जागरूकता उमंग कार्यक्रम जागरूकता उमंग कार्यक्रम में महिला थाना छिंदवाड़ा की निरीक्षक अरुणा वाहने, LHC/491 डिम्पल इनवाती एवं LHC/683 शकीला खान द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम में लगभग 200 से 300 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्राचार्य साहू सर तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी विषयों के संबंध में जागरूक किया गया, जिसमें— Good Touch एवं Bad Touch नशे से दूरी साइबर क्राइम एवं साइबर सुरक्षा महिला अपराधों से संबंधित जानकारी POCSO Act एवं बच्चों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित रहने, किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा अनुचित घटना की जानकारी अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को देने तथा साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। महिला थाना छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित इस जागरूकता पहल का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा, सजगता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
जागरूकता उमंग कार्यक्रम जागरूकता उमंग कार्यक्रम में महिला थाना छिंदवाड़ा की निरीक्षक अरुणा वाहने, LHC/491 डिम्पल इनवाती एवं LHC/683 शकीला खान द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम में लगभग 200 से 300 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर
प्राचार्य साहू सर तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी विषयों के संबंध में जागरूक किया गया, जिसमें— Good Touch एवं Bad Touch नशे से दूरी साइबर क्राइम एवं साइबर सुरक्षा महिला अपराधों
से संबंधित जानकारी POCSO Act एवं बच्चों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित रहने, किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा अनुचित घटना की जानकारी अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा
पुलिस को देने तथा साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। महिला थाना छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित इस जागरूकता पहल का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा, सजगता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
- खाद्य सुरक्षा और राजस्व दल ने की होटल ढाबो की जांच दुकानदारों को लाइसेंस बनाने का दिया निर्देश ** तामिया - स्थानीय नगर में खाद सुरक्षा अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम ने नगर में खाद्य पदार्थो और स्वच्छता की जांच की । इस जांच दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या मार्को,तामिया नायब तहसीलदार आशुतोष रामटेके,राजस्व निरीक्षक हरवंश ठाकुर,पटवारी शत्रुघ्न कुमरे शामिल रहे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या मार्को ने बताया कि मुख्य मार्ग स्थित प्रशांत ढाबा में खड़ी लाल मिर्च खराब मिली ,चॉकलेट खराब मिली ,छोले 1 किलो खराब मिले इसी के पास जय भोले ढाबा में फफूंद लगा नमकीन खराब मिला ,पनीर खराब मिला ,खी दूध सहित अन्य फूड सामग्री खराब मिली खाद विभाग ने कार्यवाही की।अंकिता रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कोई कमियां नहीं मिली बस स्टैंड तामिया में शेख़ रमजान की होटल में भारी गंदगी मिली जिसको लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 3 दिन होटल बंद कर सफाई करने के बाद होटल खोलने के निर्देश दिए वही राजा स्वीट मार्ट ओर गुप्ता होटल में साफ सफाई मिली इसी तरह साफ सफाई रखने के निर्देश दिए। गुपचुप वालो ,अंडे वालो को दुकान में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए ओर रद्दी पेपर का उपयोग नहीं करने के बारे में बताया सभी ठेले वाले ,फल वाले,नाश्ते वाले,अंडे वालो को बताया कि किसी भी आनलाइन वाले के पास जाकर फूड लाइसेंस बना ले जो कि निशुल्क बनता है1
- छिंदवाड़ा की जड़ी बूटी से विदेश में कर रहे इलाज डॉक्टर प्रकाश टाटा 8 दिनों में 15 देश में किया इलाज बनाया रिकॉर्ड छिंदवाड़ा के विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा के लिए एक अनोखा सफर पूरा किया है। पातालकोट की जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक चिकित्सा को दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचाने का उनका यह प्रयास चर्चा में है। छिंदवाड़ा के पातालकोट की औषधीय जड़ी-बूटियों को लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने महज 8 दिनों में 15 देशों की यात्रा पूरी की। पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, लक्जमबर्ग, बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी समेत कई देशों के इस दौरे का मकसद सिर्फ यात्रा करना नहीं, बल्कि वहां रह रहे मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श देना था। डॉक्टर प्रकाश टाटा के मुताबिक, इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान उन्होंने अलग-अलग देशों में मरीजों से मुलाकात की, उनकी नब्ज देखी, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराईं। खास बात यह रही कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद डॉक्टर टाटा मरीजों के साथ समय बिताते रहे। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और उन्हें मानसिक रूप से भी संबल देने का प्रयास किया। डॉक्टर प्रकाश टाटा इससे पहले भी कई देशों का दौरा कर चुके हैं और विदेशों में रहने वाले मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा और परामर्श देते रहे हैं। उनका कहना है कि मरीजों की सेवा और उनके साथ समय बिताना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कम समय में अधिक देशों की यात्रा के बावजूद उन्होंने उपचार और मरीजों से संवाद को प्राथमिकता दी।4
