदालत ने कृतिका शर्मा की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
- यमुनानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ठगों ने मोबाइल सिम का ऐसा खेल किया कि पीड़ित को जरा भी भनक नहीं लगी और उसके बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। यह घटना यमुनानगर निवासी निर्देश जैन के साथ हुई, जिनका एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। आरोप है कि इसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति ने निकलवा लिया, और चूंकि मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था, साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाकर लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मोबाइल कंपनियों की सिम जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि निर्देश जैन के नाम पर चल रहे मोबाइल नंबर का नया सिम किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस युग में, जहां टेक्नोलॉजिया विकास की दौड़ जारी है, घर या बैंक लॉकर तो क्या, बैंक खाते में रखी रकम भी सुरक्षित नहीं है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि आपका मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक, मोबाइल कंपनी और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें, क्योंकि एक छोटा सा सिम बदलाव आपके पूरे खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।1
- ICOP जर्नलिस्ट / जनता की आवाज के प्रांतीय अध्यक्ष विशाल शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र इस समय एक गंभीर और जानलेवा पर्यावरण संकट से जूझ रही है। शहर के जोहड़ों (तालाबों) की गंदी, जहरीली और सड़ चुकी मिट्टी को अवैध रूप से ओवरलोडेड 75-टायरी व अन्य भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे लगातार शहर के बीच से ले जाया जा रहा है। सड़कों पर गिरने वाली यह जहरीली धूल टायरों के माध्यम से उड़कर सीधे आम जनता के फेफड़ों, मुंह, माथे और घरों तक पहुँच रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब शहर में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो रहा, तो यह अवैध 'मिट्टी का बवंडर' किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए चलाया जा रहा है। इस जहरीली और दूषित मिट्टी के निरंतर उड़ने से कुरुक्षेत्र की जनता और आने वाली पीढ़ी (बच्चों) को फेफड़ों के गंभीर रोग जैसे सिलिकोसिस, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा, साथ ही त्वचा व आंखों के गंभीर संक्रमण और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को प्रशासनिक और पुलिस महकमे की अनदेखी, लापरवाही और कथित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इनमें BNS की धारा 270 (सार्वजनिक मार्ग पर उपेक्षापूर्ण कार्य से संकट), धारा 271/272 (जीवन के लिए संकटपूर्ण बीमारी फैलाने का खतरा), और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि अवैध व बिना तिरपाल ढके ओवरलोडेड वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की विफलता दर्शाता है। संस्था ने गृह मंत्रालय से सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र और करनाल रीजन में चल रहे इस अवैध मिट्टी परिवहन नेटवर्क की उच्च न्यायालय की निगरानी में या एक स्वतंत्र टास्क फोर्स द्वारा तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने की अपील की गई है जिनकी कथित शह पर यह अवैध कारोबार 24 घंटे फल-फूल रहा है। जनता के मानवाधिकारों, विशेषकर 'स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार' (अनुच्छेद 21) की रक्षा पर जोर देते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आवाज को न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'सत्य कड़वा हो सकता है, लेकिन जनता की भलाई के लिए इसे लिखना और दिखाना हमारा कर्तव्य है।'2
- सहारनपुर की कुतुबशेर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध चाकू भी बरामद किया है। यह मामला 23 जून को ढोलीखाल निवासी सारिक द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर से जुड़ा है। सारिक ने आरोप लगाया था कि सोहराब पुत्र शाहिद, दानिश तोता और जूबी पत्नी सोहराब ने उनके भाई दानिश उर्फ पोंचा और चचेरे भाई अलीशान पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के बाद, मुकदमे में आयुध अधिनियम समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन भी किया गया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सोहराब को कमेला कॉलोनी स्थित उसके घर से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि विवाद के बाद उसने चाकू से हमला किया था और वारदात में इस्तेमाल हथियार को दबनी कब्रिस्तान में एक सीमेंट की बेंच के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वह चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोहराब के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया।1
- करनाल जिले में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई है। यह घटना दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई, जिनमें आमने-सामने की टक्कर हो गई।1
- नई हॉरर फ़िल्म 'मैं हाँ' का दूसरा टीज़र जारी कर दिया गया है। यह टीज़र दर्शकों को एक गहन और खौफनाक अनुभव का वादा करते हुए संदेश देता है कि 'हर दरवाज़े के पीछे एक राज़ है, और हर राज़ में छिपा है खौफ'। यह पोस्ट एक डरावनी कहानी और हॉरर फ़िल्म के तत्वों पर ज़ोर देती है।1
- आज सढोरा स्थित ब्रह्मकुमारी प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय उपहार भवन में आध्यात्मिक दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र की संचालिका बीके सुलोचना ने मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक उन्नति के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। यह आयोजन विश्व आध्यात्मिक दिवस के रूप में मनाया गया।1
- लिव-इन संबंध का विरोध करने पर एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात में बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।1
- यमुनानगर जिले के सढौरा स्थित नई सब्जी मंडी में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प पड़ी है, जिससे वहां के किसानों, आढ़तियों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है। आरती संघ के प्रधान मंजीत सिंह ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1