आगरा: गन्ने की मशीन में उलझे लड़की के लंबे बाल, तेज आवाज के बीच उधड़ गई सिर की खाल, हालत गंभीर 20 साल की सुमन अपने रिश्तेदारों के साथ मेला घूमने गई थी। गोलगप्पा खाने के दौरान उसके लंबे बाल बगल में चल रही गन्ना जूस की मशीन में जा फंसे। ये मामला फतेहाबाद के गांव भीकनपुर का है। गरुवार दोपहर को 20 साल की युवती सुमन अपने संबंधियों के साथ गांव में लगे मेले में घूमने गई थी। युवती गोलगप्पे खा रही थी। युवती के बाल लंबे थे और खुल थे। इसके बराबर में ही गन्ने का जूस की स्टॉल लगी थी। मशीन गन्ने का जूस निकाल रही थी। तभी अचानक से युवती के बाल मशीन में बुरी तरह से फंस गए। मशीन चलती रही और युवती चीखती रही। मगर दुकानदार चालू मशीन को छोडकर भाग गया। मशीन की पावर इतनी थी कि युवती के बाल समेत सिर की खाल खींच गई। दुकान छोड़कर भाग गया जूस विक्रेता सुमन के चाचा विजेद्र सिंह ने बताया कि गन्ने के जूस की स्टॉल पर इतनी तेज आवाज हो रही थी कि उसने सुमन की चीख भी नहीं सुनीं। मशीन को रोका तक नहीं। वह चालू हालत में ही मशीन छोड़कर भाग गया। जब लोगों ने शोर मचाया तो मशीन को बंद किया गया। इस पूरे हादसे में जूस विक्रेता की घोर लापरवाही सामने आई है। सुमन की सिर खाल उखड़ने से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आगरा: गन्ने की मशीन में उलझे लड़की के लंबे बाल, तेज आवाज के बीच उधड़ गई सिर की खाल, हालत गंभीर 20 साल की सुमन अपने रिश्तेदारों के साथ मेला घूमने गई थी। गोलगप्पा खाने के दौरान उसके लंबे बाल बगल में चल रही गन्ना जूस की मशीन में जा फंसे। ये मामला फतेहाबाद के गांव भीकनपुर का है। गरुवार दोपहर को 20 साल की युवती सुमन अपने संबंधियों के साथ गांव में लगे मेले में घूमने गई थी। युवती गोलगप्पे खा रही थी। युवती के बाल लंबे थे और खुल थे। इसके बराबर में ही गन्ने का जूस की स्टॉल लगी थी। मशीन गन्ने का जूस निकाल रही थी। तभी अचानक से युवती के बाल मशीन में बुरी तरह से फंस गए। मशीन चलती रही और युवती चीखती रही। मगर दुकानदार चालू मशीन को छोडकर भाग गया। मशीन की पावर इतनी थी कि युवती के बाल समेत सिर की खाल खींच गई। दुकान छोड़कर भाग गया जूस विक्रेता सुमन के चाचा विजेद्र सिंह ने बताया कि गन्ने के जूस की स्टॉल पर इतनी तेज आवाज हो रही थी कि उसने सुमन की चीख भी नहीं सुनीं। मशीन को रोका तक नहीं। वह चालू हालत में ही मशीन छोड़कर भाग गया। जब लोगों ने शोर मचाया तो मशीन को बंद किया गया। इस पूरे हादसे में जूस विक्रेता की घोर लापरवाही सामने आई है। सुमन की सिर खाल उखड़ने से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- Jitendar tiwariसदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेशbhai gane wale ka to koi galti nahi hai21 hrs ago
- Lalita Deviघाघरा, गुमला, झारखंडउसकी मदद कीजिए जितना हो1 day ago
- Abdulrashidगढ़पुरा, बेगूसराय, बिहारsare aam khule balon ke sath aisa hi hona chahiye2 days ago
- Shailendra Yadav ShailendraShahjahanpur, Uttar Pradeshआरोपी गाने के जूस की मशीन वाला नहीं बल्कि वह लड़की खुद है क्योंकि मशीन के पास खड़ा होना कोई जरूरी था क्या3 days ago
- துரைசாமி துரைசாமிकरपी, अरवल, बिहारmi ni3 days ago
- Mohd Usaid AliBijnor, Uttar Pradeshkisi ne kaha tha kya baal khol kr jaye mele me.. isme ghalti us machine k malik se zyada us ladki ki h, wo golgappe khane me itni mahan thi k use hosh hi nhi tha k wo machine k kitne paas khadi h.3 days ago
- Paramjeet Singh Markhamऔदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़hi3 days ago
