लातेहार जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त ने बुधवार, 8 जुलाई को भूसुर पंचायत स्थित निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स जिले के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यस्थल पर संबंधित विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर काम की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानक के अनुरूप हो और काम निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौसम को ध्यान में रखते हुए, उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक पहुंच मार्ग के निर्माण का भी निर्देश दिया, ताकि बरसात के कारण निर्माण कार्य बाधित न हो। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा और साइट पर सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने उपायुक्त को सूचित किया कि कार्य तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लातेहार जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त ने बुधवार, 8 जुलाई को भूसुर पंचायत स्थित निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स जिले के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यस्थल पर संबंधित विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर काम की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानक के अनुरूप हो और काम निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौसम को ध्यान में रखते हुए, उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक पहुंच मार्ग के निर्माण का भी निर्देश दिया, ताकि बरसात के कारण निर्माण कार्य बाधित न हो। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा और साइट पर सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने उपायुक्त को सूचित किया कि कार्य तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- लातेहार जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त ने बुधवार, 8 जुलाई को भूसुर पंचायत स्थित निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स जिले के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यस्थल पर संबंधित विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर काम की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानक के अनुरूप हो और काम निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौसम को ध्यान में रखते हुए, उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक पहुंच मार्ग के निर्माण का भी निर्देश दिया, ताकि बरसात के कारण निर्माण कार्य बाधित न हो। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा और साइट पर सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने उपायुक्त को सूचित किया कि कार्य तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी के लातेहार विधायक प्रकाश राम ने झारखंड सरकार पर विकास कार्यों की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विकास का मुद्दा केवल लातेहार जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड से जुड़ा है। विधायक प्रकाश राम के अनुसार, वर्तमान राज्य सरकार के पास विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं है और सरकार से जुड़े लोग केवल "लूट-खसोट" में व्यस्त हैं। विधायक प्रकाश राम ने जेएमएम और कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर झारखंड को पर्याप्त विकास राशि उपलब्ध न कराने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविकता इसके विपरीत है, क्योंकि केंद्र सरकार सभी योजनाओं की राशि राज्य को समय पर उपलब्ध करा रही है। हालांकि, विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र से मिली विकास योजनाओं की राशि पर "कुंडली मारकर बैठी हुई है", जिसके परिणामस्वरूप सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य बुनियादी विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि केंद्र से प्राप्त राशि का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए, तो झारखंड के साथ-साथ लातेहार जिले का भी तेजी से विकास संभव है। प्रकाश राम ने राज्य सरकार से विकास कार्यों में तेजी लाने और केंद्र सरकार से प्राप्त धनराशि का जनहित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास चाहती है और सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर राज्य के हित में काम करना चाहिए।1
- लातेहार प्रखंड के नेवारी पंचायत अंतर्गत कैमा गांव आज भी विकास की राह देख रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2022 के बाद से सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। गांव की जर्जर सड़क के कारण स्थानीय लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि कैमा गांव की सड़क का निर्माण शीघ्र कराया जाए, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।1
- पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था। प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।1
- ऑस्ट्रेलिया ने तीन पुरानी भारतीय कलाकृतियां भारत को लौटाने का निर्णय लिया है। इनमें देवी भद्रकाली का एक कांसे का त्रिशूल, नंदी की एक ग्रेनाइट मूर्ति और कार्तिकेय की एक बेसाल्ट मूर्ति शामिल हैं। ये सभी कलाकृतियां 11वीं-12वीं सदी की हैं और मूल रूप से तमिलनाडु के ऐतिहासिक मंदिरों से लाई गई थीं। इस महत्वपूर्ण वापसी की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान की गई, जिसने दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।1
- नितिन गडकरी एथेनॉल-पेट्रोल के विषय पर अपनी सफाई दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने साल 2070 का जिक्र भी किया।1
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की गुमला जिला कमेटी ने पार्टी को मजबूत करने के संबंध में अपनी बात रखी है। इस दौरान यह सवाल उठाया गया है कि क्या आगामी चुनावों में जयराम महतो मुख्यमंत्री बनेंगे, जिसके साथ आदिवासी समाज की ओर से एक बड़ा दावा भी किया गया है।1
- प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में, एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत रक्षा सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक समुद्री सुरक्षा रोडमैप तैयार किया गया, और भारतीय तटरक्षक बल तथा ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमांड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर हुए। यह भी तय किया गया कि 2028-29 के लिए ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक को आमंत्रित किया जाएगा। ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर, ऊर्जा सुरक्षा पर एक संयुक्त बयान जारी किया गया। असैन्य परमाणु समझौते के लिए एक प्रशासनिक व्यवस्था भी स्थापित की गई, जबकि एक रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग एकेडमी की शुरुआत की गई। साइबर सुरक्षा, आवश्यक प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए एक नई साझेदारी भी शुरू की गई। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में, फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु कैंपस) और विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट/अप्रूवल जारी किए गए। एसआरएफटीआई और ग्रिफिथ के बीच फिल्म स्कूल समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, और भारतीय कलाकृतियों को वापस लाने में भी सहायता मिली। खनन और विज्ञान के क्षेत्र में, खनन में उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर सहमति बनी, और भूवैज्ञानिक एजेंसियों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। ऑस्ट्रेलिया को भारत की पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी तक पहुंच भी प्रदान की गई। इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से अंडर-16 बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के विषय पर बात करते हुए कहा कि भारत इस मामले में ऑस्ट्रेलिया से सीख रहा है। यह टिप्पणी एक बड़ा संकेत दे रही है कि क्या पीएम मोदी भविष्य के लिए कोई बड़ा इशारा कर रहे हैं।1