- छिंदवाड़ा में तेज बारिश और तूफान से फसल बर्बाद: खड़ी मक्के की फसल तेज हवा से जमीन में बिछी, किसानों ने की सर्वे और मुआवजे की मांग छिंदवाड़ा। जिले में मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारपुर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों का दावा है कि बड़ी मात्रा में फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ खेतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, जबकि किसान पप्पू मोहरे ने 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान बताया है। आंधी-तूफान में खेतों में लेट गई मक्के की फसल शिकारपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर किसानों की मक्के की फसल पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के इस तरह गिर जाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 70 से 80 फीसदी फसल नुकसान का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक करीब 70 से 80 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। वहीं किसान पप्पू मोहरे ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण करीब 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान है। छिंदवाड़ा में तेज बारिश और तूफान से फसल बर्बाद: खड़ी मक्के की फसल तेज हवा से जमीन में बिछी, किसानों ने की सर्वे और मुआवजे की मांग छिंदवाड़ा। जिले में मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारपुर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों का दावा है कि बड़ी मात्रा में फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ खेतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, जबकि किसान पप्पू मोहरे ने 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान बताया है। आंधी-तूफान में खेतों में लेट गई मक्के की फसल शिकारपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर किसानों की मक्के की फसल पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के इस तरह गिर जाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 70 से 80 फीसदी फसल नुकसान का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक करीब 70 से 80 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। वहीं किसान पप्पू मोहरे ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण करीब 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान है।1
- छिंदवाड़ा की धरती से आयुर्वेद की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो आपको हैरान भी करेगी और गौरवान्वित भी... महज 8 दिनों में 15 देशों का सफर, और इस पूरे सफर के दौरान मरीजों का उपचार... जी हां, छिंदवाड़ा के विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा के लिए एक अनोखा सफर पूरा किया है। पातालकोट की जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक चिकित्सा को दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचाने का उनका यह प्रयास चर्चा में है। छिंदवाड़ा के पातालकोट की औषधीय जड़ी-बूटियों को लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने महज 8 दिनों में 15 देशों की यात्रा पूरी की। पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, लक्जमबर्ग, बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी समेत कई देशों के इस दौरे का मकसद सिर्फ यात्रा करना नहीं, बल्कि वहां रह रहे मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श देना था। डॉक्टर प्रकाश टाटा के मुताबिक, इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान उन्होंने अलग-अलग देशों में मरीजों से मुलाकात की, उनकी नब्ज देखी, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराईं। खास बात यह रही कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद डॉक्टर टाटा मरीजों के साथ समय बिताते रहे। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और उन्हें मानसिक रूप से भी संबल देने का प्रयास किया। डॉक्टर प्रकाश टाटा इससे पहले भी कई देशों का दौरा कर चुके हैं और विदेशों में रहने वाले मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा और परामर्श देते रहे हैं। उनका कहना है कि मरीजों की सेवा और उनके साथ समय बिताना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कम समय में अधिक देशों की यात्रा के बावजूद उन्होंने उपचार और मरीजों से संवाद को प्राथमिकता दी।4
- पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया में दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में सैकड़ों आदिवासी किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा गया सामूहिक ज्ञापन पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया में दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में सैकड़ों आदिवासी किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा गया सामूहिक ज्ञापन फर्जी ग्रामसभा, बार-बार नोटिस और बिना ग्रामसभा की स्वतंत्र सहमति भूमि अधिग्रहण का आरोप; 7 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी छिंदवाड़ा | 22 सितम्बर 2026 पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया विकासखंड में प्रस्तावित दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में आज जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा में सैकड़ों आदिवासी किसान एवं प्रभावित ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश के नाम विस्तृत सामूहिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तामिया विकासखंड के 11 प्रभावित ग्रामों के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि और आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है तथा ग्रामसभाओं द्वारा परियोजना का विरोध किए जाने के बावजूद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। 