- लोकतंत्र के इतिहास में 17 अप्रैल, 2026 की वो तारीख, जब भारत एक महाशक्ति बनने की दहलीज पर खड़ा था। 131वां संविधान संशोधन विधेयक सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि हर भारतीय के वोट की कीमत बढ़ाने का ब्लूप्रिंट था। महिलाओं को 33% आरक्षण और लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का इरादा—ताकि शासन जनता के और करीब आ सके। 🇮🇳 लेकिन अफसोस, कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्ष ने देश के इस ऐतिहासिक सुधार का गला घोंट दिया। जहां एक सांसद पर 26 लाख लोगों का बोझ कम होकर 17 लाख होने वाला था, वहां विपक्ष के अड़ंगे ने विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।1
- आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के नगला वरी गांव में दबंगई का खौफनाक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि खेत में काम कर रही महिलाओं पर कुछ दबंगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि महिलाओं को घेरकर बेरहमी से पीटा गया और जमीन पर पटक-पटक कर लहूलुहान कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।3
- बीजेपी सरकार खराबी है क्योंकि अपना भला चाहती है वह 🥺🥺1
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी बदल दिए गए हैं। मुख्य अपडेट्स: अयोध्या के नए DM: बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी अब अयोध्या की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रमुख तबादले: अविनाश कुमार को अलीगढ़ और ईशा प्रिया को अंबेडकर नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। अन्य बदलाव: कविता मीणा को हापुड़ और अनुपम शुक्ला को गाजीपुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव: अयोध्या के पूर्व डीएम निखिल टीकाराम फुंडे अब मुख्यमंत्री के विशेष सचिव होंगे।1
- Post by Ramdeen1
- थाना अवागढ़, गांव शहनोआ… गांव में उस दिन धूप भी कुछ ज्यादा ही “तथ्यात्मक” थी—सब कुछ साफ दिख रहा था, बस सच छोड़कर। करीब 200 नौजवान मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नारे लगाते हुए थाने पहुंचे। हर मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार—जैसे लोकतंत्र की सीटें भी शेयरिंग पर चल रही हों। थाने में घुसते ही आवाजें गूंजने लगीं— “हमारे साथ अन्याय हुआ है!” “हम पर हमला हुआ है!” थानेदार साहब ने चश्मा ठीक किया और मन ही मन कहा— “आज फिर सच छुट्टी पर है… और कहानी ड्यूटी पर।” भीड़ में हर आदमी पीड़ित था, हर आदमी गवाह था, और हर आदमी अपनी-अपनी कहानी का हीरो भी। फर्क सिर्फ इतना था कि हर कहानी दूसरे से अलग थी। रिपोर्टर महोदय कैमरा लेकर पहुंचे। कैमरा ऑन हुआ… और सच ऑफ हो गया। अब शुरू हुआ एक नया अध्याय— “पहचान का प्रदर्शन” कैमरे के सामने हर कोई अपनी-अपनी पहचान, अपनी-अपनी जाति, अपने-अपने दर्द का बखान करने लगा। कोई बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम ये हैं…” दूसरा बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम वो हैं…” और तभी सवाल हवा में तैर गया— “आखिर हम अपनी ही पहचान को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हैं?” जब खुद बोलते हैं तो गर्व… और जब कोई दूसरा बोल दे तो अपमान? जाति, जो कभी पहचान थी, अब जैसे बहस का हथियार बन गई थी। हर कोई उसे ढाल की तरह भी इस्तेमाल कर रहा था… और तलवार की तरह भी। कैमरा सब रिकॉर्ड कर रहा था— सिर्फ चेहरे नहीं… सोच भी। एक बुजुर्ग, जो दूर खड़े सब देख रहे थे, धीरे से बोले— “पहचान से प्यार करो… लेकिन उसे लड़ाई का कारण मत बनाओ।” लेकिन उनकी आवाज भीड़ के शोर में खो गई। इसी बीच असली कहानी