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नीमच के युवा कलाकार राहुल कुमार लोहार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अनूठी पेंटिंग बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले राहुल ने इस विशेष कलाकृति को तैयार करने के लिए बिना किसी रंग का उपयोग किए, केवल चाय का इस्तेमाल किया है। इस पेंटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन संघर्ष के साथ-साथ राम मंदिर, चंद्रयान मिशन, जी-20, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला योजना और वंदे भारत ट्रेन जैसी उनकी प्रमुख उपलब्धियों को भी बखूबी दर्शाया गया है। राहुल की इस अनूठी कला की स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों ने जमकर सराहना की है, और उनकी यह रचनात्मक कृति युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
नीमच के युवा कलाकार राहुल कुमार लोहार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अनूठी पेंटिंग बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले राहुल ने इस विशेष कलाकृति को तैयार करने के लिए बिना किसी रंग का उपयोग किए, केवल चाय का इस्तेमाल किया है। इस पेंटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन संघर्ष के साथ-साथ राम मंदिर, चंद्रयान मिशन, जी-20, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला योजना और वंदे भारत ट्रेन जैसी उनकी प्रमुख उपलब्धियों को भी बखूबी दर्शाया गया है। राहुल की इस अनूठी कला की स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों ने जमकर सराहना की है, और उनकी यह रचनात्मक कृति युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।1
- नीमच जिले के जमुनिया कला में लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला नामक व्यक्ति की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई है। इस दुखद घटना के कारण उनकी दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र में स्थित चारभुजा नाथ का मंदिर एक जाना-माना और प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर 'बड़े मंदिर' के नाम से भी विख्यात है, जहाँ हर साल हजारों भक्त दर्शन करने और धार्मिक लाभ प्राप्त करने आते हैं। इस चारभुजा मंदिर में विशेष रूप से हर पूर्णिमा के दिन हवन और पूजा का आयोजन किया जाता है, जिससे कई श्रद्धालु धर्म लाभ उठाते हैं।2
- मनासा के ग्राम भाटखेड़ी में शेषावतार मंदिर के सामने जमुनिया रावजी रोड पर देर रात घर के बाहर खड़ा एक महिंद्रा 575 ट्रैक्टर बुआई मशीन सहित अज्ञात चोरों ने चुरा लिया। किसान गोविंद पिता राधेश्याम पाटीदार ने रोज़ की तरह अपना ट्रैक्टर घर के बाहर खड़ा किया था, लेकिन सुबह जब वह बाहर निकले तो ट्रैक्टर अपनी जगह से गायब मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रोजाना नयापुरा और जमुनिया रावजी रोड पर गांव के युवा गश्त लगाते हैं, लेकिन पिछली रात गश्त नहीं लगी थी, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने मौका पाकर इस घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही सोमवार अल सुबह मनासा डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच शुरू की। पुलिस को एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी मिला है, जिसमें रात करीब 1 बजकर 15 मिनट पर दो अज्ञात व्यक्ति ट्रैक्टर के पास आते हैं, उसे स्टार्ट करते हैं और कच्चे रास्ते की तरफ से अल्हेड रोड पर निकल जाते हैं। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, पीड़ित किसान ने अपने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक द्वारा डंप किए गए औद्योगिक अपशिष्ट 'जेरोफिक्स' को हटाने की मांग को लेकर 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के बैनर तले चल रहा धरना बुधवार को 35वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों और स्थानीय आमजन ने प्रशासन तथा सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की, क्योंकि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद जहरीले अपशिष्ट को पूरी तरह हटाने की कार्रवाई संतोषजनक गति से नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अवैध तरीके से डाले गए इस अपशिष्ट के कारण क्षेत्र में आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। आंदोलनकारियों और बड़ीसादड़ी की जनता ने रेलवे व्यवस्था के बहिष्कार का आह्वान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र से जेरोफिक्स जैसा जहरीला अपशिष्ट नहीं हटाया गया, तो उन्हें ऐसे विकास कार्यों की आवश्यकता नहीं है, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा मंडराए; कुछ ग्रामीणों ने पटरियां हटाने तक की बात कही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन को और तेज करने तथा अपने हक व पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होने की चेतावनी दी। धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने जेरोफिक्स अपशिष्ट के कारण दूषित पानी की बढ़ती समस्या और इसके पशुओं पर पड़ रहे असर पर गंभीर चिंता जताई, आशंका व्यक्त की कि भविष्य में इसका आमजन के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवल अपशिष्ट हटाने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों की जांच कराने की भी मांग की ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। 'जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के अध्यक्ष रणजीत सिंह झाला ने जेरोफिक्स मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाने की मांग दोहराई है। समिति का कहना है कि अपशिष्ट हटाने के साथ-साथ यह भी तय होना चाहिए कि इतने बड़े स्तर पर औद्योगिक अपशिष्ट क्षेत्र में कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। समिति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित लगभग 10 हजार पोस्टकार्ड भी भेजे जा चुके हैं, जिनके माध्यम से बड़ीसादड़ी क्षेत्र की पर्यावरणीय समस्या को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक जेरोफिक्स अपशिष्ट पूरी तरह हट नहीं जाता और क्षेत्र की जनता को संतुष्टि नहीं मिलती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।1
- नीमच में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से ठीक पहले, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम स्थल के आसपास तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। विरोध प्रदर्शन के बीच, कांग्रेस नेता तरुण बाहेती सड़क पर लेट गए, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर काफी तनाव बढ़ गया। इस घटनाक्रम के दौरान, पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमा-झपटी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तरुण बाहेती समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते नीमच का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।1