11 ग्रामों के 1166 परिवार होंगे प्रभावित ज्ञापन के अनुसार दूधी सिंचाई परियोजना से लगभग 752.54 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है तथा 1166 आदिवासी परिवार विस्थापन की जद में हैं। प्रभावित ग्राम हैं— * पोंड़ी * पाठई * खुनिया * घमहरा * केवलारी * खापासानी * देहगांव कला * चावलपानी * नजरपुर कामठी * खेरीशेरगंजाना * बहेरी खुर्द ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र है, इसलिए यहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ग्रामसभा की भूमिका सर्वोपरि है। ग्रामसभा के निर्णय की अनदेखी का आरोप प्रभावित ग्रामसभाओं ने दावा किया कि पूर्व में आयोजित ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि दूधी सिंचाई परियोजना के लिए भूमि नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा बार-बार ग्रामसभा बुलाने, नोटिस जारी करने और पुनः सहमति लेने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। बार-बार नोटिस देकर मानसिक दबाव बनाने का आरोप ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कई बार नोटिस जारी कर ग्रामीणों को उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश ग्रामीण कानून की जानकारी से वंचित हैं और नोटिसों की भाषा से भय एवं मानसिक दबाव का वातावरण बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा ने उठाए संवैधानिक सवाल राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा (RKM) एवं JBD GROUP ने कहा कि पाँचवीं अनुसूची, PESA Act 1996, मध्यप्रदेश पेसा नियम 2022, वन अधिकार अधिनियम 2006 तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन किए बिना भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। संगठन ने मांग की कि ग्रामसभा की स्वतंत्र, पूर्व एवं सूचित सहमति के बिना किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाए। किसानों की प्रमुख मांगें ज्ञापन में प्रशासन से निम्न प्रमुख मांगें की गईं— * दूधी सिंचाई परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की समस्त कार्रवाई तत्काल स्थगित की जाए। * पूर्व में पारित ग्रामसभा प्रस्तावों को विधिक मान्यता दी जाए। * किसी भी ग्रामसभा की कार्यवाही वीडियो रिकॉर्डिंग एवं सार्वजनिक सूचना के साथ पारदर्शी तरीके से कराई जाए। * कथित फर्जी ग्रामसभा और सहमति की स्वतंत्र जांच कराई जाए। * प्रभावित ग्रामीणों को जारी सभी नोटिस वापस लिए जाएं। * संबंधित अधिकारियों द्वारा दबाव और डराने-धमकाने की शिकायतों की जांच की जाए। * प्रत्येक प्रभावित ग्राम में संविधान, पेसा कानून एवं भूमि अधिग्रहण कानून पर जनसुनवाई आयोजित की जाए। 7 अक्टूबर से जनआंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि 7 अक्टूबर 2026 तक प्रशासन द्वारा लिखित रूप से उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन, विशाल ग्रामसभा, पारंपरिक आदिवासी पंचायत सम्मेलन और जिला स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेंगे। बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी रहे उपस्थित आज कलेक्ट्रेट में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों से सैकड़ों किसान एवं आदिवासी ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा एवं JBD GROUP की ओर से देवरावेन भलावी (संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष), कृष्णा सल्लाम, तुलसी धुर्वे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जारीकर्ता समस्त किसान दूधी परियोजना के विरोध में एवं राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा (RKM) JBD GROUP युवा एवं छात्र संगठन जिला इकाई – छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) एकता • संघर्ष • अधिकार • सम्मान4
- लोकेशन_गरठिया/बंडोल नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी....?(२२९२६) गरठिया में अवैध शराब के विरोध में महिलाओं की रैली गरठिया में अवैध शराब के विरोध में महिलाओं की रैली बिक्री पर रोक लगाने की मांग, पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की अपील बंडोल थाना क्षेत्र के ग्राम गरठिया में अवैध शराब और कच्ची शराब की बिक्री के विरोध में महिलाओं ने रैली निकालकर विरोध जताया। बड़ी संख्या में महिलाएं रैली में शामिल हुईं और गांव की गलियों में भ्रमण कर अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं का कहना है कि गांव में अवैध रूप से शराब की बिक्री होने से परिवारों पर इसका असर पड़ रहा है। शराब के कारण घरों में विवाद की स्थिति बनने के साथ ही सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। महिलाओं ने विशेष रूप से युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई। रैली के माध्यम से महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन का ध्यान गांव में चल रही अवैध शराब बिक्री की ओर आकर्षित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गांव में शांतिपूर्ण और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाना जरूरी है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि अवैध शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रूप से रोक लग सके4
- Seoni News: कुरमुंडो नाला के पास बदहाल सड़क, राहगीरों की बढ़ी परेशानी1
- जागरूकता उमंग कार्यक्रम जागरूकता उमंग कार्यक्रम में महिला थाना छिंदवाड़ा की निरीक्षक अरुणा वाहने, LHC/491 डिम्पल इनवाती एवं LHC/683 शकीला खान द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम में लगभग 200 से 300 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्राचार्य साहू सर तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को महत्वपूर्ण सामाजिक एवं कानूनी विषयों के संबंध में जागरूक किया गया, जिसमें— Good Touch एवं Bad Touch नशे से दूरी साइबर क्राइम एवं साइबर सुरक्षा महिला अपराधों से संबंधित जानकारी POCSO Act एवं बच्चों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित रहने, किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा अनुचित घटना की जानकारी अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को देने तथा साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। महिला थाना छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित इस जागरूकता पहल का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा, सजगता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।4