चुपचाप कोने से निकलकर आई— एक छोटी सी टक्कर… एक बच्चा… थोड़ी बहस… और फिर वही पुराना फार्मूला— “छोटी बात + भीड़ = बड़ा बवाल” शाम होते-होते सब थक चुके थे— लड़ाई से नहीं… अपनी-अपनी कहानी समझाते-समझाते। फिर वही हुआ जो अक्सर होता है— समझौता… शिकायत वापस… और “भाईचारा” फिर से इंस्टॉल। एक कड़वा सवाल कहानी खत्म हुई… लेकिन सवाल बाकी रह गया— क्या हम अपनी पहचान से प्यार करते हैं… या उसे दिखाने की होड़ में खुद को ही खो देते हैं? कैमरे के सामने अपनी जाति का बखान करना आसान है… लेकिन उसी पहचान के साथ दूसरे का सम्मान करना मुश्किल क्यों? अंत में… एक संदेश अगर आप इस कहानी की सच्चाई देखना चाहते हैं, तो सिर्फ शब्द मत पढ़िए… उन चेहरों को देखिए, उन आवाजों को सुनिए— जहां हर कोई अपनी पहचान को साबित करने में लगा था… और इंसानियत कहीं पीछे छूट गई थी।1
- *उप-शीर्षक:* बभनौली गांव की घटना, सास के इलाज के लिए दिल्ली गए थे परिजन, फॉरेंसिक टीम ने की जांच *बलिया,।* बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के ग्राम बभनौली में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। मकान मालिक के दिल्ली में होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने घर के मेन गेट समेत तीन कमरों और चार अलमारियों के ताले तोड़ डाले और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित के साले *रोहित कुमार चौबे*, निवासी गुलैची बाग, हनुमानपुर, थाना कोतवाली, बलिया ने बताया कि उनकी बहन की शादी बभनौली निवासी *पुनीत कुमार पाण्डेय*, पुत्र श्री अगव कुमार पाण्डेय से हुई है। लगभग 15 दिन पहले पुनीत की मां की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए थे। तभी से घर बंद था। *पड़ोसियों ने दी सूचना* दिनांक 20 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5:00 बजे पड़ोसियों ने पुनीत कुमार पाण्डेय, उम्र 38 वर्ष को फोन कर मेन गेट का ताला टूटा होने की सूचना दी। पुनीत ने तुरंत अपने साले रोहित कुमार चौबे को फोन किया। सूचना पर रोहित मौके पर पहुंचे तो देखा कि स्थानीय पुलिस व फॉरेंसिक टीम पहले से जांच कर रही थी। *7 ताले टूटे, सामान बिखरा मिला* मौके का नजारा देख परिजन दंग रह गए। चोरों ने मेन गेट का ताला तोड़ने के बाद घर के अंदर तीनों कमरों के ताले तोड़े। इसके बाद चार अलमारियों के ताले भी तोड़ डाले। पूरा सामान बेड और फर्श पर बिखरा पड़ा था। रोहित कुमार चौबे ने बताया कि उन्होंने ससुर *अशोक कुमार पाण्डेय* से बात की। अशोक पाण्डेय ने बताया कि चोरी गए गहनों व घर में रखी नकदी का आंकलन कर सूची बाद में देंगे। कितना नुकसान हुआ है, यह सूची बनने के बाद ही स्पष्ट होगा। *एफआईआर के लिए तहरीर* घटना को लेकर रोहित कुमार चौबे ने थाना कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में अज्ञात चोरों को पकड़कर चोरी गया माल बरामद करने का अनुरोध किया गया है।1
- आगरा के थाना एकता क्षेत्र के द्वारिका पुरी में पड़ोसियों के बीच हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़िता के अनुसार, वह अपनी मां के घर पहुंची थीं, तभी घर के सामने एक ऑटो खड़ा था। ऑटो हटाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि सैय्यद सलीम पक्ष के करीब 50 से 60 लोगों ने एकजुट होकर हमला कर दिया। हमलावरों ने घर की खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सामान में जमकर तोड़फोड़ की, साथ ही हरिओम तोमर के साथ मारपीट की गई। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 13 वर्षीय बेटी के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।3
- बीजेपी सरकार सबसे ज्यादा खराब है1