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सोशल मीडिया पर कुछ रील्स वायरल होने से कोई भी व्यक्ति खुद को एजेंडाबाज़ इतिहासकार मानने लगा है। हाल ही में 1998 में मुलायम सिंह यादव के संसद में दिए गए एक बयान का संदर्भ बदलकर नफरत फैलाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, 2012 से 2016 के बीच उत्तर प्रदेश में होली-दिवाली पर बिजली कटौती के बारे में झूठ फैलाने वाले क्रिएटर्स का भी पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इन दावों का खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि इस अवधि के दौरान कोई भी असामान्य बिजली कटौती नहीं हुई थी। UPPCL के अनुसार, इन वर्षों में त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सामान्य रही। इस प्रकार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन भ्रामक रील्स के पीछे छिपे एजेंडाबाज़ इतिहासकारों की पोल खुलती है।
MDY News
सोशल मीडिया पर कुछ रील्स वायरल होने से कोई भी व्यक्ति खुद को एजेंडाबाज़ इतिहासकार मानने लगा है। हाल ही में 1998 में मुलायम सिंह यादव के संसद में दिए गए एक बयान का संदर्भ बदलकर नफरत फैलाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, 2012 से 2016 के बीच उत्तर प्रदेश में होली-दिवाली पर बिजली कटौती के बारे में झूठ फैलाने वाले क्रिएटर्स का भी पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इन दावों का खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि इस अवधि के दौरान कोई भी असामान्य बिजली कटौती नहीं हुई थी। UPPCL के अनुसार, इन वर्षों में त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सामान्य रही। इस प्रकार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन भ्रामक रील्स के पीछे छिपे एजेंडाबाज़ इतिहासकारों की पोल खुलती है।
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- हमीरपुर में सोमवार को मौदहा कस्बे के समाजवादी पार्टी कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मेजर जावेद पहलवान ने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. कलाम का जीवन सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और वैज्ञानिक सोच का प्रतीक था। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश को नई पहचान दिलाई और युवाओं को बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम का मानना था कि शिक्षा ही देश के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भी डॉ. कलाम ने अपनी सादगी और जनसरोकारों से लोगों का दिल जीता। उनका जीवन प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वक्ताओं ने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। श्रद्धांजलि सभा में सरफराज, तबरेज, अंशु सोनकर, मुन्ना मेंबर, कुर्बान अली, मन्नू, मेराजुद्दीन, राजू, ओवैस, फरीद, सलमान, रमेश वर्मा, जाहिद मसूद सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. कलाम के बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।1
- सोशल मीडिया पर कुछ रील्स वायरल होने से कोई भी व्यक्ति खुद को एजेंडाबाज़ इतिहासकार मानने लगा है। हाल ही में 1998 में मुलायम सिंह यादव के संसद में दिए गए एक बयान का संदर्भ बदलकर नफरत फैलाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, 2012 से 2016 के बीच उत्तर प्रदेश में होली-दिवाली पर बिजली कटौती के बारे में झूठ फैलाने वाले क्रिएटर्स का भी पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इन दावों का खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि इस अवधि के दौरान कोई भी असामान्य बिजली कटौती नहीं हुई थी। UPPCL के अनुसार, इन वर्षों में त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सामान्य रही। इस प्रकार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन भ्रामक रील्स के पीछे छिपे एजेंडाबाज़ इतिहासकारों की पोल खुलती है।1
- हमीरपुर के बिवांर कस्बे में स्थित सुप्रसिद्ध प्राचीन बड़ी माता मंदिर में इस वर्ष भी आषाढ़ माह के अंतिम सोमवार को एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल कन्या भोज, भव्य यज्ञ-हवन और पारंपरिक अछरी गायन का आयोजन हुआ, जिसमें पूरे क्षेत्र से आए भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आषाढ़ मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर सुबह से ही माता रानी के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। दोपहर में सबसे पहले विशाल कन्या भोज का शुभारंभ किया गया। इस भव्य आयोजन में कस्बे सहित पूरे क्षेत्र की कन्याओं को आदरपूर्वक आमंत्रित किया गया था। मंदिर समिति और स्थानीय सेवादारों ने पूरी श्रद्धा के साथ कन्याओं के पैर पखारे, उन्हें रोली-चंदन का तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया। इसके बाद सभी देवी स्वरूप कन्याओं को भरपेट भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। कन्या भोज के उपरांत मंदिर प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य यज्ञ और हवन का अनुष्ठान शुरू हुआ। विद्वान आचार्यों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पवित्र अग्नि में आहुतियां डालीं। यज्ञ की पूर्णाहुति के समय पूरा वातावरण "जय माता दी" के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित भक्तों ने यज्ञ की परिक्रमा कर क्षेत्र की सुख, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद आम भक्तों के लिए प्रसाद वितरण शुरू हुआ। इस धार्मिक उत्सव का मुख्य आकर्षण बुंदेलखंड का पारंपरिक 'अछरी गायन' रहा। कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित अछरी गायन की टीम ने बड़ी देवी माता प्रांगण में एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। देवी गीतों और माता की महिमा पर आधारित पारंपरिक भजनों को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। टीम के शानदार गायन ने पूरे माहौल को पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इस विशाल और पुनीत आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति के प्रमुख लोगों में शुभकरण यादव उर्फ बाबूजी, राजाराम कुशवाहा, रामरूप पाठक, गेंदा सिंह, राधेश सिंह, ब्रजकिशोर पाठक, वीरू सिंह तथा करण बाबा सहित भारी संख्या में अन्य गणमान्य लोग और सेवादार उपस्थित रहे। सभी ने व्यवस्थाओं को संभालने और आए हुए भक्तों की सेवा में सराहनीय योगदान दिया।1
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- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका पर चर्चा करना था। कार्यक्रम के तहत 'जिनका देश ऋणी है' थीम पर विमर्श किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने इस अवसर पर महान देशभक्त ए पी जे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। डॉ. भवानीदीन ने कहा कि कलाम जी सही मायने में भारत के मिसाइल मैन थे और वैज्ञानिक क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था और वे 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनकी राजनीतिक छवि भी अलग थी और वे सदैव देशसेवी सोच के रहे। उनका निधन 27 जुलाई 2015 को हुआ। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति, रामनरायन सोनकर, होरी लाल, रिचा, भोलू सिंह, सतेन्द्र, मुन्ना भदौरिया आदि शामिल रहे।1
- नौबस्ता पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए सख्त कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध यह कड़ा कदम उठाया गया है।1